Antarvasna फुद्दि की प्यास–2

मैं अम्मी को इस तरह नंगा अपने सामने देख के भूल ही गया कि मैं कहाँ हू और क्यो आया हू Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai
अम्मी ने जब देखा कि मैं सिर्फ़ उन को घुरे ही जा रहा हू तो उन को एहसास हुआ कि वो अपने बेटे के सामने नंगी खड़ी हैं और वो फॉरन वॉशरूम की तरफ भागी भागते हुए उन की बड़ी गान्ड का नज़ारा देखने के काबिल था क्या बताऊ
अम्मी के वॉशरूम मे जाते ही मैं भी वहाँ से वापिस निकल कर घर को चल दिया मेरे दिमाग़ मे आँधी चल रही थी
और मैं ये सोचता हुआ चला जा रहा था कि मैने ये जो भी देखा है क्या वो सच था . क्या मेरी मा इस हद तक भी गिर सकती है लेकिन कोई भी जबाब नही था मेरे पास समझ नही रहा था कि मैं क्या करू .

यही सोचते हुए मैं घर के नज़दीक बने एक पार्क मे बैठ गया . मेरा घर जाने को दिल नही कर रहा था शाम तक वहाँ ही बैठा रहा और फिर उठ कर सफ्दर के घर चला गया और 2 दिन तक उस के घर मे ही रहा . वहाँ टाइम निकाल के उस की बेहन भी आ जाती जिसे हम दोनो मिल के चोदा करते.

2 दिन के बाद सफ्दर ने कहा कि यार क्या बात है 2 दिन हो गये हैं तू अपने घर नही गया मैने कहा कि आज जाउन्गा
कह तो दिया था कि आज जाउन्गा लेकिन घर जाने को दिल नही कर रहा था. फिर शाम को मैं उठा और हिम्मत कर के घर चला गया घर जाते ही अपी ने कहा कि भाई कहाँ थे तुम 2 दिन से हम सब कितना परेशान थे और मुझे अपने सीने से लगा लिया . अपी के सीने से लग के मुझे एक अजीब सा मज़ा आने लगा दिल कर रहा था कि मैं अपी को यों ही अपने साथ लिपटाये रखू कि तभी वहाँ अम्मी आ गईं मुझे देखते ही आगे बढ़ी और कहा कि बेटा कहाँ चला गया था मैने कोई जबाब नही दिया . और अम्मी को घूरते हुए रूम मे चला गया मैने रात का खाना भी नही खाया और लेटा रहा अली भी आ गया था रूम मे और हम सोने ही लगे थे कि अम्मी ने अली को बुलाया .

अली आया अम्मी कहता हुआ चला गया लेकिन वापिस नही आया और मैं सो गया रात को 2 बजे के करीब मेरी आँख खुली तो अम्मी मुझे उठा रही थी . मेरे उठते ही अम्मी ने कहा बेटा मुझे माफ़ कर दो .

मैने कहा कि अम्मी किस बात के लिए माफ़ करू मैं आप को
अम्मी ने कहा प्लज़्ज़्ज़ बेटा माफ़ कर दो
मैने कहा कि अगर माफी माँगनी ही है तो अब्बू से माँगो जिन को आप धोका दे रही हो
अम्मी की आँखों से आँसू निकलने लगे और कहने लगी बेटा तुम तो माफ़ कर दोप्लज़्ज़्ज़्ज़
मैने कहा सॉरी अम्मी सुबह अब्बू को सब बता के फिर बात हो गी
अम्मी मेरे पावं मे बैठ गईं और कहने लगी कि अगर तुम ने अपने अब्बू को कुछ भी बताया तो मैं कहीं की नही रहूंगी गीपल्ज़्ज़्ज़्ज़ मुझे माफ़ कर दो मैं दोबारा ऐसी कोई ग़लती नही करूँगी.
अम्मी को मेरे पैर पकड़े देख के मुझे अच्छा नही लगा तो मैने कहा कि अम्मी आप अभी जाओ मैं सोचता हू कि क्या करू
अम्मी ने कहा कि बेटा अगर तुम मुझे माफ़ कर दो और अपने अबू को कुछ नही बताओ तो मैं तुम्हारी हर बात माना करूँगी.
मैने कहा ओके अभी आप जाओ बाद मे बाते करेंगे और अम्मी अपने आँसू साफ करती हुई चली गईं

अम्मी के जाने के बाद मैं काफ़ी देर सोचता रहा कि क्या करू क्योकि अगर मैं अब्बू को बता देता तो वो शायद अम्मी को तलाक़ दे देते और हमारी हर जगह बदनामी ही होती इसी लिए मैने अब्बू को ना बताने का फ़ैसला किया और सो गया
सुबह मुझे अपी ने उठाया और मैं उठ के नहाने चला गया जब नहा के वापिस लौटा तो अपी डोगी स्टाइल मे बेड के नीचे से सफाइ कर रही थी और मैं वहीं खड़ा हो के अपी की खूबसूरत और बाहर को निकली हुई गांद को देखने लगा जिसे देख मेरा लंड खड़ा हो गया. कि तभी अपी ने सफाइ ख़तम कर के उठी तो उन की नज़र मेरी नज़र से मिली तो अपी ने कहा कि तुम कब आए .

मैने कहा कि अपी अभी आया ही हू तभी बाजी ने मेरी सिलवार मे बने तंबू को देखा और फिर मेरी तरफ देख के बाहर चली गई . मैने दिल मे सोचा कि ये क्या अपी तो लगता है नाराज़ हो के चली गई हैं . फिर नेलु मेरे रूम मे आई और कहा कि भाई अम्मी कह रही हैं कि नाश्ता कर लो मैने कहा कि अच्छा तुम चलो मैं आता हू

मैं जब किचॅन मे गया तो वहाँ अम्मी ही थीं मैं बैठ के नाश्ता करने लगा तो अम्मी ने कहा कि क्या सोचा
मेरे मुँह से अचानक निकल गया कि आप मेरे लिए क्या कर सकती हो तो अम्मी का बुझा हुआ चेहरा एक दम खिल गया
अम्मी ने कहा कि तुम जो कहो गे मैं करूँगी बस किसी को बताना नही प्लज़्ज़्ज़्ज़
मैने कहा कि ठीक है जब कोई घर मैं ना हो तब बात करेंगे. और मैं नाश्ता कर के उठ गया दोपहेर के खाने के बाद हम सोने लगे तो अम्मी आ गई और कहा कि अली तुम जाओ अपी के पास सो जाओ अम्मी की बात सुन के अली चला गया
अली के जाते ही अम्मी ने कहा नसीर सोना नही मैं बाद मे आउन्गि फिर बताना कि तुम क्या चाहते हो .

अम्मी के जाने के बाद मैं सोचने लगा कि अम्मी से क्या कहू कि वो क्या करें मेरे लिए लेकिन कुछ भी समझ नही आ रहा था फिर मैं आराम से लेट गया कि जब अम्मी आएगी तब देखा जाएगा .

3 बजे के करीब अम्मी आ गई और मैं उठ के बैठ गया
अम्मी भी मेरे पास आ के बैठ गई मुझे कुछ भी समझ नही आ रहा था कि मैं अम्मी से क्या बात करू
फिर अम्मी ने कहा कि नसीर बताओ तुम क्या चाहते हो लेकिन मैं चुप रहा
अम्मी ने फिर पूछा तो मैने कहा कि अम्मी आप ये सब क्यो करती हो तो अम्मी ने कहा कि नसीर तुम इन बातों को छोड़ो और ये बताओ कि तुम क्या चाहते हो
मैने कहा कि मैं ये ही चाहता हूँ कि आप ये सब छोड़े दो
अम्मी ने मेरी बात का कोई जबाब नही दिया और चुप चाप बैठी रहीं
मैने कहा कि अम्मी क्या हुआ तो अम्मी ने कहा कि नसीर तुम इस नशे को नही जानते ये बहुत बुरा नशा है
मैने कहा कि अम्मी आप कोशिस तो करो मैं आप का साथ दूँगा .
मेरी बात पे अम्मी कुछ देर मुझे देखती रही और ये कहते हुए कि क्या तुम ने कभी किसी के साथ किया है
तो मैने अपना सर झुका लिया लेकिन कहा कुछ नही
अम्मी ने कहा कि ठीक है मैं चलती हूँ और अम्मी चली गई

अम्मी के जाने के बाद दिल मे आया कि अगर अम्मी बाहर जा के ये सब करना नही छोड़ेंगी तो लोगों को जैसे जैसे पता चले गा वैसे ही हमारी बदनामी हो गी . ये सब सोचते हुए मेरे दिमाग़ मे सफ्दर की कही हुई बात याद कि फुददी और लंड का कोई रिश्ता नही होता वो अंधे होते हैं . लंड की कोई बेहन या मा नही होती वो सिर्फ़ फुद्दि माँगता है ये ही हाल फुद्दि का भी है . मैने सोचा कि अगर मैं घर मे ही अम्मी को संतुष्ट कर दूँ तो वो बाहर नही जाएँगी . मैं ये सब सोच के मुझे सकून आ गया और फिर ये बात कि अम्मी को कैसे मनाया जाय इस काम के लिए.

शाम 6 के करीब मैं रूम से निकला देखा तो अली खेलने जा चुका था और नैइला और नेलु साथ वाली आंटी के घर थी मैने किचॅन मे देखा तो अम्मी वहाँ अकेली थीं. मैं जा के अम्मी के पीछे खड़ा हो गया और अम्मी की गान्ड को घूर्ने लगा इस काम मे मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था. कि तभी अम्मी ने कहा नसीर क्या चाहिए तो मैं कुछ नही बोला और सीधा अम्मी को पीछे से लिपट गया और कहा कि अम्मी आप बाहर ये काम ना किया करो .

अम्मी ने कहा कि तुम्हारे अब्बू को छोटी उमर की लड़कियाँ पसंद हैं वो तो मेरी तरफ देखते नही तो फिर मुझे बताओ कि मैं क्या करूँ.
मेरे पीछे से लिपटने की वजह से अम्मी की गांद मे मेरा लंड चुभने लगा लेकिन अम्मी ने ऐसे शो किया कि उन्हे कुछ भी पता ना लगा हो.
मैने कहा कि अम्मी फिर भी आप को बदनामी से डर नही लगता और साथ ही अपने खड़े लंड को अम्मी की गान्ड पे दबा दिया
अम्मी ने कहा कि बेटा क्या करूँ मुझे भी अच्छा नही लगता लेकिन मजबूरी है
मैने कहा कि अम्मी अगर आप को घर मे सकून मिल जाय तो क्या आप फिर भी बाहर जाओ गी
अम्मी ने कहा कि क्या मतलब
इस से पहले कि मैं कुछ कहता बाहर से किसी के चलने की आवाज़ आई
और फिर मैं जल्दी से पीछे हो गया और अपने लंड को सेट किया ता कि किसी को पता ना लगे
बाहर अपी थी वो आंटी के घर से आ गई थी

मैं घर से बाहर निकल आया और घर के नज़दीक ही पार्क मे बैठ गया
और सोचने लगा कि अगर अम्मी रात को मेरे पास आई तो मैं उन से बात करूँगा
लेकिन अम्मी रात को नही आई सुबह नाश्ते के बाद अली अपने दोस्तों के साथ निकल गया और अबू भी कहीं निकल गये अम्मी अपी और नेलु भी आंटी के घर के लिए निकल गईं. और मैं घर मे अकेला ही रह गया कि कुछ देर के बाद बाहर के डोर को किसी ने खट खटाया मैने जा के देखा तो वहाँ ज़ारा खड़ी थी आंटी मुक़दास की बेटी जिन के घर अम्मी और मेरी बहने गईं थी
मैने उसे देखते ही कहा कि ज़ारा अम्मी और बहने तो चली गईं आप के घर
तो उस ने मुझे एक अजीब सी स्माइल देते हुए कहा कि मुझे पता है

मैने कहा तो फिर
ज़रा ने कहा कि नसीर भाई क्या मैं आप से मिलने नही आ सकती
मैने कहा हां क्यो नही लेकिन तुम्हारे घर मे तो मिलाद हो रहा है ना
ज़ारा ने कहा कि हां लेकिन मैं अम्मी को ये बता के आई हूँ कि मैं अपनी सहेली के घर जा रही हूँ
मैने कहा लेकिन क्यो तो वो बोली कि नसीर भाई अंदर तो आने दो फिर बताती हूँ
मैने कहा कि अच्छा आ जाओ
वो अंदर आते ही बोली कि नसीर घर मे और कॉन है
मैने कहा कोई नही
तो उस ने कहा कि फिर मुझे अंदर क्यो नही आने दे रहे थे
मैने कहा कि मैने तुम्हे अंदर आने से कब मना किया है
तो वो बोली अच्छा छोड़ो और सूनाओ क्या हो रहा था अकेले बैठ कर
मैने कहा कुछ नही बोर हो रहा था अभी बाहर ही निकलने वाला था कि तुम आ गई
ज़ारा ने कहा नसीर क्या तुम अपनी गर्ल फ्रेंड से मिलने जा रहे थे
मुझे एक झटका लगा ज़ारा की बात पे मैने कहा कि ज़ारा ये तुम क्या कह रही हो
ज़ारा ने कहा मैं तुम्हारी गर्ल फ्रेंड का ही तो पूछ रही हूँ इतना घबरा क्यो रहे हो
मैने कहा मेरी कोई गर्ल फ्रेंड नही है तो उस ने कहा कि मुझे बनाओगे
मैं तो एक लम्हे के लिए हड़बड़ा सा गया कि ये क्या कह रही है मैने कहा कि ज़रा तुम्हे कोई शरम भी है कि नही तुम्हे पता है तुम क्या कह रही हो .
ज़ारा ने कहा कि हां मुझे पता है कि मैं क्या कह रही हूँ
मैने कहा लेकिन ज़ारा ने कहा कि लेकिन वेकीन कुछ नही बस इतना बताओ कि क्या मुझे अपनी गर्ल फ्रेंड बनाओगे
मैं जब चुप रहा तो वो मेरे पास आ के बोली क्या मैं खूबसूरत नही हूँ
मैने कहा कि नही ऐसी कोई बात नही है ज़ारा ने कहा कि फिर क्या बात है मैने कहा कि मैने कभी कोई गर्ल फ्रेंड नही बनाई

तो ज़रा ने कहा कि फिर मुझे बना लो
मैने कहा कि गर्ल फ्रेंड बना के क्या करूँगा तो ज़ारा ने कहा कि ये भी मुझे ही बताना पड़े गा क्या .
मैं अब सिर्फ़ ज़ारा से मस्ती कर रहा था कि ज़ारा जो कि मेरे पास ही खड़ी थी एक दम से मुझे पकड़ लिया और किस करने लगी.

मैं ज़ारा की इस हरकत से बोखला गया था
लेकिन फिर भी पीछे नही हटा और उस की किस के जबाब मे अपनी ज़ुबान उस के मुँह मे डॉल दी
कुछ देर यों ही किस करने के बाद ज़ारा पीछे हटी और मुझे देखने लगी
लेकिन मैने फिर से ज़ारा को पकड़ लिया और किस करने लगा किस करने के बाद ज़ारा को कहा कि रूम मे चलें
तो उस ने कहा क्या बात है भोलू राम तुम तो बड़े तेज़ जा रहे हो
मैने कहा कि ये तुम्हारी हो वजह से है जान और वो हँसती हुई मेरे रूम मे आ गई.
रूम मे आते ही मैं उस पे टूट पड़ा क्योकि लाइफ मे पहली बार कोई 21 साल की लड़की चोदने को मिल रही थी मेरा लंड तो इतना टाइट हो गया था कि लगता था अभी फॅट ही जाएगा .
फिर मैने अपने और ज़ारा के कपड़े भी उतार दिए और ज़ारा को बेड पे गिरा दिया और उस के बूब्स पे टूट पड़ा मैं उस के बूब्स को चूस और दबा रहा था.
मुझे बहुत मज़ा आ रहा था ज़ारा मेरे सर को अपने बूब्स पे दबा रही थी और यही कह रही थी कि हान्न्न्न्न इसी तरहााअ प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़्ज़ चूसूऊऊऊऊऊऊऊऊऊओ नाआआआआआअ बहुत्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त्त खुजलीईईईईईईईईईईईइ होतीईईईईई हाइईईईईईईईईईईईई मेरे राज्ज्जज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्जा
कुछ देर के बाद मैं उठा और उस की टाँगे उठा लीं और खुद उन के सैंटर मे आ गया और अपने लंड को थूक लगा के उस की फुद्दि पे रखा और एक ज़ोर का झटका दिया मेरा लंड बड़ी आसानी से ज़ारा की फुद्दि मे चला गया तो मुझे बड़ी हैरानी हुई.

मैने ज़ारा की तरफ देखा तो उस ने कहा कि टेंशन ना लो और अपना काम करो मैने सोचा कि जो लड़की यों ही चुदने के लिए तैयार हो वो कुँवारी तो नही हो सकती. लेकिन एक बात थी मुझे ज़ारा की फुदी मे मज़ा भी आ रहा था
मैने सारी सोचों को एक तरफ रखा और ज़ारा की फुद्दि को पूरी ताक़त लगा के मारने लगा जिस से ज़ारा की सिसकियाँ निकलने लगीं.
अहह उनम्म्ममम हाईईईईईईईईई नसीर्र्र्र्ररर मज़ा आ रहा हाईईईईई चोदूऊऊऊऊऊऊऊऊओ मज्ज्जाआआआआआआआआआ हाइईईईईईईईईईईईई तेजज़्ज़्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज्ज चोदूऊऊऊऊऊऊऊऊओ
मैने अपनी स्पीड मे कोई कमी नही आने दी और इसी तरह तेज़ तेज़ झटके लगाता रहा कि तभी ज़ारा मुझ से लीपटने लगी और कहने लगी कि नसीर्र्र्ररर तुम्हारा बहुत शानदार हाईईईईईईईईईई मैं गैिईईईईईईई अहह और इस के साथ ही वो फारिघ् हो गई. और सीधी लेट गई मैं भी कुछ देर के बाद फारिघ् हो गया उस की फुदी मे और उठ के वॉशरूम चला गया वापिस आया तो ज़ारा चली गई.

जब ज़ारा वॉशरूम से बाहर आई तो उस ने कहा कि नसीर मैं चलती हू इस से पहले कि कोई आ जाय और वो निकल गई
उस के जाने के 15 मिंट के बाद अम्मी भी आ गई और मुझे देखते ही मुस्कुराने लगी और कहा कि हां नसीर सकूँ मिला
तो मैं अम्मी की बात सुन के कुछ भी नही बोल पाया. मैं समझ गया था कि ज़ारा को अम्मी ने ही भेजा था
मैने मोके का फ़ायदा उठाने की सोची अभी घर मे कोई नही है अम्मी के अलावा और मैं मुस्कुराते हुए अम्मी के सीने से लग गया और अम्मी को एक किस भी कर दी छोटी सी होंटो पे. इस से पहले क अम्मी कुछ कहतीं या मैं कुछ और करता कि तभी मेन दरवाज़ा किसी ने खटखटा दिया