Antarvasna अमीना की मस्ती–2

जय की जीभ के बार-बार चूत चाटने से एक सरसराहट अमीना के जिस्म में दौड़ी Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai अपने होंठ काटते हुए अमीना जय का मुँह जोर से अपनी चूत पे दबाते हुए बोली, “उम्म्म हाँ और चाटो राजा। बड़ा मज़ा आ रहा है तुझसे चूत चटवाने में। अरे ऐसा लौड़ा मैंने अपनी ज़िंदगी में पहली बार देखा, मूसल जैसा है… मानो किसी जानवर का हो। और जब जानवर चूदाई करता है तब चूत, गाँड, मुँह और मम्मों का तो भोंसड़ा बनता ही है और मुझे भी वैसा ही चाहिये। जय तुझे जैसे चोदना है वैसे चोद मेरा ये जिस्म… तू मेरे सैंडलों के तलवे चाटने को तैयार है तो मैं भी कम नहीं… आज ये मुसल्ली अमीना सब करेगी तेरे लिये… क्योंकि मुझे आज पूरा मज़ा चाहिये तेरे जैसे मर्द से।”

अमीना की कमर में दोनों हाथ डाल कर उसकी चूत बेताबी से चाटते हुए पूरी जीभ चूत में घुसा के जय चाटने लगा। अच्छे से चूत चाट कर फिर बेरहमी से अमीना के मम्मे मसलते हुए वो बोला, “मज़ा आ रहा है ना रानी? कभी किसी मर्द ने ऐसे चाटी थी तेरी चूत जान? पहले तो तेरी चूत जीभ से चोदुँगा और फिर मैं जानवर जैसे उसमें लंड डाल कर कुतिया बनाके चोदुँगा। बहनचोद तेरी जैसी सब औरतों ने यही कहा है मुझसे कि मेरे जैसा लंड देखा नहीं है उन्होंने। कितनों को चोद के भोंसड़ा बना चुका हूँ मैं… आज तेरी बारी है। सुन अमीना आज रात भर तुझे चोदुँगा, तेरी सहेली गयी भाड में। आज तुझे उसके घर जाने नहीं दूँगा, अभी यहाँ चोद कर फिर मेरे घर ले जाऊँगा समझी? बहनचोद साली तुझे बच्चों के बारे में पूछा तो जवाब क्यों नहीं देती हरामी।” गुस्से से जय ने अमीना के मम्मे ज़ोर से दबाये।

गालियाँ और बेरहमी से चूत मसलने से अमीना को बड़ा अच्छा लग रहा था। पहली बार एक जानवर जैसे मर्द से मस्ती करने में उसे मज़ा आ रहा था। जय की गोटियाँ मसलते हुए वो बोली, “आहहहह और चाट मेरी चूत और ऐसे ही मसल डाल मेरे मम्मे जय। आज तक शौहर ने इस तरह कभी मसला नहीं मेरा जिस्म और चूत भी चाटी नहीं उसने। मेरे बदन से खूब खेलके फिर डाल अपना जानवर जैसा लंड मेरी चूत में। मैं भी बेताबी से तुझ से एक जंगली जैसी चुदवाने को तड़प रही हूँ। कईं बार अपनी चूत को केले से चोदते हुए गधे के लंड का तसव्वुर करती हूँ… तेरा लंड भी कम नहीं है… चाहे जो हो जाये आज… चाहे मेरी चूत फटे, मुँह सूजे, मम्मों से खून निकले या गाँड फटे, मैं तेरा लौड़ा आज ले लूँगी और पूरी तरह से लूँगी। तू तो ऐसा बोल रहा है जैसे तूने बहुत चूतों को चोदा है, तेरी स्टाइल से और तेरे अंदाज़ से ये भी मानना ही पड़ेगा पर मैं घर जाके नहीं चुदवाऊँगी, मुझे यहीं चुदना है। घर तो अब आना जाना रहेगा ही… वो फिर कभी। तू तो मेरी बेटियों के बारे में मेरे पीछे ही पड़ गया है। मेरी बेटियाँ हैं… ये सुन के तेरी आँखों में चमक क्यों आ जाती है जय?”

जय खड़ा हो कर नंगा हुआ और फिर अमीना को भी खड़ी करके उसका पेटिकोट और साड़ी निकाल के उसको सिर्फ़ ब्लाऊज़ में खड़ी किया। दोनों हाथों से अमीना का ब्लाऊज़ वो खिंच के उतारने लगा जिससे ब्लाऊज़ फट गया। अमीना की ब्रा उतार के उसको पूरी नंगी कर दिया। अब वो सिर्फ ब्राऊन कलर के ऊँची ऐड़ी के सैंडल पहने जय के सामने खड़ी थी। अमीना की चूत में दो उँगली डाल के उसके मम्मे मसलते हुए जय बोला, “साली मुझे मालूम है तेरी जैसी रंडी गरम मुसलमान औरत को कैसे बेरहमी से गालियों और मार के साथ चोदना चाहिये। तेरी जैसी रईस औरत को काफी पसंद है जानवर जैसे चुदवाना। बहनचोद वैसे तो बुर्का पहन कर बहुत शरीफ बन कर रहती हो पर हमारे सामने एकदम राँड बन जाती हो तुम। तेरी बेटियों की बात सुन के मेरी आँखों में इसलिये चमक आयी क्योंकि मुझे तो कमसिन लड़कियाँ भी बड़ी पसंद हैं। तेरी जैसी गरम मुल्लनी औरतों की जवान बेटियाँ भी गरम होती हैं और उनको चोदने में बड़ा मज़ा आता है। बहनचोद… तेरी कमसिन बेटियाँ हैं… ये सुन के लौड़े में और गरमी भर गयी, मादरचोद… उनकी उम्र और नाम तो बता।”

अपनी कमर आगे पीछे करके अमीना जय से चूत में उँगली करवाती हुई उसका लंड मसलते हुए बोली, “देख जय, तू गालियाँ दे या जो कुछ भी करे… मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं, पर मार नहीं खाऊँगी। देख मैं बाकी औरतों जैसी नहीं हूँ। अब तुझसे चुदवाना है तो पूरा दिल खोल के चुदवा लूँगी, उसमें मेरा ब्लाऊज़ फटे या बाकी कपड़े गंदे हों तो भी कोई बात नहीं, मैं कुछ नहीं कहूँगी पर साले अब मेरी चूत को बराबार सहला, मुझे बहुत मज़ा आता है जब तू ऊपर से सहलाते हुए चूत में उँगली करता है तो। अरे तेरा ऐसा मूसल जैसा लंड मैं छोड़ने वाली नहीं हूँ, तू जैसे चाहेगा वैसे चुदवा लूँगी आज तुझसे। मेरी बेटियाँ हैं और वो जुड़वां हैं पर तुझे क्या दिलचस्पी है उनमें ये तो बता? एक का नाम रुबीना और दूसरी का ज़हरा है।”

अमीना की वो हल्की अकड़ देख के जय ने गुस्से से उसकी चूचियाँ बड़ी बेरहमी से मसलीं और निप्पल काटते हुए तीन अँगुलियाँ ज़ोर से चूत में घुसा दीं जिससे अमीना को बड़ा दर्द हुआ पर फिर भी अमीना ने उससे और लिपट के आहें भरीं। अपना लंड अमीना के हाथ में दे कर और उसके निप्पलों से खेलते हुए जय बोला, “तेरी माँ की चूत साली, मुझे मत सिखा कि क्या करूँ हिजाबी रंडी। मैं जैसे चाहुँगा तुझे चोदुँगा, जितना चहुँगा मारूँगा समझी? तेरी जैसी रंडी चूत को मार के चोदने से तुम हमेशा हमारे हमारे लंड की गुलाम रहती हो। मेरे सामने ज्यादा अकड़ना नहीं समझी? मैंने प्यार से तेरे सैंडल के तलवे छाटने की बात कही तो तू ज्यादा ही अकड़ने लगी…” अमीना को एक झापड़ मार कर अमीना की चिकनी चूत सहलाते हुए जय ने नीचे बैठ कर उसको चाट कर कहा, “मुझे मालूम है तेरी जैसी गरम चूत मेरा तगड़ा लंड कभी नहीं छोड़ेगी लेकिन साली तुझे चोदने की कीमत चाहिये मुझे… और कीमत है तेरी वो दो जुड़वां बेटियाँ, आहहहहहह नाम भी क्या सैक्सी हैं उनके, रुबीना और ज़हरा, उम्र क्या है तेरी उन बेटियों की अमीना?”

जय के झापड़ से अमीना के गाल पे लाल निशान आ गया। उसके बाल बिखर के चेहरे पे आ गये। उसने अपने बाल संवारे और उसका जय को दबाने का जोश कुछ ठंडा पड़ गया। जिस तरह जय उसकी चूत चाट रहा था उससे अमीना मदहोश हो कर जय का सिर चूत पे दबाते हुई बोली, “आहहह चोद जैसे मर्ज़ी आये वैसे चोद। आज तू चाहे कुछ भी कर ले लेकिन ऐसा मस्त लौड़ा जाने नहीं दूँगी मैं। तू जी भरके गालियाँ दे… मार मुझे लेकिन जानवर बनाके चोद भी मुझे.. जय! पर बदले में तू भी मेरी गालियाँ सुनने और मेरी मार खाने के लिये तैयार रह… मुझे भी चुदाई के वक्त वहशियानपन करना अच्छा लगता है… जय तू मेरी जैसी औरत को रंडी क्यों बोलता है? शौहर के अलावा मैं कई साल बाद किसी अजनबी से चुदवा रही हूँ… इसलिये रंडी बोलता है क्या मुझे? मेरी उम्र से तू ही अंदाज़ा लगा मेरी बेटियों की उम्र का। नहीं लगा सकता ना अंदाज़ तू? तो सुन दोनों अभी-अभी २० साल की हो गयी हैं।”

जय ने अमीना की चिकनी चूत चाट कर बाहर से पूरी गीली कर दी थी । अमीना की चूत को अंदर से भी अच्छे से चाट कर जय अमीना के मम्मों को पकड़ कर उनका सहारा ले कर खड़े होते हुए बोला, “देखा मादरचोद मुसल्ली राँड, एक झापड़ से कैसे तुझे तेरी औकात मालूम हुई? ये भी देखा ना तूने कि कैसे एक अंजान मर्द के साथ रासते में चुदवाने के लिये नंगी हुई है तू… इसलिये तेरी जैसी चूदास औरतों को मैं राँड बुलाता हूँ, थोड़ा यहाँ और वहाँ हाथ लगाओ और साली तुम टाँगें फ़ैला कर चुदवाने को तैयार हो जाती हो, है ना सच बात?” अमीना के मम्मे निचोड़ कर जय ने अमीना को नीचे बिठाया और अपना लंड उसके मुँह पे घुमाते हुए बोला, “चल मादरचोद चूत! अब मेरा लंड चूस अच्छे से, अब देख तुमसे क्या-क्या करवाता हूँ। बहनचोद बीस साल की मुल्लनी कमसिन चूत कभी नहीं चोदी मैंने और तेरे पास दो-दो कमसिन चूत हैं? तेरी माँ की चूत… खूब मज़ा आयेगा तेरी बेटियों को चोदने में, खूब चोदुँगा तुझे और तेरी बेटियों को।”

अमीना ने जय का लंड अपने चेहरे पे घुमा कर उसे ऊपर करके एक बार लंड के नीचे और गोटियों का पसीना चाट लिया। फिर प्यार से लंड को देख कर उसको चूमते हुए बोली, “हाँ हो गयी औकात पता मुझे मेरी जय एक झापड़ से। अरे जय गाँडू, तेरे जैसा अलबेला मर्द हो या कोई और मर्द हो, इतना गरम करोगे तो बर्फ जैसी कोई भी औरत नंगी हो जाये चुदवाने के लिये और फिर मैं तो खुद इतनी गरम हूँ और अभी जवान हूँ… और ये इतना मस्त लंड देखूँगी तो क्या चुदवाने के लिये टाँगें फ़ैला कर तेरे नीचे नहीं लेटूँगी? तू देख तो… तेरा लंड मेरी नंगी जवानी देख कर कैसा फुँफकार रहा है। मानो इतनी मस्त नंगी औरत देखी ही ना हो। अरे बीस साल की चूत नहीं चोदी तो क्या हुआ? मेरा जिस्म और मेरी चूत भी तो वैसी ही है ना?”

अमीना के चाटने से जय को अच्छा लगा। उसे अब पेशाब आ रहा था। एक बार पेशाब करके फिर अमीना से लंड चूसवाना उसने बेहतर समझा। जय ने अमीना को ये बताया पर अमीना उसकी आँखों में आँखें डाल कर देखती हुई उसका लटकता और तना लंड सहलाती रही, मानो वो कुछ कहना चाहती हो पर शर्म से कह नहीं पा रही हो। जय ने एक मिनट अमीना को देखा और फिर उसके दिल की बात समझ गया। अपना लंड अमीना के मुँह की तरफ करके पेशाब करने लगा। जय के पेशाब से अमीना का मुँह भर गया तो फिर उसकी पेशाब मुँह से हो कर मम्मों को गीला करते हुए और फिर नीचे चूत को गीली करके ज़मीन पे गिरने लगा। अपना लंड फिर अमीना की माँग पे निशना लगाकर उसमें पेशाब करते हुए जय बोला, “तेरी माँ की चूत हरामी राँड, आज तक किसी भी औरत की माँग ऐसे नहीं भरी थी, राँड तुझे पेशाब पिला कर और माँग भर के अब तुझे अपनी छिनाल बनाया है। रही बात गरम करने की तो क्या तूने आज तक अपने मर्द को भी तुझे इतना गरम करते देखा है? तू तो चुदवाने के पहले ही राँड बन गयी है। मादरचोद तेरी जैसे मुल्लनी औरत को मेरे जैसा लौड़ा जब मिलता है तो तुम लाज शरम छोड़के किसी भी जगह नंगी हो कर रंडी होने का सबूत देती हो। तेरी चूत भी काफी मस्त है लेकिन साली बीस साल की लड़की का सील तोड़ना अलग बात है अमीना… इसी लिये मुझे उनको चोदना है राँड।”

अमीना जैसा चाहती थी वो जय ने समझ कर उसको अपने पेशाब से नहला दिया। उस गरम पेशाब से अपने मम्मे और बदन को नहला कर अमीना को अच्छा लगा। सबसे अच्छा उसे तब लगा जब जय ने उसकी माँग पेशाब से भरी। अमीना को जय का पेशाब अपनी माँग और पूरे बदन पे सोने के पानी जैसा लगा। अपने नंगे जिस्म पे वो पेशाब मलते-मलते हौले-हौले अपने मम्मे दबाते हुए वो बोली, “हुम्म्म हाय, जय मादरचोद… कितना अच्छा लगा तेरे पेशाब से नहाने में। तेरे लंड की कसम जय भड़वे… ये इतने तने हुए निप्पल मेरे कभी नहीं हुये। आज पहली बार मुझे अपनी सैक्सी इमेज का एहसास हुआ। अरे मेरे जैसी औरत की बात छोड़, किसी भी औरत को ऐसा लंड मिले तो वो मस्त हो जाये और चुदवाये रंडी जैसे।” पेशाब टपकता जय का लंड अमीना अपने मुँह में डाल कर मस्ती से चूसते हुए अपनी चूत और मम्मे सहलाने लगी।

जय अमीना की बात सुन कर खुश हो कर उसका सिर पकड़ कर खड़े-खड़े उसका मुँह चोदते हुए बोला, “तेरी माँ की चूत, कसम से आज तक तेरी जैसी हरामी औरत नहीं देखी जो पेशाब अपने जिस्म पे लगा कर खुद उसे अपने मम्मे और चूत पर मसलते हुए लंड चूसती है। ऐसे ही चूस रंडी, ज़ोर से चूस मेरा लौड़ा और गोटियाँ और ऐसे ही चूसते हुए चूत में उँगली करती रह रानी। मुझे पता है मेरा लंड देख कर किसी भी औरत की चूत गीली होगी रंडी… पर तेरी जैसी छिनाल औरत नंगी हो मेरे सामने तो मैं जानता हूँ कि वो औरत दोनों को खूब मज़ा देगी। अब मेरा ये लंड लेने के बाद अपनी बेटियों को कब सुलायेगी मेरे नीचे ये बता।”

ज़िंदगी में पहली बार इतना काला, मोटा और लंबा लंड देख कर अमीना खुश हो कर पहले उसे मसलने लगी। फिर जय की गोटियाँ सहला कर और उसकी तरफ़ देख कर अमीना ने जीभ निकाल कर दो-तीन बार लंड चाट लिया। जय के चेहरे पे फ़ैली मुस्कुराहट देख कर अमीना को बड़ा अच्छा लगा और उसने जय का लंड मुँह में डाल लिया। जय के बड़े लौड़े से अमीना का मुँह पूरा भर गया। लंड पे मुँह आगे पीछे करते हुए लंड बहुत मस्ती से चूसते हुए अमीना बोली, “अब मुझे लंड चूसने देगा या नहीं गाँडू? अब मेरी बेटियों के बारे में कुछ मत पूछना जब तक तू मेरी चूत में अपना पानी ना डाले। तब तक तू मेरे और अपने बारे में ही बात करना। उसके बाद मैं तुझे जो चाहे वो बताऊँगी उन दोनों के बारे में। कसम से इतना बड़ा लंड ज़िंदगी में नहीं चूसा। लगता है आज चूत के साथ मेरे होंठ भी सूज जायेंगे तेरा लंड चूसते-चूसते जय।”

अमीना कि बात और चुसवायी अच्छी लगने से जय हल्के-हल्के उसका मुँह चोदते हुए और बालों में हाथ फेरते हुए बोला, “ठीक है मादरचोद रंडी, अब पहले तेरी चूत का भोंसड़ा बनाने के बाद ही तेरी कमसिन बेटियों की बात करूँगा। अमीना रंडी… पहले मेरा लंड और फिर मेरी गोटियाँ और बाद में मेरी गाँड चाट। फिर बाद में तेरी गाँड मारूँगा और फिर चूत। बहनचोद इतना बड़ा लंड देखा नहीं था तो पहले मिलती, खूब चोदता तुझे रंडी। अब देख तेरी गाँड कैसे फाड़ुँगा… पहले अच्छे से चूस कर बड़ा कर मेरा लौड़ा तेरी गाँड फाड़ने के लिये।”

अमीना खुशी से लंड चूस रही थी। मुठ मारती हुई वो लंड चाट कर मुँह में ले रही थी। चाटने से चेहरे पे आ रहे बालों को जय पीछे करके अमीना को लंड चूसते देख कर सिसकरियाँ भर रहा था। अच्छे से लंड चूसने के बाद अमीना ने ज़मीन पे लेट कर जय के दोनों जाँघों के एक दम नीचे उसके लंड के पास आते हुए उसे अपने मुँह पे बिठाया जिससे उसका लंड पूरा अमीना की गिरफ़्त में रहे और जय की झाँट, गोटियाँ और गाँड का छेद भी एकदम जीभ के पास हो। जय की झाँट चाट कर वो बोली, “हाँ और लंबा करूँगी… चाहे जो हो जाये। बहनचोद तुझे तो वक्त का अंदाज़ा भी नहीं होगा कि पूरे दस मिनट से चूस रही हूँ तेरा लंड… देख कितना गीला हुआ है। गोटियाँ क्या चूसूँ, मुझे तो तेरी झाँटों से आती खुशबू में दिलचस्पी है, वही तो है जो मदहोश करती है मुझे… जय कुत्ते।” अमीना की इस अदा पे जय खुश हुआ पर उसे और खुशी तब मिली जब उसे अपनी गाँड पर अमीना की जीभ महसूस हुई। आँखें बन्द करके अमीना के मम्मे ज़ोर से मसलते हुए वो बोला, “साली तेरा चूसना इतना मस्त है कि इतना वक्त तूने चूसा वो समझा ही नहीं। कसम से तेरे जैसा मस्त लौड़ा आज तक किसी ने नहीं चूसा मेरा। तू सही में मर्द को गरम करना और उसे खुश करना जानती है अमीना। और फिर ये तेरा गाँड चाटना, उफ्फ्फ, मादरचोद अच्छे से मेरी गाँड चाटेगी तो ऐसे ही तुझे चोदुँगा और हमेशा खुश रखुँगा, चल चोद मेरी गाँड अपनी जीभ से अमीना।”

अमीना जीभ गाँड पे घुमा कर चाटने लगी। उसका एक हाथ लंड पे मुठ भी मार रहा था। जय मम्मे बड़ी मस्ती से मसल कर उसे और गरम कर रहा था। गाँड के छेद में जीभ घुसेड़ कर वो जय को और खुश कर रही थी। गाँड चाटने के बाद उसने लंड के आजु बाजू का इलाका थूक से पूरा का पूरा गीला किया, मानो जय के लंड से रस बहने लगा हो। लंड को चेहरे पे घुमती हुई वो बोली, “हाँ और दे मुझे और दे तेरी झाँटें… लंड और गाँड, आज सब चाट डालूँगी मादरचोद। आज मैं पूरे मूड में हूँ, सब कुछ करूँगी। मेरा ये ऐसा नशीला मूड तूने ही बनाया है, अब तू जैसा चाहे वैसे चोद मुझे जय। मुझे अच्छे से चोद और जब तक मुझे चोद रहा है… मेरी बेटियों के ख्यालों में खो मत जाना। अरे मेरी बेटियाँ भी मिलेंगी तुझे, उनको मैं ही चुदवाऊँगी तुझसे। वो भले ही बीस साल की हों पर जिस्म २३-२४ जैसा है उनका। खूब चोद मेरी बेटियों को भी जय।”

जय अब अमीना पे उल्टा लेट गया। इससे अमीना को लंड और गाँड चाटने में आसानी हो गयी और अमीना की चूत और गाँड जय के मुँह के पास हो गयी। अपने पैर घुटनों में मोड़ कर जय पैरो की अँगुलियों से अमीना के मम्मे मसलने लगा। अपने खुरदुरे पैरों से अमीना के चिकने और मुलायम मम्मे बेरहमी से रगड़ते हुए वो बोला, “तेरी माँ की चूत साली… मुझे अपनी बेटियों का लालच देती है छिनाल? साली तू क्या उनकी दलाल है हरामी? बहनचोद मैं तो तेरी बेटियों को वैसे भी चोदुँगा रंडी। लेकिन अब पहले तेरे जिस्म को चोदना है अभी। आहहहहहह हरामी… जीभ से मेरी गाँड चोद, पूरी अंदर डाल अपनी जीभ।”

थोड़ा और नीचे हो कर जय की गाँड के दोनों गोलों को अलग करके उसके छेद पे अपनी जीभ रख कर अमीना पागल बिल्ली की तरह चाटने लगी। उस तीखी गंध से उसे अच्छा लगा तो वो पूरी गाँड पे जीभ फेरते हुए छेद में जीभ घुसा कर चाटने लगी। अपने मुलायम मम्मों पे जय के खुरदुरे पैरों से होता खिलवाड़ उसे अच्छा लगा और वो बोली, “हाँ साले… डालती हूँ! पहले झाँटों से तो स्वाद खतम करने दे। मैं बेटियों का लालच नहीं दे रही बल्कि इसमें तो मेरा ही फायदा है, मुझे तेरे जैसे मर्द का मूसल जैसा लंड मिले। जय… मैं तो यही चाहुँगी कि मेरी बेटियों को भी अच्छी चूदाई मिले इस लंड से। वैसे वो मेरी बेटियाँ हैं… इसलिए हो सकता है कि वो कॉलेज में लड़कों से चुदवाती हों।”

अमीना की चूत फ़ैला कर उसमें जीभ डाल कर जय चूत को जीभ से चोदने लगा। पूरी जीभ अंदर डाल कर चूत चाटने के बाद अपनी गाँड को चोद रही अमीना की जीभ का अच्छा एहसास होने पे जय बोला, “आआआआहहहहह साआआआआलीईईई क्या गरम जीईईईभभभ है तेरी रंडी, इतनी गरम जीभ आज तक मेरी गाँड पे नहीं लगी, और चाट, चूस अंदर डाल जीभ, राम कसम… आज पहली बार इतना गरम माल मिला है, साली तू रंडी बनने के लायक है, तुझे तो किसी बड़े आदमी की रखैल बनना चाहिये अमीना। चूस और चोद मेरी गाँड रंडी, आहहहहह।”

जय फिर चूत को उँगली से फ़ैला कर चाटने लगा। अमीना की गाँड को सहला कर वो बीच-बीच में गाँड भी चाटने लगा। फिर अपनी जीभ से चूत को चोदते हुए उसने अमीना की गाँड में उँगली घुसा डाली। गाँड में उँगली घुसने से अमीना उचकी। वो भी जय की गाँड चाटने लगी मस्ती से। उन दोनों का ये खेल चलता रहा। अपना मुँह जय की गाँड से हटा कर अमीना बोली, “देखो जय, हम दोनों ने ये तजुर्बा पहली बार किया है। बहुत मज़ा आ रहा है तेरी गाँड चाटने में और तुझसे अपनी गाँड चाटवाने में। आहह अरे उँगली से क्या गाँड फाड़ेगा गाँडू? मेरी गाँड तेरे लौड़े से फटनी चाहिये। ऊम्म्म्म्म और अंदर अपनी मर्दानी जीभ डाल मेरी गरम मुसल्ली चूत में जय कुत्ते। मेरे चोदु भड़वे, जी चाहता है कि आज रात की सुबह ही ना हो, तू ऐसे ही पेलता रहे मुझे रात भर। ओहहह… मेरे मम्मे पे अपने हथौड़े जैसे हाथ से मेहरबानी कर… बहुत दिनों से इनको तेरे जैसे मस्त मर्द ने छुआ और मसला नहीं है।”

जय उठ कर अमीना के सीने पे बैठ गया जिससे अब उसकी गाँड अमीना के मुँह पे आ गयी। अमीना जय की गाँड फ़ैला कर उसे चाटने लगी और जय उसके मम्मों को ज़ोर से मसलते हुए और निप्पलों को खींचते हुए बोला, “अरे बहनचोद रंडी, लौड़े से ही तेरी गाँड फाड़ूँगा रानी पर पहले तेरी गाँड में उँगली करके उसमें मस्ती तो भर दूँ। साली इतनी क्यों उतावली हो रही है तू लंड के लिये? बहनचोद लंड घुसेगा तो देखुँगा कि कितनी मस्ती या दर्द से चुदवाती है तू। वैसे रंडी तेरे मम्मे सही में बड़े शानदार हैं, साली देख कैसे तन कर खड़े हैं तेरे निप्पल। बहनचोद… मम्मे बहुत दिनों से मसले नहीं ना किसी ने, आज देख तेरे मम्मों को कैसे नोच-नोच कर मसलता हूँ रंडी।”

अमीना और मस्ती भर गयी मम्मों के मसलने से। जय उसके मम्मे मसल रहा था तो वो लंड पकड़ कर जय को दिखा कर हिलाती हुई उसकी मुठ मारने लगी जिससे उसमें से काफी रस निकले। एक हाथ से वो पतला सा रस ले कर उसे अपनी चूत पे रगड़ते हुए धीरे-धीरे अमीना उतावली हो कर जय की गाँड चाट रही थी। अब उसे एहसास हो रहा था कि उसकी चूत में लंड नहीं घुसा तो वो बेहद बेकाबू हो जायेगी। अपनी चूत में उँगली डालते हुए वो जय से बोली, “उफ्फ बहनचोद, मैं सही में अब उतावली हो गयी हूँ तेरे लंड के लिये। तूने आज जैसे मुझे गरम करके रंडी बनाया है वैसे आज तक मैंने कभी नहीं किया था। तेरे इस दमदार लौड़े से दर्द भी हुआ तो भी अपनी गाँड को मैं चुदवाऊँगी, पर साले मादरचोद… अब चोद डाल मेरी चूत। बहुत तड़प रही है मेरी चूत तेरे लौड़े के लिये। दे मुझे अपना ये लौड़ा और शाँत कर मेरी जवानी।”

अपने नीचे लेटी अमीना की तड़प देख कर जय खुश हुआ। उस रंडी औरत को चूदाई के लिये इतनी बेताब बनी देख कर उसे और तड़पाने के लिये उसके मम्मे और भी बेरहमी से मसलते हुए निप्पल खींच कर उनको मस्ती से मरोड़ते हुए वो बोला, “बहनचोद इतनी क्यों उतावली हो रही है कि लंड पे से मेरा पानी ले कर चूत में डाल रही है रंडी? अरे चूत में तो मेरा लौड़ा घुसेगा… तब मज़ा आयेगा तुझे… वो उँगली निकाल राँड। साली और थोड़ी मेरी गाँड चाट कर जीभ से चोद… उसके बाद तेरी चूत फड़ दूँगा मैं, चल और चाट मेरी गाँड मेरी अमीना रानी।”

“आहहहह… अब ये आग नहीं सही जाती, जल्दी मेरी चूत में डाल दे अपना मुस्टंडा हिंदू लंड नहीं तो मैं मर जाऊँगी… बहन के लौड़े। एक बार मुझे शाँत कर… फिर तू कहेगा तो रात भर तेरी गाँड चाटूँगी मैं। लेकिन अब सहा नहीं जाता, अब गाँड चाटने को मत बोल, अभी मेरी चूत चोद डाल।” अमीना उँगली से अपनी चूत चोदते हुए जोश में आकर दूसरे हाथ से जय के बाल पकड़ कर उसका सिर झंझोड़ डाला और उसकी छाती में एक मुक्का भी मारा। फिर उसका लंड सहलाने लगी जोश में। यह कहते हुए भी जय की गाँड को चूसती रही वो बहुत उतावली हो कर।

जय को पहले तो अमीना के मुक्के और अपने बाल खींचे जाने पर गुस्सा आया पर फिर अमीना पे रहम खा कर उसने उसकी चूत को झुक कर एक बार पूरी जीभ अंदर डाल के अच्छे से चाट लिया। फिर उसकी टाँगें फ़ैल कर उनमें बैठ के निप्पल खींच कर मम्मे बेरहमी से मसलते हुए बोला, “चल अमीना रंडी, पहले तेरी चूत फाड़ कर बाद में तेरी गाँड का भोंसड़ा बना दूँगा… चल छिनाल मेरा लंड पकड़ कर अपनी रंडी चूत पे रख और चूत उठा कर मरे लौड़े से लगा। बहनचोद बहुत गरम हो गयी है… लगता है अब तेरी इस गरम मुल्लानी चूत में अपना मूसल लौड़ा डाल के तुझे नहीं चोदा तो तू जल जायेगी अपनी चूत की आग में। मादरचोद कैसे एक अंजान मर्द की गाँड चाट रही है तू साली भड़वी। राम कसम तेरे जैसी गरम माल देखी नहीं आज तक, चल रख मेरा लंड अपनी गरम चूत पे।”

अपना सीना ऊपर करके जय के हाथों में अपने मम्मे भर कर अमीना एक चुदक्कड़ बिल्ली की तरह झट से जय का लंड पकड़ कर अपनी चूत पे सटा कर खुद ही अपनी कमर ऊपर नीचे करती हुई लंड अंदर डालने की कोशिश करती हुई बोली, “आआहहहह… उम्म्म अब मुझे चैन मिलेगा भोंसड़ी के…, ले मैंने चूत पे लंड रख दिया, अब तू डाल अपना लौड़ा मेरी गरम चूत में बिंदास हो कर।”

अमीना ने लंड चूत पे जैसे ही रखा, जय ने हल्का धक्का दिया जिससे अमीना की तंग चूत का मुँह फ़ैला कर लंड की टोपी अंदर घुसी। अमीना की एक चूंची बेरहमी से मसलते हुए और दूसरे हाथ से अपना लंड पकड़ कर जय बोला, “मादरचोद बड़ी चुदासी लगती है तू… रंडी अब देख तेरी चूत की क्या हालत करता हूँ। मादरचोद बड़ा गरम किया है तूने मेरा लंड छिनाल, बड़ी मस्ती से चोदुँगा तेरी चूत हरामी।”

जैसे ही जय का हाथ अपने लंड पे गया, अमीना अपने हाथों से खुद अपनी चूचियाँ मसलती हुई बोली, “उउम्म्म थोड़ा और जोर से मार ना… पूरा लेना है लौड़ा चूत में हरामी। तू दर्द की चिंता मत कर, जितनी बेरहमी से हो सके डाल अपना लौड़ा मेरी चूत में और चोद मुझे।” अमीना की इस बात पे जय ने भी जोश में आकर उसकी कमर में हाथ डाल कर एक ज़ोर दार धक्का दिया जिससे उसका मोटा लंड अमीना की चूत फैलाते हुए करीब-करीब आधा घुस गया। इतना मोटा लौड़ा घुसने से अमीना का सीना और माथा पसीने से लथपथ हो गया। दर्द से उसने आँखें बंद करके होंठ दाँतों में दबाये। अमीना के सीने का पसीना चाट कर जय बोला, “तेरी माँ की चूत चोदूँ, साली रंडी, क्या टाइट चूत है तेरी। लगता है तेरे शौहर का लंड ज्यादा बड़ा नहीं है जो मेरा लंड इतना टाइट जा रहा है।”

अपनी कमर हिला कर, पैर फ़ैलाते हुए अमीना जय के लंड का रास्ता और आसान करती हुई, जय के चौड़े सीने पे हाथ फेरती हुई बोली, “अरे मेरे शौहर की बात छोड़, तुझे मज़ा आ रहा है ना एक ४२-४३ साल की औरत की इतनी टाइट चूत में लंड डालने में? यार तू अपनी सोच, मेरे बारे में बोल, शौहर का क्या काम है? उसका काम खतम हुआ जब उसने दो बेटियाँ दे दीं, मुझे अब उसका कोई काम नहीं है, साला पाँच मिनट में झड़ जाता है। तेरी कसम जय मुझे ये इतना पसीना इक्कीस साल की शादी में कभी नहीं आता था।”

दो-तीन बार लंड आगे पीछे करके जय ने फिर ज़ोर से धक्का देके लंड अमीना की चूत में घुसाया। इस बार पूरा लौड़ा अंदर घुसा तो अमीना चिल्लाने और तड़पने लगी। अपने मम्मे खुद मसलती हुई वो ज़ोर से आंहें भरने लगी। जय बिना रुके लंड चूत में ठेलते और मम्मे मसलते हुए बोला, “मादरचोद उसकी बात तो आती रहेगी ही रंडी, तू मेरा लौड़ा और चूदाई की उससे तुलना करेगी ही ना? अब कैसे बोली कि इक्कीस साल में पहली बार ऐसा पसीना आया… वो भी आधा लंड घुसने से? तेरी माँ को चोदूँ राँड… ये सोच कि पूरा लंड घुसा कर जब जानवर जैसे तुझे चोदुँगा तब तेरा क्या हाल होगा?”

जय का पूरा लौड़ा अंदर घुसने पर अमीना जोर से ’ओहहह आहहह ऊफ़्फ़्फ़’ चिल्लाने लगी। वो खुद कमर ऊपर करके जय के लंड से भिड़ा रही थी। जय ने चूत आहिस्ता चोदते हुए अमीना के होंठों पे अपने होंठ दबा कर मस्ती से मम्मे मसलना शुरू किया। मम्मों से इतना खेलने से वो एकदम लाल हो गये थे। अमीना जय को बाहों में ले कर उसको किस करके बोली, “अरे मैं तुलना करके उससे कहूँगी कि तेरे जैसे असली मर्द कैसे चोदते हैं। तू क्यों बीच में उसे लाता है, तू मेरी और अपनी बात कर ना। आज तुझे मौका मिला है तो कर ले इस जिस्म से अपने दिल की भड़ास पूरी। ऐसा मौका बार-बार नहीं आता कि मेरी जैसे गरम चुदास औरत तेरे जैसे तगड़े चोदू मर्द के नीचे हो। हाँ ये बात और है कि तेरे जैसे मर्दों के गरम करने पर मेरे जैसी औरतें टाँगें फ़ैला देती हैं… लेकिन गरम होने में बहुत वक्त लेती हैं मेरे जैसी औरतें। आहहहहह आँआँ फाड़ दिया मेरी चूत को… गधी की औलाद… भोंसड़ी वाले… चोद…. और डाआआआल अपना लौड़ाआआआ अंदर आआआआ ओओओओआँआँआआआहहहहह।”

“ठीक है राँड अब तेरे हिजड़े शौहर की बात नहीं करूँगा। चोदने तक तेरी बात और उसके बाद तेरी सहेलियों और तेरी कमसिन बेटियों की बात करूँगा। आज रात भर तुझे ऐसे ही खुली हवा में चोदुँगा रंडी की तरह… और कोई भी आये तो मेरे बाद उससे भी तुझे चुदवाऊँगा समझी? तेरी जैसी रंडी औरत को जब-जब मैं चाहता हूँ… अपने नीचे लेता हूँ, तेरी जैसी मुसलमान औरतें नखरे करके और शरमाके चुदवाती हैं इससे हम मर्द बड़े गरम होते हैं। तुम मुसल्लियाँ आराम से गरम होती हो और बेरहमी चुदा के ठंडी होती हो। मादरचोद लगता है ज़िंदगी में पहली बार लंड गया तेरी चूत में जो तू इतना चिल्ला रही है… हरामी ये तो शुरूआत है… अभी तेरी गाँड बाकी है छिनाल।”

जीभ अमीना के मुँह में घुसा कर उसके मम्मे मसलते हुए जय ने अब उसकी चूदाई ज़ोर से शुरू की। अमीना ने थोड़ा अपने होंठ जय के होंठों से अलग किये उसे जवाब देने के लिये और इसलिये उसने अपनी चूंची उसके मुँह में दे दी। जय का लंड ज्यादा से ज्यादा चूत में ले कर वो पैर फ़ैला के कमर उठा कर मस्ती से चुदवाने लगी। जय का मुँह मम्मे पे दबा कर वो बोली, “ले मेरे मम्मे चूस कर मेरे दर्द को ज़रा तसल्ली दे। जय बहनचोद… मैं तो ऐसे चुदवाने को शादी की पहली रात से तड़प रही थी कि खुली हवा में चुदवाऊँ लेकिन मेरा शौहर, साले का लंड खुले में आते ही मानो ठंडा पड़ जाता है। अरे अब शुरूआत ऐसी हो चुकी है तो अंत भी बड़ा ज़ालिम होना चाहिये। मुझे ऐसा लगना चाहिये कि ज़िंदगी में पहली बार चुदी हूँ। सुन जय गाँडू… तेरा रस मेरी चूत के एकदम अंदर डालना… मेरी बच्चेदानी पे… तभी मुझे सही में तसल्ली मिलेगी।”

अमीना के मम्मे पहले बच्चे की तरह चूस कर फिर जोश में आकर दोनों निप्पल बारी-बारी चूस कर, चबाते हुए पूरे लाल कर दिये जय ने। नीचे चूत में लंड घुसा-घुसा कर अमीना को चोदते हुए जय ने उसके मम्मे इतने चूसे कि उसके चबाने से अमीना के मम्मों से हल्का सा खून आ गया जिसे जय ने चाट लिया। फिर मम्मे मसलते हुए जय बोला, “अमीना तेरे जैसी गरम माल के साथ ज़िंदगी भर खेलुँगा, तुझे अपनी राँड बना कर रखुँगा, तेरी जैसे गरम चूत आज तक नहीं मिली। अमीना शादी के इक्कीस साल रेगिस्तान में भटकने के बाद आज तुझे समंदर मिल रहा है, एक असली दमदार लंड से… तेरा शौहर जल्दी झड़ता है… इस लिये मुझे शक है कि वो तेरी बेटियों का बाप नहीं है क्यों? बहनचोद चूदाई के अंत में तू लंड निकाल लेने के भीख माँगेगी… समझी छिनाल? बहनचोद तुझे चोदके फिर माँ बनाऊँगा और अपने बच्चे की सौतेली बहनों को और उसकी माँ को चोदता रहुँगा।”

अमीना जय का चेहरा चूमते हुए हाथ नीचे डाल कर उसकी गोटियाँ मसल कर बोली, “अरे-अरे ये गाली मत दे उसे… उसके साथ शादी के बाद आज पहली बार किसी पराये मर्द का लंड इस चूत को नसीब हुआ है पर शादी से पहले बहुत लंड लिये हैं मैंने अपनी चूत में। आज इस चूत को फाड़ कर अपनी रस की एक भी बूँद मेरी चूत के बाहर ना जाये… ये देखना। अच्छा लेकिन ये तो बता तुझे मुझ जैसी लजीज़ माल तो कई मिली होंगी ना?”

लंड करीब-करीब बाहर निकाल कर फिर बेरहमी से अंदर ठाँसते हुए और मम्मे नोचते मसलते हुए जय बोला, “बहनचोद तेरा चूतिया मर्द मिले तो उसकी गाँड मारूँगा, हरामी ने तेरी जैसी गरम चूत इतने दिन मुझसे जो छिपायी। तेरी माँ की चूत… साली तू तो बचपन से मेरी राँड होनी चाहिये थी। तेरी माँ को चोदूँ राँड… अपने कीमती लंड के पानी की एक भी बूँद बाहर नहीं जाने दूँगा। तेरी गरम चूत की कसम… कईं चूतें चोदीं, पर तेरी जैसी माल आज तक नहीं मिली। तेरी जैसी गरम और हर बात में साथ देने वाली चूत नसीब वाले मर्द को ही मिलती है रंडी।”

“तू मेरी चूत चोदता रह… भड़वे। तेरी गाली, मार और लंड मुझे और मस्त बना रहे हैं जय। और ज़ोर से चोद मुझे, निकाल ले पूरी भड़ास गाँडू मेरी ये चूत चोद कर।” जय के लंड पे शायद भूत सवार था। वो तो बेरहमी से अमीना को चोद कर उसके मम्मे मसलते हुए दबा रहा था। चूत चोदते हुए उसकी गाँड में उँगली घुसाते हुए उसमें घुमा कर निकाल के अमीना को चाटने के लिये देते हुए वो बोला, “ये बोल आज के पहले भी मर्दों ने तुझे भीड़ में मसला होगा तो उनसे क्यों नहीं चुदी तू राँड?”

क्रमशः……………….