मेरी गर्लफ्रेंड की चूत

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मेरी गर्लफ्रेंड का नाम संध्या है और उसकी उम्र 19 साल है.. वो दिखने मैं बहुत सेक्सी पटाखा लगती है.. उसके बड़े बड़े बूब्स, बड़ी गांड हर किसी को पागल होने पर मजबूर कर देती है.
दोस्तों यह तब की बात है.. जब मैं कॉलेज में पढ़ता था. मेरा घर और मेरी गर्लफ्रेंड का घर आमने सामने ही है और वो दुर्गा पूजा का समय था और उसके घर वाले पूजा की छुट्टियाँ मनाने उसके घर मतलब कि उनके गावं जा रहे थे. फिर उसी शाम को संध्या ने मुझे फोन किया और बताया कि आज मेरे घर वाले पूजा करने कुछ दिनों के लिए गावं जा रहे हैं.. प्लीज तुम मेरे घर आना. तो मैं बहुत ही जोश मैं आ गया.. क्योंकि मेरे मन मैं उसको देख देखकर उसके लिए बहुत गंदे गंदे ख़याल आने लगे थे और मैंने जाकर मेडिकल स्टोर से कंडोम ले लिया और सोचा कि आज जो भी हो जाए सेक्स करके ही रहूँगा. फिर जब उसके घर वाले चले गये तो उसने मुझे फोन किया और बोला कि तुम आ जाओ. तो मैं अपने घर पर अपनी माँ को बोला कि मैं अपने दोस्त के घर सोने जा रहा हूँ और यह बात बोलकर चला गया और फिर जब मैं वहाँ पर पहुंचा तो देखा कि उसने अपने घर का दरवाजा खुला ही रखा था.. फिर मैं उसके घर में बहुत डर डरकर घुस गया और मैं जाकर सोफा पर बैठ गया.

फिर वो अपने बेडरूम से एक सफेद कलर की साड़ी पहन कर निकली और वो ऐसी लग रही थी जैसे कोई परी आ गई हो और मैं तो उसे देखता ही रह गया. फिर वो मेरे पास आई और मुझे एक हल्की सी स्माईल दी और मेरी साईड मैं आकर बैठ गयी. मेरे दिमाग मैं तो सेक्स का भूत चड़ा हुआ था तो मैंने उसे अपनी गोद में उठा लिया और उसे किस करने लगा तो वो गुस्सा हो गई और बोली कि मैं तुम्हारे लिए पिछले दो घंटे से तैयार हो रही हूँ और तुम हो कि तारीफ भी नहीं करते.. यह बोलकर वो मेरे पास से उठने की कोशिश करने लगी. तो मैं भी उसे कहाँ छोड़ने वाला था और फिर मैंने कहा कि अगर तुम्हे तारीफ सुननी है तो मेरी एक शर्त है? मैं जिस जगह की तारीफ करूँगा उस जगह पर किस करूँगा. तो वो मानने को तैयार नहीं हुई.. लेकिन मेरे ज्यादा ज़ोर देने पर वो मान गई. फिर पहले तो मैंने उसकी आखों से शुरू किया और किस करने लगा.. फिर मैंने उसके होंठ की तारीफ की और ऐसा फ्रेंच किस किया कि वो पूरी गरम हो गई और मेरे बदन से लिपट गई और मुझे ज़ोर से अपनी बाहों मैं जकड़ लिया. तो मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ जानू? उसने शरमाते हुआ बोला कि कुछ नहीं. फिर मैंने उसकी साड़ी को उसके बूब्स से अलग किया और उसके गले पर किस करते करते उसके ब्लाउज को खोल दिया. वाह क्या बड़े बड़े बूब्स थे.. मुझसे तो रहा ही नहीं गया और जल्दी से उसकी ब्रा को खोलकर मैं उसके बूब्स दबाने लगा और बूब्स के निप्पल को अपने मुहं मैं लेकर ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा. तो वो गरम होकर सेक्स के मूड मैं आ चुकी थी और मेरे सर को पीछे से पकड़ कर अपने बूब्स पर दबाने लगी और एक बूब्स को अपने हाथ से मसलने लगी. तो मुझे समझ में आ गया था कि आज कुछ होने वाला है. फिर मैंने अपनी शर्ट को खोल दिया और उसकी छाती के साथ मेरी छाती को चिपका कर उसे किस करने लगा और धीरे धीरे मैं उसके पेटीकोट को भी खोलने की कोशिश करने लगा. तो वो मना करने लगी.. लेकिन मुझे समझ मैं आ रहा था कि उसकी ना का मतलब हाँ है और मैंने उसकी एक ना सुनी और उसे पूरी तरह नंगी कर दिया.
तो उसने मेरे सामने पूरी नंगी होने की वहज से शरम से अपना सर नीचे कर लिया और फिर मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और अपने एक हाथ से उसकी चूत के मुहं को खोलकर उसके छेद को देखने लगा. तो उसने शरम से अपने दोनों हाथों से अपने मुहं को ढक लिया. उसकी चूत पूरी तरह साफ थी और चूत पर एक भी बाल नहीं था.. मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे उसने अपनी चूत आज ही साफ की हो. फिर मैंने उसकी चूत पर एक किस किया.. तो वो बोल उठी कि तुम यह क्या कर रहे हो? फिर मैंने उसे बताया कि यह मेरी है मैं जो चाहूँ करूं तुम बिल्कुल चुपचाप रहो और सेक्स के मजे लो. फिर मैंने अपनी दो उंगली से उसकी चूत को खोला और अपनी पूरी जीभ चूत मैं डालकर कुत्ते की तरह चूत चाटने लगा.. उसकी चूत बहुत गरम और रसीली थी तो मैं जोश में आकर ज़ोर ज़ोर से चाटने लगा. फिर कुछ देर उसकी चूत को चाटने के बाद वो मेरे बालों को पकड़कर मेरे मुहं को अपनी चूत पर दबाने लगी और फिर उसने अपनी चूत से निकले पानी को मेरे मुहं पर ही छोड़ दिया और एक हल्की सी स्माईल देकर मुझे सॉरी बोला और बेड पर फिर से निढाल होकर लेट गई.
फिर मैंने अपनी पेंट उतारी और उससे बोला कि अब तुम्हारी बारी.. तो उसने मेरे लंड को अंडरवियर के अंदर से आज़ाद किया और लंड को देखकर डर गई और कहने लगी कि इतना बड़ा लंड.. यह मेरी चूत के अंदर नहीं जा सकता.. इससे तो मेरी चूत फट जाएगी. तो मैंने उसे कहा कि मैं इसे तुम्हारी चूत के अंदर नहीं डालूँगा.. तुम बस इसे किस करो. तो उसने मेरे लंड को अपने मुहं में लेना शुरू कर दिया वाह क्या मज़ा आ रहा था और उसने जब लंड को मुहं में लिया तो मैं एक अलग ही अहसास महसूस कर रहा था मेरे पूरे शरीर मैं एक अलग सा जोश आने लगा और वो मेरे गुलाबी कलर के सुपाड़े को अपने मुहं में लेकर उसके चारो तरफ अपनी जीभ घुमाने लगी. फिर हम दोनों 69 पोजिशन मैं आ गए और मैं फिर से उसे गरम करने के लिए उसकी चूत को जोश मैं आकर चाटने लगा और वो भी फिर से पूरे जोश में आ गई. तो उसने मुझसे कहा कि जानू प्लीज मेरे अंदर इसे डालो.. तो मैंने उसे जानबूझ कर कहा कि यह बहुत बड़ा है और तुम्हे बहुत दर्द होगा. तो वो बोली कि जो होगा मुझे होगा मैं सब सह लूँगी.. तुम प्लीज अब जल्दी से डालो. फिर मैं उसकी दोनों जांघो के बीच आया और मेरे लंड को हाथ से पकड़ कर उसकी चूत के ऊपर ऊपर ही रग़ड़ने लगा तो वो सिसकियाँ भरती हुई आवाज़ से बोली कि और अब कितना तड़पाओगे जल्दी से डालो ना अंदर. फिर मैं समझ गया कि यही सही मौका है और मैंने अपने लंड को थोड़ा धक्का दिया.. लेकिन चूत पर पानी होने के कारण लंड फिसलकर बाहर आ गया. मैंने उसे कहा कि जान तुम सेट करो और मैं उसके ऊपर सो गया. तो उसने मेरे लंड को अपने हाथ मैं लेकर अपनी चूत के छेद पर रख दिया.
तो मैंने एक हल्का सा धक्का लगाया और मेरा सुपाड़ा चूत के बहुत गीली होने की वजह से फिसलकर चूत की गहराइयों में चला गया और मैं लंड को धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा. फिर मैं उसके बूब्स को भी सहलाने, चूसने लगा तो वो सिसकियाँ भर रही थी और उसके मुहं से उफ्फ्फ आहहाअ की आवाजे आ रही थी और उसका पेट भी ऊपर नीचे हो रहा था.. वो ज़ोर ज़ोर से सांसे ले रही थी.. उसके पूरे शरीर से पसीना बह रहा था और फिर वो मुझे अपने ऊपर से हटाने की कोशिश करने लगी. उसकी यह पहली चुदाई थी जिसकी वजह से उसे दर्द हो रहा था. तो मैंने अपने लंड को थोड़ी देर उसी जगह पर शांत रखा और करीब पांच मिनट के बाद थोड़ा उसे आराम मिला तो मैंने फिर एक धीरे से धक्का लगाया और पूरा लंड उसकी चूत मैं डालकर आगे पीछे करने लगा.. लेकिन उसे बहुत दर्द हो रहा था तो वो रोने लगी.
फिर मैं अपना लंड अंदर ही डालकर उसके ऊपर लेटा हुआ था और जब मैंने देखा कि उसे थोड़ी राहत मिलने लगी है तो मैं धीरे धीरे अपना लंड फिर से आगे पीछे करने लगा और उसे दर्द होने के कारण वो आहह उफ्फ्फ की आवाजे निकाल रही थी और अब धीरे धीरे उसका दर्द भी कम होने लगा और उसे भी मज़ा आने लगा. तो उसने मुझे कसकर पकड़ लिया. फिर मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई और अपने लंड को ज़ोर से चूत मैं दबा दबाकर धक्के देकर चोदने लगा और जैसे ही मेरा लंड अंदर जाकर उसकी चूत मैं टकराता तो फच फच की आवाज आती. फिर मेरा वीर्य निकलने का समय आया तो मुझे भी बहुत सेक्स का जोश आ गया था और मैंने उसके कंधे को पकड़कर एक ज़ोरदार झटका मारा.. उसकी चूत में धक्को के साथ पूरा लंड डालकर उसकी चूत की गहराइयों में वीर्य डाल दिया और उसके ऊपर ही थककर लेट गया. फिर यह सब होने के बाद मुझे याद आया कि मेरे पास कंडोम है और मैंने उसको अपने लंड पर नहीं लगाया है.. तो मैं बहुत डर गया और उसकी पहली चुदाई होने की कारण उसकी चूत से खून भी आने लगा था. फिर मैंने अपने एक दोस्त से बात की तो उसने मुझे बताया कि कुछ नहीं होगा..
तुम बस सेक्स के मजे लो. फिर मैं करीब आधा घंटा उसके पास पूरा नंगा लेटा रहा और फिर मैं रात को उठा और एक बार फिर से चुदाई में लग गया.. लेकिन इस बार मैंने लंड पर कंडोम लगा लिया और चुदाई करने में लग गया. दोस्तों मैंने उस रात उसको तीन बार चोदा और फिर सुबह उठकर मैंने अपने कपड़े पहने और घर जाने लगा. तो उसने मुझे रोका और मेरे लिए चाय बनाकर लाई और हमने साथ मैं बैठकर चाय पी और मैं अपने घर आ गया. दोस्तों उसके बाद जब भी मौका मिला मैंने उसे बहुत चोदा ..