Antarvasna पड़ोस की युवती

मेरा नाम जय है.. मैं मथुरा का रहने वाला हूँ। बात उस समय की है.. जब मैं 23 का था।
Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai मैं एक दिन घर पर अकेला टीवी देख रहा था.. तभी किसी ने मेरे घर की बेल बजाई। मैंने देखा तो मेरे पड़ोस की युवती डॉली थी.. 20-21 साल की अविवाहिता, पढ़ाई पूरी करने के बाद घर पर ही रहती थी, उसने काले रंग का गाउन पहना हुआ था। सुबह का समय था तो शायद व़ो नहा कर आई होगी.. उसके लंबे काले भीगे बाल देख कर और उसके संतरे जितने मम्मे देख कर मेरा 6 इंच के शेर ने हुंकार मारी।

डॉली ने मुझसे कहा- मेरे बेडरूम में चूहा घुस गया है.. प्लीज़ निकालो उसे.. मुझे बहुत डर लग रहा है.. मैं घर पर अकेली हूँ.. पापा मम्मी भी नहीं हैं.. वे गाँव गए हैं.. दो दिन बाद आने वाले हैं.. प्लीज़ निकालो उसे.. नहीं तो रात में सो ही नहीं पाऊँगी।

मैं उसके घर गया.. तो देखा वो चूहा बहुत बड़ा था.. फिर भी हमने बड़ी मेहनत से उसे भगाया और मैं वहाँ से घर आ गया।
लेकिन चूहा पकड़ने के दौरान उसकी चूचियाँ देख-देख कर मेरी हालत ख़राब हो गई थी।
तो मैंने घर आते ही उसके नाम की खूब मुट्ठ मारी..

दिन भर सोच ही रहा था.. तभी डॉली शाम को वापस आई और बोली- प्लीज़ अगर आपको कोई दिक्कत न हो तो मैं आपके घर सो सकती हूँ क्या?
मैंने तो तुरंत ‘हाँ’ कर दी।
मेरे घर पर कोई नहीं था.. जबकि मेरा घर 2 कमरे का है.. पर वो अकेले सोने में डर रही थी इसलिए हम दोनों एक ही कमरे में सो गए, वो मेरे बाजू में सो गई।

करीब 11-11:30 बजे उसका हाथ मेरे ऊपर आ गया।
मैं तो जाग रहा था.. लेकिन वो शायद नींद में थी, मैंने भी अपना हाथ उसके ऊपर डाल दिया।

थोड़ी देर के बाद मैंने हाथ को उसके पेट पर फेरना चालू किया.. तो उसने करवट बदली और मेरी तरफ देखा.. मैं डर गया।
फिर उसने भी मेरे पीठ पर हाथ रख लिया.. मुझे लगा शायद नींद में करवट बदली होगी.. तो मैंने भी उसके पीठ पर हाथ डाल दिया और उसे धीरे-धीरे सहलाने लगा।

उसकी आँखें अभी भी बंद थीं.. तो मेरी हिम्मत बढ़ गई। फिर मैंने धीरे-धीरे अपना हाथ उसकी जाँघों पर ले आया और उसे सहलाने लगा।
थोड़ी देर बाद मुझे उसकी ‘उहह..उह..’ की आवाज सुनाई देने लगी।
मैंने देखा तो डॉली जाग चुकी थी.. तो मैंने हाथ हटा लिया।
वो बोली- प्लीज़ हाथ मत हटाओ.. ऐसे ही करो ना.. मज़ा आ रहा है।

मेरी हिम्मत बढ़ गई.. तो मैंने उसे खींच कर अपने गले से लगते हुए उसके होंठों पर अपने होंठ रख के उसके होंठों को चूसना चालू किया।
हाय.. क्या मस्त रसीले होंठ थे उसके.. करीब 10 मिनट चूसने के बाद वो काफी गर्म हो चुकी थी।

फिर मैंने उसके मम्मे दबाने चालू किए.. तो वो सिसकारियां निकालने लगी। फिर मैंने उसके गाउन के हुक खोलकर उसे निकाल दिया.. अन्दर उसने ब्रा व पैन्टी नहीं पहने थी।
उससे इसका कारण पूछने पर उसने बताया- मैं रोज ऐसे ही सोती हूँ..

उसका सांवला बदन जीरो वाट के बल्व की रोशनी में मस्त दिख रहा था, गोल-गोल संतरे के जैसे उसके मम्मे और मटर के दाने जैसे निप्पल देखकर मेरा लंड मेरे पजामे में फटने लगा।
उसकी चुनमुनिया तो लाजवाब थी.. एकदम साफ और कसी हुई..

मैंने जैसे ही उसे छुआ.. वो मचलने लगी।
मैंने एक उंगली से उसकी चुनमुनिया का जायजा लिया, वो गीली हो चुकी थी। मैंने धीरे से उसकी चुनमुनिया को खोला.. वो एकदम गुलाबी थी और गीली होने की वजह से चमक रही थी।
मुझसे रहा नहीं गया और मैं उस पर भूखे शेर की तरह झपट पड़ा और उसे चाटने लगा।

वो पागल हो गई.. उसने मेरे कपड़े उतारे और जैसे ही उसने मेरा 6 इंच लंबा 2 इंच मोटा लंड देखा.. तो डर के मारे बोली- इससे तो मेरी माँ की भी फट जाएगी..
मैंने कहा- तू आज मजा ले.. माँ को बाद में चोदूँगा।
फिर हम एक-दूसरे को चाटते-चूसते हुए 69 की अवस्था में आ गए।
करीब 15 मिनट बाद हम एक-दूसरे के मुँह में झड़ गए।

बाद में थोड़ी चुम्मा-चाटी के बाद मैंने अपना लंड उसकी चुनमुनिया पर रगड़ा.. तो वो मचलते हुए बोली- प्लीज़.. अब रहा नहीं जाता.. डालो इसे.. और फाड़ दो मेरी चुनमुनिया को.. साली कब से चुदने को लंड ढूँढ रही थी.. आज इसकी भोसड़ी बना दो।

मैंने भी देर ना करते हुए धक्का मारा.. तो लंड 2-3 इंच अन्दर घुसा ही था कि उसकी चीख निकल गई- उई माँ.. मार दिया.. हरामजादे… निकाल.. फट गई मेरी..

मैंने भी एक और धक्का लगाया और कहा- रांड.. साली.. लंड खाने की खुजली है ना.. तो ले भैन की लौड़ी.. और ले..
यह कह कर मैंने पूरा लंड उसकी चुनमुनिया में उतार दिया।

थोड़ी देर बाद उसने अपने चुनमुनियाड़ों को उचकाने शुरू किए और मज़ा लेते हुए बोली- आह्ह.. हाँ.. अब फाड़ मेरी.. आहह.. उहह.. आहह.. यस्स्स्स.. और मारो.. मेरी चुनमुनिया को.. इतना फाड़ो कि मेरी माँ की चुनमुनिया भी इसके सामने कसी हुई लगे.. चोद मेरे राजा..
अब वो अपनी गांड उठा-उठा कर चुदवा रही थी।
दस मिनट बाद वो झड़ गई।

फिर मैंने भी अपनी गति बढ़ाते हुए उसकी चुनमुनिया में मेरा सारा लावा उगल दिया और थोड़ी देर लंड चुनमुनिया में डाले हुए उस पर पड़ा रहा। बाद में हम अलग हुए.. तो देखा उसकी चुनमुनिया खून से लथपथ हो गई थी।

फिर हमने बाथरूम में जाकर एक दूसरे को अच्छे से साफ किया और वापस बिस्तर पर आए।
थोड़ी देर बातें की.. और फिर दूसरा राउंड लिया।
इस तरह उसे पूरी रात में 3 बार चोदा और उसकी गांड भी मारी।