शादी में मामा की साली सुनैना को चोदा

मैं खुद इस साईट का नियमित antarvasna पाठक हु. और मुझे kamukta यहाँ पर सेक्स के अनुभव पढने में मजा आता हे. बहुत दिनों से मैं सोच रहा था अपनी कहानी भेजने के लिए. और फिर हिम्मत कर के मैंने इसे लिख ही दिया. थोडा सा मसाला एड किया हे कहानी को थोड़ी रंगीन करने के लिए. लेकिन वो आप दोस्तों के लंड खड़े करने के लिए जरुरी भी हे न! दोस्तों ये कहानी शरु तब हुई जब मेरे मामा जी की शादी थी. मामा की एक छोटी साली हे जो बाला की सुन्दर हे. उसका नाम सुनैना हे. वो रंग रूप में तो सुंदरा थी थी. ऊपर से उसका फिगर भी एकदम धांसू था! उसके बूब्स को देख के मन करता था की उन्हें हाथ में ले के मस्त मसल ही दिया जाए! लेकिन बदनामी के डर से कुछ नहीं कर पाया मैं पहले पहले तो. और फिर ये भी तो देखना होता हे की उसकी फिलिंग हो ये सब में. अगर एक तरफ से वासना का सैलाब उमड़ता हे तो वो बिना साहिल के ही दरिया में या फिर वीर्य बन के गटर में निकल जाता हे!

मामा जी की शादी में काफी अडचने आई थी पहले. और अब जब शादी का दिन आ गया तो सब खुश थे. वैसे मामा जी की शादी काफी बड़ी उम्र में हो रही थी.

बारात धूम से निकली सब लोग नाचते गाते और ठुमके लगाते हुए ससुराल में पहुंचे. तभी सुनैना को मैंने देखा. वो सेक्सी रेशमी कपड़ो में अपने दोस्तों के साथ थी. वो हमारे पास आई और शादी में होता हे वैसा हंसी मजाक करने लगी. और वो खुद भी बार बार मुझे देख रही थी. मेरे आसपास ही मंडरा रही थी ऐसा भी कह सकते हे आप. तब मुझे लगा की फिलिंग एकतरफा तो नहीं हे भाई!

वो मुझे देख रही थी तो मैंने पता नहीं क्यूँ उसे आँख मार दी. वो हसं पड़ी और मुझे लगा की चलो काम बन सकता हे शायद! तभी यकायक वो उठ के जाने लगी. मैं उसे ही देख रहा था. उसने मुझे इशारा किया धीरे से और फिर वो चल दी. मैंने इधर उधर देखा तो किसी का ध्यान नहीं था हमारे ऊपर. मैं उठ के चुपचाप सुनैना के पीछे निकल गया.

वो मेरे आगे आगे चल रही थी और मैं उसकी ठरकती हुई गांड को देख रहा था. रेशमी कपड़ो में उसके कुल्हे जैसे चमक उठे थे. सुनैना एक कमरे में घुस गई और मैं भी उसके पीछे अन्दर चला गया. और मैंने अन्दर घुसते ही कमरे के दरवाजे को लात मार दी और बंध कर दिया. सुनैना तो जैसे वासना के चूले पर जल सी रही थी. उसने मुझे वही पर अपनी बाहों में भर लिया और जोर जोर से मुझे किस करने लगी. मैं इस तरह के अटेक के लिए कतई तैयार नहीं था. और मैंने भी उसके उरोजो को अपने हाथ में ले लिए और मसलने लगा. वो जोर जोर से मुझे चूमे जा रही थी. और मैंने महसूस किया की सुनैना ने अपने हाथ से मेरे लंड की भी खबर ले ली थी. वो बिच बिच में लंड पर हाथ दबा रही थी. मेरी हिम्मत इस सब से एकदम खुल सी गई.

मैंने उसे कहा, चलो कपडे खोलो.

हमने एक दुसरे को पूरा न्यूड कर दिया. फिर उसने मुझे धक्का दिया और मैं पलंग में गिर पड़ा. सुनैना मेरे ऊपर चढ़ गई अपनी चूत को लंड के समीप रख के और फिर से मुझे किस करने लगी. मैं भी उसके बूब्स को हाथ में दबा के निपल्स को सक करने लगा! मैंने उसके बालों को पकड के अपनी तरफ खिंचा और फिर एक हाथ से उसकी बुर को मसलने लगा. उसकी चूत एकदम गरम हो गई थी. और उसके अन्दर से चिकना चिकना पानी भी चूत गया था. वो बोली, चलो अपना लिंग मेरी योनी में भर दो प्लीज़. मैंने कहा इतनी भी क्या जल्दी हे जानेमन. तो वो बोली, आप के मामा की और मेरी बहन की शादी जो हे.

मैंने कहा, शादी उनकी हे लेकिन हमारी सुहागरात तो सही से मना लो. वो हंस पड़ी. मैंने कहा मुझे चाटनी हे. वो अपनी चूत को मेरे मुहं पर रख के बैठ गई. और फिर उसे धीरे धीरे से घिसने लगी. मैं चूत के होंठो को और दरार को चाट रहा था. और कभी कभी गलती से होंठ चूत और गांड के छेद के बिच भी चले जाते थे. सुनैना एकदम गर्म हो गई. उसने मेरे माथा पकड के अपनी चूत पर दबा दिया और झड़ गई!

मैं चाटना बंध कर दिया और उसकी टांगो को खोल के अपने लंड का सुपाड़ा चूत पर लगा दिया. एक धक्का दिया पर अंदर नहीं गया. मैं मन ही मन खुश हो रहा था की टाईट माल हे मामा की साली तो!

मैंने उसके पैरो को ऊपर कर के अपने शोल्डर पर रख दिया. और फिर एक जोरदार धक्का लगा दिया. मेरा आधा लौड़ा सुनैना की चूत में घुस गया और जाहिर हे की उसे काफी दर्द हुआ. उसकी आँखों से आंसू निकल गये और वो मुझे मिन्नते करने लगी लंड को बहार निकालने के लिए. मैंने लंड को बहार नहीं निकाला लेकिन मैंने उसके पुरे बदन को अपने हाथ और होंठो से गर्म करने लगा. थोड़ी देर के अन्दर उसका दर्द काफी कम हो गया. और तब मैंने फिर से धक्के लगाना चालू कर दिया. अब वो भी मस्तियाँ गई थी. अपनी गांड को हिला के उसने कहा, आह्ह्ह अह्ह्ह्ह आः चोदो मुझे जोर जोर से और मेरी योनी को फाड़ डालो!

मैं भी बहुत जोश में आ गया था और मेरी चोदने की स्पीड एकदम से बढ़ चुकी थी. इस बिच में सुनैना की चूत से तिन बार पानी निकल के मेरे लंड पर आ गया था. मेरा अभी नहीं हुआ था. मैंने अब कस कस के झटके देने चालू कर दिए. वो मेरा पूरा सपोर्ट कर रही थी. 3 4 मिनिट में मेरे लौड़े का पानी भी उसके बुर में निकल गया. वो मेरे से लिपट गई. और फिर हमने खड़े हो के कपडे पहने और शादी अटेंड करने चले गई.

सुनैना को मेरे लंड का चस्का सा लग गया था फिर तो. वो मामा से मिलने के बहाने अक्सर हमारे शहर में आती थी. और मैं उसे घुमाने के बहाने होटल पर ले जा के चोदता था!