दोस्त की माँ मेरी रखैल बनी

उसका नाम था antarvasna नीलिमा, उसकी kamukta उम्र इस वक्त 42 साल है लेकिन जब मैंने उसके ऊपर चढ़ाई की थी तो साली रंडी 38 साल की थी. मतलब 4 साल से साली छिनाल मेरा बिस्तर गर्म करती है. देसी पोर्न स्टोरी डॉट कॉम.. नीलिमा के साइज के बारे में आपको क्या बताऊं ३८-४२-३४ की थी. वह ज्यादातर सूट या साड़ी पहनती है और रात में नाईटी पहनती हे. अब मैं कहानी पर आता हूं मेरी नजर में नीलिमा हमेशा मेरे बिस्तर को गर्म करने के लिए ही मेरे से मिली थी , उसके चूतिये लड़के से भी दोस्ती इसीलिए थी.

सौरभ का बाप शुगर मिल में एक रिमोट एरिया में रहता है तो उसकी मां और वह यहां रहते हैं उसकी पढ़ाई के लिए. नीलिमा से सेटिंग करने के लिए मैंने एक सिंपल तुक्का लगाया मैंने एक सिम लिया और उसके व्हाट्सअप पर मैसेज किया.

मैंने सोचा अगर साली ने रिप्लाई किया तो ठीक वर्ना कुछ और ट्राई करेंगे तो उसने मुझे रिप्लाइ किया मैंने आगे बातें शुरू कर दी. बात धीरे धीरे आगे बढ़ी. पहले उसने मेरे से फ्रेंडशिप की उसने. फिर धीरे धीरे सेटिंग हो गई और फुल फोन सेक्स करने लगे. और उसने कहा कि वह डायवोर्सड भी है, अब तो नीलिमा मेरे चंगुल में थी.

एक दिन सौरव का फोन आया कि मैं उसकी मां को पिक कर लूं, वह सिटी के आउट साइड में एक होटल में किट्टी पार्टी के लिए गई है. मुझे इसी मौके का इंतजार था.

मैं ५ बजे पहुंच गया वहां उसे पिक किया और हम चल दिए. रास्ते में मेरी नजर अपनी छिनाल रंडी पे पड़ी. काले कलर नेट वाली साड़ी, स्लीवलेस ब्लाउज, खुले बाल मुझे कंट्रोल करना पॉसिबल नहीं था. मैंने सोचा आज तो बस अब इसे चोद देता हूं साली को.

मैंने कहा आंटी जी आप व्हाट्सअप यूज करती हैं?

नीलिमा : हा पर ज्यादा नहीं, कभी कभी.

मैंने कहा : अच्छा सही भी है आजकल अच्छा टाइम पास हो जाता है.

नीलिमा ने कहा : नहीं मैं इतना नहीं करती.

मैंने कहा : पर आप का लास्ट सीन हमेशा बहुत रीसेंट का होता है और कल तो रात को सुबह 4 बजे का था. अंकल से बात हो रही होगी.

नीलीमा ने कहा : अरे कहां, तुम्हारे अंकल को कहा यह सब आता है? वह तो एक दोस्त था.

मैंने कहा : ह्म्म्म.

हम फिर मैंने ५ मिनट बाद बोला.

मैंने कहा : वैसे मैं सौरभ के डैड के बारे में नहीं कह रहा था.

उसका चेहरा लाल हो गया और बोली मतलब, में कुछ समझी नहीं.

मैंने कहा : मैं अनिल अंकल की बात कर रहा था, और मैंने कार हाईवे के किनारे रोक ली.

नीलिमा एकदम शोक्ड हो गई उसे समझ नहीं आ रहा था क्या रिएक्शन दें.

फिर नीलिमा ने कहा कि तुम्हें कैसे पता?

मैंने कहा : क्योंकि मेरी जान मैं ही हूं तुम्हारा अनिल, साली की गांड फट गई, कहने लगी क्या बदतमीजी है. मैं सौरभ को सब बताऊंगी घर चलो.

मैंने कहा देखो मेरी जान मेरे पास सारे मैसेज है, वह प्राइवेट चेट्स भी हे जिसमें तुम मेरे लंड चूसने को तैयार हो और वह ब्रा में पिक भी हे सौरभ को बता देना. बेहतर ही होगा आपको और मेरे को जो चाहिए हम एक दूसरे को दे सकते हैं और मैं प्रॉमिस करता हूं कि किसी को कुछ भी नहीं पता चलेगा.

यह सब कहते टाइम मेरा हाथ उसके जांघ पर था मैं धी धीरे आगे पीछे रब कर रहा था. फिर मैंने उसे स्मूच करने के लिए अपने लिप्स उसके लिप्स के पास ले गया पहले तो उसने फेस टर्न कर लिया तो मैंने उसके गाल पर किस किया फिर उसने फेस फिर से टर्न किया तो मैंने दूसरी साइड गाल पे किस किया.

तीसरी बार मैंने उसके बाल को संवारते हुए उसके लिप्स पर किस किया और धीरे से अपनी जीभ को उसके मुंह में डाल दिया और अच्छे से स्मूच करने लगा और वह भी अब साथ देने लगी.

मैंने अब कार हाईवे से नीचे की साइड एक फार्मफाउस के बैक साइड पर ली, अब मैं फिर से उसके लिप्स पर टूट पड़ा और उसके बूब्स दबाने लगा अहह ओह्ह हमम्म. देसी पोर्न स्टोरी डॉट कॉम..अब मैंने नीलिमा की सीट एडजस्ट की ताकि वह बेक साइड से रेस्ट की पोजीशन पर हो, और तुरंत उसकी साडी ऊपर सरकाई और उसकी चड्डी नीचे से हटाई. अब मैंने अपने लेफ्ट हैंड को नीलिमा के बूब्स पर रखा और दबाया और उसके नेक पर किस करने लगा और राइट हैंड की २ फिंगर को उसकी चूत में डाल दिया

अचानक किए इस प्यारे संभोग से नीलिमा तो जेसे से सहम ही गई, आह होह्ह अह्ह्ह ओह्ह आयी येस्स. उसकी आहे मुझे गर्म कर रही थी और वह खुद भी एक दम गरम हो रही थी.

१० मिनट बाद मैंने अपने फोन का कैमरा ऑन किया और डैश बोर्ड पर एडजस्ट किया. अब मैंने २ की जगह ३ उंगलियां डाल दी और फिर से फिंगर फक करने लगा. और साथ में उसकी साड़ी का पल्लू भी हटा दिया और ब्लाउज खोल कर ब्रा से पहली बार उसके बूब्स को आजाद कराया.

नीलिमा अब एकदम गरम हो चुकी थी वो आह घह हहह अम्म्म ओह्ह अह्ह्ह केमेरा क्यों अह्ह्ह ओह्ह हहह किया हे अहह ओह्ह अह्ह्ह प्लीज़ मत करो.

मैंने कहा : मुझ पर भरोसा करो यह तो बस हमारे लिए है बेबी. मैं नीलिमा रंडी की चूत खोल रहा था तब तक उसके चूतिये बेटे का कॉल आया. मैंने फोन पिक कर के स्पीकर पर डाल दिया. उसे नीलिमा की मोन की आवाज सुनाई देने लगी.

सौरभ ने कहा : भाई तू मम्मी को लेने गया था यह बंदी कहां चोदने लगा?

मैंने कहा : अरे बोस तेरी मां की पार्टी में मेरी एक छिनाल भी आई थी बस उसे ही पेल रहा हूं.

नीलिमा ने कहा : आझ्ह हह अह्ह्ह ओम्म अह्ह्ह येस्स हहह ओह्ह प्लीज़.

मैंने कहा : आंटी को टाइम था तो मैंने सोचा ईसे ही पेलूं.

सौरभ ने कहा : सही है भाई.. चल कभी मुझे भी मौका दे दियो.

मैंने कहा : भाई तू तो रिश्ते में इसके बच्चे जैसा है. तेरे से मना कर रही है.

सौरभ ने कहा : चल अब जल्दी चोद रंडी को और मम्मी को पीक कर. बाय अब नीलिमा ने कहा जल्दी करो वरना किसी को शक हो जाएगा. मैंने अब अपना लंड निकाला और अपनी होने वाली रखेल के चूत पर रखा और..

नीलीमा : हाय माँ अह्ह्ह ओह्ह हहह ओह मा मर गई में.

कार में बस यही आवाज गूंज रही थी और हम एसी में भी पसीने में तर थे. और मैंने उससे जांघो के ठप ठप की आवाज़ भी गूंज रही थी.

नीलिमा : स्स्झ फह ह्हहा ओह्ह हहह आवाजें निकाल रही थी.

२० मिनट की दमदार चुदाई के बाद मैंने लंड निकाला और उसे चूसने को कहां. वो मस्त रंडी की जैसी पूरी मस्ती में लंड चूस रही थी वह भी कैमरे के फोकस में. फिर मैंने उसके फेस पर और माउथ में सारा माल छोड़ दिया, फिर मैंने उसे लेकर एक मॉल गया वहां वह फ्रेश हुई और फिर मैंने उसे घर ड्राप कर दिया.