कामवाली को खड़ा लंड दिखा कर पटा लिया

मेरी कामवाली का antarvasna नाम रीटा हे kamukta और वो 35 साल की गोरी चमड़ी वाली औरत हे. उसके बूब्स मध्यम साइज के हे और वो पिछले पांच साल से हमारे घर में काम कर रही हे. उसकी शादी हो गई हे और 2 बच्चे भी हे. पहले मैं उसको चोदने के लिए मर नहीं रहा था लेकिन संजोग ऐसे बने की मैं उसे चोदने का आशिक सा हो गया हूँ! दिसम्बर की स्टार्ट में ही वो अब थोडा रुक के लम्बे समय तक घर का काम करती थी. मैंने एक दिन उसे पूछा तो वो बोली, साहब मेरे हसबंड ने मुझे छोड़ दिया हे इसलिए अब घर भागने की जल्दी नहीं होती हे. और ऐसा कहते हुए उसका गला भर सा आया. मैंने उसे शांत करने के लिए संजय दत्त वाली जादू की झप्पी दे दी. और तभी उसके बूब्स मेरी छाती से लगे. और तब पहली बार उसके बारे में सोच के मेरा खम्भा लम्बा हो गया. लेकिन सच कहूँ मैंने जानबूझ के ऐसा नहीं किया था.

गलती से मैं उस वक्त ट्रेक पेंट में था. और मेरी खड़ी हुई मर्दानगी कामवाली रीटा ने देख ली. लेकिन वो कुछ नहीं बोली. उसने अपना काम चालू रखा. उसके बाद में मैं बाथरूम में घुस गया औ उसके संतरे जैसे बूब्स के बारे में सोचते हुए लंड को हिला लिया. उस दिन मेरे लंड से एक्स्ट्रा माल छटक गया. मैंने पहली बार कामवाली के बारे में सोच के मुठ मारी थी. साला क्लास की बर्डन थी ऊपर से कोई माल भी नहीं पट रहा था. इसलिए मैं पोर्न देखने लगा था. और फिर कामवाली के संतरे का टच. ऐसे में लंड हिलाना तो जरुरी जैसा ही हो गया था मेरे लिए! मैंने सोचा की लड़की नहीं पट रही हे तो इस कामवाली को पटा के उसकी बूढी चूत से ही अपने लंड की ओपनिंग करवा लेता हूँ.

मैं रीटा के करीब आने लगा था. उसके साथ हंस के बात करना. उसकी मदद कर देना. जब वो झाड़ू पोछा करे तो उसके देसी क्लीवेज को देखना. और कुछ दिनों के बाद ही मेरे पेरेंट्स 7 दिन के लिए बहार गए तो मुझे कामवाली के और भी करीब होने का मौका मिल गया. एक दिन मैं ब्लेक ट्रेक पहन के बैठा हुआ था. जब रीटा मेरे कमरे में झटकार रही थी तो मैंने पीछे से जा के अपना लंड उसकी गांड पर टच करवा दिया. उसे पता तो चला लेकिन वो चुप ही रही. जब भी चांस मिला मैं उसे ऐसे ही टच करता रहा. और साला इस टच टच में ही दिन की माँ बहन एक हो गई

अगले दिन मैंने पक्का प्लान निश्चय किया की आज तो कामवाली को अपना लंड ही दिखा दूंगा! नहाने के बाद मैंने अपने बदन पर तोवेल लपेट लिया. मैंने देखा की रीटा मुझे देख रही थी पर मैंने ऐसे एक्टिंग की जैसे मैंने उसे नहीं देखा. फिर मैंने फ्रिज खोल के पानी की बोतल निकाली और पिने लगा.. जानबूझ के मैंने कुछ पानी को अपने तोवेल पर ही गिरा दिया. और फिर जानबूझ के अपने तोवेल को निचे गिरा दिया. अब मैं उसके सामने पूरा नंगा खड़ा हुआ था. मेरा लंड एकदम कडक था और उसने उसे देख लिया. अब मैंने चांस लिया और उसके करीब चला गया. वो मुझे ही देख रही थी. और फिर उसने मेरे लंड की तरफ देखा. मैंने उसके चहरे पर अपने हाथ लगा दिए और फिर उसे अपनी तरफ खिंच के किस कर ली. वो कुछ भी नहीं बोली,, लेकिन वो डरी सी लग रही थी.

फिर उसने पूछा, आप को पक्का ये सब करने का हे मेरे साथ में?

मैंने कहा, हां डार्लिंग ये सब और दूसरा भी बहुत कुछ!

और ये कह के मैंने उसके होंठो के अन्दर अपने होंठो को लोक कर दिए. उसके चहरे को पकड़ के मैंने 10 मिनिट तक मस्त किसिंग किया उसके साथ.

बहार धीरी धीरी बरसात हो रही थी. और इसलिए मैं बहुत खुश था क्यूंकि मैं बरसात में सेक्स करना चाहता था. मैंने उसे चुम्मे देते हुए ही घर की छत पर ले गया. फिर मैंने वहां पर उसक कपडे फाड़ डाले. मैं एक जंगली जानवर की तरह हो गया था जो जू से भाग के आया हो. मैं उसके बूब्स को चूसने लगा. और उन्हें काट भी रहा था. फिर वो अपने घुटनों के ऊपर बैठ गई. और एक ही झटके में उसने मेरे पुरे लंड को अपने मुहं में ले लिया. और वो जैसे कोई पोर्नस्टार हो वैसे मेरे लंड को चूस रही थी. वो लंड को अपनी जबान के टिप से चुस्ती गई. और फिर वो लंड पर थूंक के उसे चाटने लगी. मैं ये सब देख के और भी होर्नी हो गया. मैंने उसके बाल पकड लिए और उसका चहरा मेरे चहरे के पास ले आया. मैंने उसके मुहं में थूंक के किस किया. और बदले में उसने भी मेरे मुहं में थूंक दिया. बड़ा मसर इंग्लिश टाइप का सेक्स चल रहा था इस देसी कामवाली के साथ! फिर मैंने उसे कहा की चलो तुम लेट जाओ मैं चूत चाटूंगा.

वो लेट गई और मैंने उसकी टाँगे खोल के चूत को चाटना और किस करना चालू कर दिया. उसकी चूत से बदबू आ रही थी. पर मैं रुका नहीं और चूत को चाटने में मस्त बीजी रहा. और फिर मैंने अपनी एक ऊँगली को कामवाली की चूत में डाल दी और उसे चोदने लगा. फिर एक मिनिट के भीतर दूसरी ऊँगली भी अन्दर कर दी. मैं जोर जोर से दो ऊँगली से उसकी चूत को चोद रहा था और बाकी की तिन उंगलियों से बहार उसके चूत के दाने को हिला रहा था. वो एकदम मस्तियाँ गई थी. उसने मेरे बाल पकड लिया और उन्हें नोंचने लगी. बरसात में भीगे हुए बदन के साथ सेक्स का मजा लेना अलग ही अनुभव था. अगले ही पल वो झड़ गई और मेरी ऊँगली के ऊपर उसकी चूत का रस निकल गया. मैंने उसके चूत के पानी को चाट लिया. दोस्तों अब मैंने अपने लंड को कामवाली की चूत पर लगा दिया. और एक झटके में मेरा लंड उसके अन्दर घुसा दिया. मैं अपनी बोडी को उसके ऊपर हिलाने लगा. उसने दोनों टाँगे पूरी खोल दी ताकि लंड अन्दर तक घुस सके. फिर मैंने मम्मे यानी की बूब्स चूसते हुए जो जोर जोर के झटके लगाए की इस कामवाली को भी औरत होने का असली अनुभव मिला.

4-5 मिनिट की हार्ड चुदाई के बाद मेरे लंड का रस निकलने को था. मैंने उसके बूब्स और चहरे के ऊपर ही सब पानी छोड़ा. वो जितना चाट सकती थी उतना वीर्य चाट गई. और बाकी का पानी में बह गया बरसात के. कुछ देर तक हम ऐसे ही लेटे रहे छत के उपर. बरसात, चुम्बन, चोदन, वीर्य, चूत का रस सब कुछ साथ में मिल के कितना होर्नी फिल करवा रहा था ना! मैं फिर से कामवाली को किस करने लगा. और मैंने उसे पूछा की तुम्हे ये अनुभव कैसा लगा? तो उसने कहा पिछले कुछ सालों में उसका ये सब से अच्छा सेक्स अनुभव था.

मैंने उसे कहा जब तक बरसात नहीं रूकती हे तब तक हम चुदाई करें क्या? वो बोली ठीक हे. दोस्तों मैं इस देसी कामवाली को मिशनरी, 69, काऊगर्ल जैसी 6-7 सेक्स मुद्राओं में चोदा बरसात 4 घंटे तक चालु रही. और हम लोग भी दो सेक्स के बिच में थोडा ब्रेक कर के फिर से लग जाते थे. फिर हम लोग निचे आये. और बाथरूम में मैंने उसके साथ नाहा के उसे अपनी मम्मी की नाइटी पहना दी. वो बोली, आप बहुत अच्छा चोदते हो. मैना कहा तुम भी मस्त सेक्स करती हो डार्लिंग. फिर मैंने उसे कहा आज रात को यही रुक जाना. वो बोली ठीक हे, मैं अपने बेटे को फोन कर दूँ. उसने बेटे को कॉल किया. मैं मेन रोड से खाने का पार्सल ले आया. हमने खाने के बाद ब्ल्यू फिल्म्स चढ़ा दी. वो मेरी गोरी में बैठ के मूवी देख रही थी और मैं उसकी चूंचियां दबा रहा था!