भैस और कुतिया की चुदाई

दोस्तो मुझे ये कहानी मेल से मिली है और मैं इस कहानी को लेखक की ज़ुबानी ही यहाँ पेश कर रहा हूँ Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai
चुनमुनिया के सभी पाठको को छुट्टन लाल का नमस्कार। मैं राजस्थान मैं रहता हु। जय शर्मा के द्वारा इस वेबसाईट के माध्यम से आज मैं आप को अपने जीवन की कुछ सच्ची घटनाए सुनाने जा रहा हूँ । मेरी हाईट 6 फुट है मेरा रंग लंड की तरहा काला है। और मैं हमेशा काला चश्मा लगा के रहता हु। भगवान की दया से आज मेरे पास पैसे की कोई कमी नही है। मैं गाव का रहने वाला हु लेकिन आज मेरा सिटी मे 2 मंजिला घर है।

बात उस समय की है जब मैं 20 साल का था। मेरा रंग काला था तो कोई भी लडकी मेरे से सेट नही होती थी मैं अपना गुजारा मुठ मार मार के करता था। मेरे दोस्तों की 3 या 4 गर्लफ्रेंड थी। वो हमेशा अपनी गर्लफ्रेंड की चुदाई करते रहते थे और मेरे को आ के सारी स्टोरी सुनाते थे। और मैं घर आ के पूरी रात जोर जोर से मुठ मारता कभी अपने लंड पर तेल लगाता तो कभी वसलीन लगा के मुठ मारता अब मैं मुठ मारते मारते परेशान हो गया अब मुठ से मेरे लंड को शान्ति नही मिलती थी।अब मेरा मन करता था की किसी लडकी का बलात्कार ही कर दूं और जेल चला जाऊ।

एक दिन मैं बीफ देख रहा था। बीफ मैं एक डॉग्गी एक लडकी की चुदाई कर रहा था। मेने बोला इसकी माँ को चोदू साला मैं मुठ मार मार के काम चलाता हूँ और ये कुत्ता लडकी की चुदाई कर रहा है।अब मेरा दिमाक खराब हो गया तभी मेरे दिमाग़ मे आइडिया आया। मैं सोचने लगा अगर एक कुत्ता लडकी की चुदाई कर सकता है तो क्या मैं एक कुत्ती को भी नही चोद सकता क्या। अब मेने कुतिया को चोदने का प्लान बना लिया। लेकिन कुतिया लाऊँ कहा से। मेरे पड़ोसियों के पास एक कुतिया थी और वो अभी छोटी थी। मेने सोचा छोटी कुतिया की टाइट चूत को चोदने में बड़ा मज़ा आयेंगा। तो मैं घर की रखवाली का बहाना कर के उस कुतिया को मेरे घर ले आया। अब रात हो गयी मेने कुतिया को गोद में उठाया और अपने कमरे में ले जा के कुण्डी लगा दी।फिर मैं पूरा नंगा हो गया। पहले तो मेने अपना लंड कुतिया को चूसाने की कोशिस की लेकिन कामयाब नही हुआ।

फिर मेने अपने लंड को कुतिया की चूत पर रख दिया और जेसे ही धक्का दिया तो कुतिया ने घूम के मेरे हाथ पर बटका मार लिया। फिर मेरे को गुस्सा आया और मेने उस कुतिया के जोर से लात मारी फिर मैं एक टेप लाया और कुतिया के मुह के चारो और लपेट कर कुतिया का मुह बंद कर दिया। और फिर अपना लंड उस की चूत में डाल दिया आज तो जन्नत जेसा मज़ा आ गया था। कुतिया छोटी थी तो उस की चूत फट गयी ऒर जोर जोर से कुन्मुना रही थी, लकिन मेने कुछ नही सोचा और जम के उस की चुदाई कर दी। और चुदाई के बाद मेने उसे छोड़ दिया अब कुतिया की चाल ही बदल गयी थी। लेकिन पहली बार मेरे लंड को शांति मिली । अगले दिन कुतिया का मालिक कुतिया की हालत देख सब समझ गया और मेरा भांडा पूरी कोलोनी के सामने फोड़ दिया मेरी बहुत बेईज्जती हुइ। तो बेईज्जती से तंग आ के मैं गाव आ गया।

कुछ दिन तो मुठ मार मार के कट गये लेकिन अब फिर से मेरी वासना आउट ऑफ कंट्रोल हो गयी।गाव में कोई भी मेरे को कुतियाओ के पास नही जाने देता था सब अपनी पालतू कुतियाओ को मेरे से छुपा के रखते थे। गाव में मेरा नाम छुट्टन लाल कुतियाचोद पड़ गया था। तो दोस्तों अब मेरे को लडकी तो दूर की बात कुतिया भी नसीब नही हो रही थी। इन सब बातो से तंग आके मैं अपने गाव के बाड़े में बेठा था। तभी मेरी नजर वहा खड़ी भेस पर पड़ी। और फिर से मेरे दिमाक की बत्ती जल गयी। भेस चारा खा रही थी।

मैंने अपना लंड निकाला और भेस के पीछे लग गया लेकिन मेरा लंड भेस की चूत तक नही पहुच रहा था। तो मेने एक बाल्टी उलटी कर के लगाई और उस पर चढ़ के भेस को चोदने लग गया। साली भेस के मेरे लंड से कोई असर ही नही हुआ वो तो बस चारा चर रही थी। मैं धमाधम भेस की चुदाई कर रहा था बाल्टी बज रही थी बड़ा मज़ा आ रहा था। अब में झड़ने वाला ही था की पीछे से मेरी भाभी आ गयी और मेरे को देख लिया और चिल्लाने लग गयी छुट्टन ये क्या कर रहे हो मैं बोला भाभी बस 2 मिनट और।

तो उस दिन से मैं भेसचोद भी बन गया अब साला कोई मेरे को अपनी भेस के पास भी नही जाने देता। फाइनली मेरी शादी हो गयी अब मेरे दो बच्चे है दोनों लडके है और मेरी तरहा काले है। साले अपने बाप पर जो गये है।

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