साधु बाबा का रंगीन खेल-1

चुनमुनिया के सभी पाठकों को प्रणाम दोस्तो मैं अपनी कई कहानियाँ पोस्ट कर चुका हूँ . Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai और दीदी मेरा प्यार अभी रनिंग में है . दोस्तो आज मैं आपके लिए एक ऐसे ढोंगी साधु बाबा की कहानी पेश कर रहा हूँ . इस साधु बाबा ने कैसे एक परवार को फँसा कर सास और बहू को कैसे चोदा और उनके साथ रंगरेलियाँ मनाई . कैसे हुआ क्या हुआ ये सब आप जान पाएँगे जैसे जैसे ये कहानी आगे बढ़ेगी . तो चलिए दोस्तो कहानी की तरफ चलते हैं

रिया जिसकी उमर 30 साल की थी उसका पति देल्ही मे नौकरी करता था. रिया गाओ मे अपने सास ससुर के साथ रहती थी. पूरा परिवार बेहद ग़रीब और अंधविश्वासी था. किसी को कुछ भी हो जाता तो वो सीधे साधु बाबओ के पास ही जाते. एक बार पास के गाओ मे ही एक साधु बाबा आए थे. जो कि बहुत ही ज़्यादा प्रसिद्ध थे. रिया की सास ये सुनते ही रिया को लेकर उस साधु बाबा के आश्रम मे गयी. थोड़ी देर बैठने के बाद इनका नंबर. आया. जब रिया और उसकी सास बाबा के पास पहुचे तो रिया की सास अपना दुखड़ा सुनाने लगी की हमारे घर मे पैसे नही रुकते और सभी बीमारियो से घिरे रहते है. और हमारा पोता भी नही होता. कुछ तो करो बाबा की हमारा परिवार सुख से रहे. बाबा ने रिया को देखकर पूछा कि ये सुंदरी कॉन है. रिया सुनते ही शरमा गयी. रिया की सास ने बताया कि बाबा ये हमारी बहू रिया है.
एक बात बताना भूल गया दोस्तो रिया की सास का नाम सरिता है…अब आगे…….
बाबा रिया को देखकर थोडा मुस्कुरा कर बोले कि रिया अपना हाथ दिखाओ .

रिया अपना हाथ दिखाने लगी. बाबा तो मस्ती से रिया का हाथ पाकर कर प्यार से सहला रहे थे. और सरिता से बोले कि आपके घर मे तो कोई सुखी से नही रहता. आपके घर मे कुछ तो है. इसलिए आपके घर मे एक पूजा करनी होगी जोकि 10 से 15 दिन मे पूरी होगी. सरिता थोड़ा दुखी होकर बोली कि बाबा इतने पैसे तो नही है हमारे पास कि आपसे 10 दिन तक पूजा करवा सके.

बाबा फिर रिया की तरफ देखते बोले कोई बात नही आप बस हमारा रहने का प्रवन्ध करवा दीजिएगा. हम आपके घर मे ही रहेंगे और पैसो की चिंता मत करिए. हम कोई पैसे नही लेंगे. हम तो सबको खुश देखना चाहते है. सरिता तो बहुत खुश हो गयी कि बाबा उनके घर पधारेंगे और पूजा के लिए कोई पैसे नही लेंगे……
सरिता ने फिर पूछा कि बाबा आप कब चलोगे हमारे घर..दोस्तो ये कहानी आप चुनमुनियाडॉटकॉम पर पढ़ रहे है
बाबा बोले कि एक काम करना आज रात को 8 बजे अपनी बहू को हमारे पास भेज देना. मैं उसी के साथ आ जाउन्गा और हम किसी को पता नही चलना चाहिए कि मैं तुम्हारे घर मे ठहरा हू वरना ये पूजा सफल नही होगी. सरिता हाँ मे हाँ मिलती हुई रिया को लेकर अपने घर चली गयी…

फिर रात को सरिता ने अपनी बहू को बाबा के पास भेजा. उसके घर से करीब 4किमी दूर था बाबा का आश्रम. रिया खेतो के बीच मे होते हुए बाबा के पास पहुचि. बाबा भी तैयार थे जाने के लिए.. रिया साड़ी पहनी हुई थी…बाबा ने रिया को देखकर खुश हुए और रिया के साथ चल दिए. बाबा ने रिया को आगे चलने को कहा और खुद रिया के पीछे पीछे चल रहे थे. दोनो खेतो के बीचो बीच चल रहे थे. दोनो तरफ गेहू की फसल लगी हुई थी.

अंधेरी रात थी. और रात के समय खेतो मे कोई और नही था सिर्फ़ रिया और बाबा ही चले जा रहे थे. बाबा रिया की पीछे से गंद देखते जा रहे थे. और रिया भी अपनी गंद मटकाते चली जा रही थी कि अचानक रिया का पैर फिसल गया और वो वही गिर गयी. उसके पैर मे मोच आ गयी थी. बाबा ने उसके पास गये और रिया से पूछा कि कही चोट तो नही लगी.

रिया बोली कि नही बाबा बस पैर मे थोड़ी मोच आ गयी है.
बाबा- बेटी तुम्हारे घर की दशा बहुत खराब चल रही है. अब मैं आ गया हू अब सब ठीक हो जाएगा. आओ तुम्हे उठा देता हू.
इतना बोलकर बाबा ने रिया की गंद पर हाथ रखकर रिया को उठाया लेकिन रिया से उठा नही जा रहा था. फिर बाबा रिया को अपनी गोद मे उठाकर उसके घर की तरफ ले जाने लगे. रिया को तो शरम लग रही थी लेकिन क्या करती. और बाबा तो मज़े मे एक हाथ से रिया की गंद को दबाए जा रहे थे. रिया तो अपने दर्द मे ही थी उसका इसपर ध्यान ही नही गया. आख़िरकार बाबा रिया के घर पहुच ही गये. बाबा रिया को बेड पर लिटाया. सरिता ये सब देखकर परेशान हो गयी कि रिया को क्या हो गया. सरिता ने बाबा से पूछा.

बाबा ने सरिता जो बताया कि इस पर भूतो का साया है. अगर मैं इसके साथ नही होता तो ये आज मर गयी होती. सरिता ये सुनते ही घबरा गयी. बाबा ने फिर बोला कि तेल से मालिश कर दो वो ठीक हो जाएगी. और कल रात से पूजा शुरू करेंगे. सरिता ने बाबा को खाना खिलाया और उपर वाले कमरे मे बाबा के आसान पर ले गयी जो एकदम एकांत मे कमरा था उधर कोई भी नही जाता था. और फिर सरिता रिया की मालिश करने लगी.दोस्तो ये कहानी आप चुनमुनियाडॉटकॉम पर पढ़ रहे है सुबह हुई रिया अपने घर के काम मे जुट गयी.अब रिया एकदम ठीक थी. सरिता बाबा के कमरे मे गयी जहाँ बाबा ध्यान मे मग्न थे. सरिता वही बैठी रही जब तक बाबा ने अपनी आँखे नही खोली. सरिता फिर बाबा के पैरो मे गिरकर पूजा करने लगी. बाबा थोड़ा गुस्से मे बोले ये क्या कर रही है मूर्ख. अपनी बहू को भी लेकर आ….वो मेरी पूजा नही करेगी.

सरिता डरते हुए बोली हम बाबा अभी लेकर आती हू सरिता रिया को लेकर बाबा के पास गयी. और दोनो ने बाबा की पूजा की. फिर शाम हुई और बाबा ने सरिता को बुलाया और सरिता से बोलने लगे कि रिया बेटी को मेरे पास इस कमरे मे 3 दिन के लिए रखना होगा और इस दौरान इस कमरे मे कोई नही आएगा. मैं उसके साथ पूजा करूँगा ताकि उसके उपर के सारे भूत प्रेत भाग जाए वरना वो कभी माँ नही बन पाएगी.
सरिता- ठीक है बाबा.
इतना बोल सरिता जाने लगी.
जैसे ही रात हुई सरिता रिया को बाबा के कमरे मे लेके आई.
बाबा ने सरिता को बोला कि जाओ रिया के सारे कपड़े लेकर आओ. और ये लो फोन जब भी ये फोन बजे तो तुम इस कमरे मे आ जाना.
सरिता बोली ठीक है बाबा और रिया के सारे कपड़े लेकर आई. फिर चली गयी.
बाबा ने रिया से बोला कि जाओ दरवाजा बंद करके आओ.
रिया दरवाजा बंद करके बाबा के पास आई..

बाबा ने रिया को अपने पास बिठाया और पूछा कि तुम्हारी शादी को कितने साल हुए.
रिया- जी 5 साल हो गये.
बाबा-तुम माँ बनना चाहती हो.
रिया- जी
बाबा- मैं तुम्हे जो कहूँगा वो करोगी तो तुम माँ बन जाओगी.
रिया बहुत खुश हो गयी..
रिया- जी बाबा मैं सब कुछ करूँगी जैसा आप कहोगे.
बाबा- ठीक है जो मैं बताउन्गा वो बिना शरमाये हुए बताना.
रिया- ठीक है बाबा पूछो…..
बाबा- तुमने इस वक़्त क्या पहना है.
रिया- जी साड़ी पहनी है दोस्तो ये कहानी आप चुनमुनियाडॉटकॉम पर पढ़ रहे है
बाबा- वो तो मैं भी जानता हू रिया. तुम अपने सारे कपड़े बताओ.
रिया- जी साड़ी पहनी है और ब्लाउस और पेटिकोट पहना है.
बाबा- अरे ये बताओ कि ब्रा, पेंटी पहनी हो कि नही.
रिया- नही बाबा वो तो नही पहना मैने.
बाबा- इसीलिए तो तुमपर भूत आ जाते है. तुम्हे तो हमेशा ब्रा और पेंटी पहननी चाहिए ताकि वो तुम्हारे अंदर ना आ सके.
चलो ब्रा और पेंटी पहनो और हाँ ये कपड़े उतारकर वो दुल्हन वाले कपड़े पहनो.
रिया – ठीक है बाबा मैं अभी पहना कर आती हूँ.
इतना कहकर रिया कपड़े लेकर कमरे से बाहर जाने लगती है तो बाबा उसे रोकते है और बोलते है कि रिया तुमको इस कमरे से 3 दिन तक बाहर नही जाना है.
रिया- लेकिन बाबा मैं आपके सामने कैसे कपड़े बदल सकती हू.
बाबा- अरे एक काम करो. तुम बेड पर सो जाओ और उपर से रज़ाई ओढ़ लो फिर रज़ाई के अंदर तुम कपड़े बदल लेना.
रिया- ठीक है बाबा.
इतना कहकर रिया बेड पर सोकर रज़ाई ओढ़ लेती है और अपने कपड़े उतारने लगती. रिया रज़ाई के अंदर अपनी साड़ी उतार कर बाबा को देती है. बाबा भी बेड पर बैठे होते हैं और रिया की साड़ी लेकर दूसरी तरफ रख देते है. फिर बाबा बोलते है.
बाबा- रिया अपना ब्लाउस उतारो.
रिया रज़ाई के अंदर से अपनी ब्लाउस उतार कर बाबा को देती है.
बाबा रिया की ब्लाउस को सूंघ कर रिया से बोलते है कि क्या सुगंध है रिया.
रिया ये सुनकर शरमा जाती है. फिर रिया अपना पेटिकोट खोलती है लेकिन उसके पेटिकोट का नाडा नही खुल पाता है और बाबा से बोलती है कि बाबा नाडा नही खुल रहा.
बाबा- मैं जानता हू रिया ये काम भूतो का है जो तुम्हारी चूत मे है .
चूत शब्द सुनकर रिया बहुत शरमा गयी. और अपनी आँखे बंद कर ली.
बाबा बोले कि चलो मैं मदद कर देता हूँ. और बाबा रज़ाई के अंदर हाथ डालकर रिया के पेट पर ले जाकर उसका नाडा खोलने लगते है. और उसी बहाने रिया की चुनमुनियां पर भी पेटिकोट के उपर से मसल्ने लगते है. और रिया के मूह से हल्की सी सिसकारी निकल जाती है.दोस्तो ये कहानी आप चुनमुनियाडॉटकॉम पर पढ़ रहे है
बाबा से भी रिया का पेटिकोट नही खुलता तो फिर बाबा कैची लेकर रिया के पेटिकोट का नाडा काट देते है. और उसका पेटिकोट निकाल देते है.
अब रिया रज़ाई के अंदर एक दम नंगी लेटी होती है. फिर साधु बाबा रिया के कपड़ों मे से उसकी पेंटी रिया को देकर कहते है कि लो रिया इस पेंटी को पहनकर अपनी चूत और गान्ड को ढक लो.
रिया- ठीक है बाबा.
ऐसे ही रिया को ब्रा भी देते है.
रिया- बाबा पेटिकोट भी दे दो.
बाबा- नही रिया अब तुम सिर्फ़ साड़ी पहनोगी तभी पूजा होगी.
रिया- ठीक है बाबा.
रिया अपनी ब्रा पेंटी पहनने के बाद उपर से साड़ी लपेट लेती है और फिर रज़ाई हटा देती है.
रिया एक दम माल लगती है. रिया की पीछे से पीठ खुली रहती है. और कमर एक दम नंगी दिखती है.

क्रमशः,,,,,,,,,,,,,,,,

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