भाभी के साथ रंगरेलियाँ–1

दोस्तो आपके लिए एक और कहानी लेकर आया हूँ Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai आपने मेरी पिछली कहानी पढ़ी ही होगी कि कैसे मैने अनिता भाभी को दुबारा चोदा था . अब मैं आपको बताता हूँ कि मैने अनिता भाभी को पहली बार कैसे चोदा . दोस्तो अब ज़रा अपने परिवार के बारे मे बता दूं . मेरे परिवार में मेरे मम्मी पापा और ताऊ और ताई जी है और उनका बेटा रवि है रवि की शादी हो चुकी है
मेरी भाभी का नाम अनिता है . अनिता भाभी बहुत ही सुंदर हैं मेरा मन उन्हे चोदने को करता था

अब मैं जुगाड़ मे था कि कैसे अनिता भाभी को चोदु पर बात नही बन रही थी.शाम को हम ऐसे ही बैठे थे तो उसके पति रवि ने जिकर किया कि उसको काम के सिलसिले मे बाहर जाना पड़ेगा कुछ दिनो के लिए पर घर पे कोई नही है तो वो कैसे जाए तो

पापा बोले कि वो जाए और घर की तरफ से बे फिकर रहे.अगली सुबह रवि काम पे निकल गया शाम को पापा ने मुझे बुलाया और कहा कि जब तक रवि या उसके मा-बाबा नही आ जाते मुझे उनके घर पे ही सोना है और भाभी की मदद भी करनी है

कानो मे मैं तो ये सुनके मस्त हो गया पर उपर से ऐसा शो किया कि मेरी कोई इच्छा नही है उनके घर जाने की. खैर धीरे धीरे शाम हुई और मैं उनके घर की ओर चल दिया ……………………………..

मुझे देख कर भाभी हँसते हुए बोली कि आ गये फिर हम ने चाइ पी और बातें करने लग गये. लगभग 9 बजे हम ने सोने की तैयारी की उन्होने मेरी खाट अपने पलंग के पास ही बिछा दी मैं लेटे लेटे उसको चोदने का सोचने लगा

भाभी घाघरे चोली मे बहोत ही मादक लग रही थी जबकि वो गाँव मे एक नॉर्मल ड्रेस ही होती है.मुझसे कंट्रोल नही हो रहा था आख़िर मैने फ़ैसला किया और भाभी के पलंग पे जा के बैठ गया और उनका हाथ पकड़ लिया भाभी उठ कर मेरे पास बैठ गयी और बोली “क्या बात है नींद नही आ रही क्या”

मैने कहा ,”भाभी मुझे कुछ हो रहा है मैं अपने को कंट्रोल नही कर पा रहा हू”तो भाभी बोली कि मैं क्या मदद करू तुम्हारी इतना सुनते ही मैं उस से लिपट गया और उनके गालो की पप्पी ले ली थोड़ी देर मैं उनसे लिपटा रहा फिर मैने उनके होंटो को चूसना शुरू किया पता नही कितनी देर मैं किस करता रहा फिर उन्होने किस तोड़ा और मेरी ओर देखने लगी

मैने दुबारा किस करना शुरू किया और धीरे से अपने हाथ उनकी पीठ पर फेरता रहा अब भाभी की साँसे उखड़ने लगी थी मेरे हाथ उनकी गोलमटोल सुडोल छातियों पे पहुँच गये थे जैसे ही मैने उनकी चूचियो को हल्का सा दबाया भाभी ने मेरा हाथ पकड़ लिया

पर मैने कहा “भाभी आज मत रोको आज बस जो होता है हो जाने दो” तो वो बोली अगर किसी को मालूम हो गया तो मैने कहा चिंता मत करो अभी बस इन लम्हो मे खो जाओ और मेरे हाथ उनकी चूचियो पर कस गये उनके मूह से एक हल्की सी सिसकारी निकल गयी जिस से मैं और उत्तेजित हो गया

मैने भाभी की चोली को खोल दिया और ब्रा के उपर से ही उनको मसल्ने लगा फिर मैने ब्रा को भी उतार दिया और एक चूची को अपने मूह मे भर कर चूसने लगा और दूसरी को अपने हाथ से मसल्ने लगा जैसे जैसे भाभी की निप्पल को चूस्ता गया उनके मूह से उफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ हीईीईईईईईईईईईईईईईईईईई जैसी आवाज़े हल्के हल्के निकलने लगी

मैं बारी बारी से दोनो चुचियो को पीता रहा अब भाभी की आँखो मे खुमारी छाने लगी थी मैने भाभी को खड़ा किया और उनके घाघरे का नाडा खींच दिया जैसे ही वो नीचे गिरा मेरी अनंखे खुशी से चमक उठी उन्होने कछि नही पहनी थी

वो पूर्ण रूप से नंगी मेरे सामने खड़ी थी शरम से उनकी आँखे बंद हो गयी और मेरी नज़रे तो उनकी चूत से ही नही हाथ रही थी काले काले बालों से धकि हुई हाली लाल लाल सी चूत को देख कर मेरा लंड जो पहले से ही ज़ोर मार रहा था और बेकाबू हो गया भाभी बोली लाइट बंद करदो मुझे शरम आ रही है

पर मैने मना किया कि भाभी आज इस हुस्न के दर्शन करने का मौका आया है और आप लाइट को बंद करने के लिए कह रही हो.अब रुकना मुश्किल था मैने अपने कच्छे को छोड़ कर सारे कपड़े उतार दिए और भाभी को अपनी गोदी मे बिठा लिया और उनको किस करने लगा

मेरे हाथ उनकी चुतडो पर पहुच गये और मैं उन्हे सहलाने लगा मेरा लंड उनके चुतडो की दरार पर महसूस हो रहा था वो मस्ती मे आ चुकी थी अब मैने भाभी को लिटा दिया और उनके बदन को चूमना शुरू कर दिया भाभी की पप्पी लेते लेते मैने एक हाथ उनकी चूत पे रख दिया और उसको सहलाने लगा जैसे ही मेरी उंगलिया उनकी झांतो से टकराई उनकी आँखे मस्ती से बोझिल होने लगी

अब मैने उनकी मांसल केले के पेड़ जैसे तनी जाँघो को चूमना शुरू किया तभी मुझे याद आया कि बीएफ मे आदमी औरत की चूत को चाट ता हैं तो मेरे मन मे फितूर हुआ और मैने अपने होंठ भाभी की चूत पे रख दिए जैसे ही मैने चूत पे होंठ रखे भाभी का पूरा बदन कांप उठा

और उनके मूह से लरजती हुई आवाज़ बोली कि ये क्या कर दिया जालिम थोड़ा धीरे यह सुनके मुझे थोड़ा जोश आ गया और मैने उनकी टाँगो को चौड़ी किया और अब चूत पूरी तरह से मेरे सामने थी छोटी सी बालो से धकि चूत मुझे बहुत ही प्यारी लग रही थी

जी मे आया के एक ही झटके मे लंड घुसा दूं पर मैं इस रात को यादगार बनाना चाहता था मैने अपना मूह उनकी गदराई चूत पे रख दिया और उसको अपने मूह मे भर लिया जैसे ही मैने ऐसा किया भाभी की सिसकारियो से कमरा गूँज उठा क्योंकि घर मे हमारे अलावा और कोई नही था तो वो भी थोड़ा खुलके मैदान मे उतर आई थी

चूत से निकलता रस मेरे मूह मे जा रहा था भाभी ने अपने दोनो हाथ मेरे सिर पे रख दिए और मेरे सर को अपनी चूत पे दबाते हुए बोली ” मेरे राजा पी जा आज इसका सारा रस निचोड़ ले मेरा आज से मैं तेरी हो गयी” आहह आआआआअहहााआअ उफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ उफफफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़ ओह! मेरे राजा और अंदर जीभ डाल दो निचोड़ दो मुझे

मैं भी पूरे जोश मे उनकी चूत चाट रहा था अब वो अपनी दोनो चूचियों को खुद ही भींच रही थी और लगातार अपने कुल्हो को हिला रही थी थोड़ी ही देर मे उनका पूरा बदन अकड़ गया और वो काँपते हुए लंबी लंबी साँसे लेने लगी उनकी चूत से बहुत सारा रस निकलने लगा फिर भाभी बेड पे निढाल से पड़ गयी

अब मैने अपना कच्छा उतार दिया और भाभी के साथ लेट गया और उनसे लिपट ते हुए उनके गालों को काटने लगा और उनका हाथ अपने लंड पे रख दिया जैसे ही उनका हाथ मेरे लंड पे कसा उसने एक ज़ोर का झटका खाया भाभी मेरे लंड को सहलाते हुए बोली वाह यह तो बहुत गरम हो रहा है और मेरे लंड के सुपाडे पे उंगलिया फेरने लगी

उनकी उंगलियो से मेरे लंड का संवेदनशील भाग सहलाए से मेरे शरीर पे कंपकंपी चढ़ गयी यह देख के भाभी हँसने लगी और बोली कभी यह आधे रास्ते मे ही दम नो तोड़ दे मैने कहा आजमा ले मेरी रानी और उनको अपने लंड पे झुका दिया भाभी नीचे बैठ गयी और मेरे लंड के सुपाडे पे भी जीभ फेरने लगी

ज़िंदगी मे पहली बार किसी औरत ने ऐसा किया था तो मेरी आँखे मस्ती मे बंद हो गयी भाभी अपनी जीभ को धीरे धीरे लंड पे फेरने लगी मेरा तो हाल टाइट हो गया था भीर उन्होने मेरे लंड को मुँह मे भर लिया और किसी आइस्क्रीम की तरह चूसने लगी मैं तो मस्ती के सातवे आसमान पे पहुच गया था

भाभी ने अब मेरी गोलियो को अपने मूह मे भर लिया और मुझे एक अलग ही सुख को प्रदान करने लगी पूरा लंड उनके थूक से भर गया था अब मैने उनको बिस्तर पे लिटा दिया और उनके उपर लेट के उनके होंटो का रस पीने लगा आग दोनो तरफ बराबर की लगी थी

भाभी मेरे लंड को अपनी चूत पे रगड़ने लगी थोड़ी देर रगड़ने के बाद वो मेरे कान मे बोली अब देर मत करो घुसा दो अंदर मेने हल्का सा धक्का मारा तो सुपाडा चूत मे चला गया उनकी चूत काफ़ी टाइट और गरम थी उनके मूह से आआआआआअहह की आवाज़ निकल गयी

मैने थोड़ा और झटका मारा और आधा लंड अंदर डाल दिया वो बोली थोड़ा धीरे और अपने कुल्हो को हल्का सा हिला अब रुकना मुश्किल था एक धक्का और मेरा लंड पूरा उनकी मस्त चूत मे घुस गया भाभी की सिसकी निकल गयी उन्होने अपनी आँखे बंद करली मैने हल्के हल्के धक्के लगाने शुरू कर दिए

थोड़ी देर मे वो भी सहज होने लगी और उन पलो का आनंद लेने लगी हमारे होंठ एक दूसरे के होंठो से जुड़ गये और हम एक दूसरे मे समाते चले गये उन्होने अपनी जाँघो को फैला दिये ताकि मैं खुल के धक्के मार सकु 15 मिनिट तक ऐसे ही धक्के लगाने के बाद भाभी ने मुझ ने अलग किया और घोड़ी बन गयी

अब मैं पिछे आया और लपलपाति चूत पे अपने लंड रखा और धक्के मारने लगा साथ साथ उनके गोरे गोरे चुतडो को सहलाने लगा फिर मैने हाथ आगे बढ़ा कर उनकी मस्त चूचियों को पकड़ लिया और उनको भींचते हुए भाभी को चोदने लगा

उनकी कामुक सिसकारियो से मेरा जोश भी बढ़ रहा था पसीना हमारे शरीर से बहने लगा था पर इस खेल का आनंद तो अलग ही था हम दोनो लगातार एक दूसरे को इस खेल मे हराने की कोशिश कर रहे थे फिर मैने भाभी को दुबारा लिटा दिया और उनके उपर आकर चूत मारने लगा

भाभी ने अपनी जांघे मेरी कमर के पे लिपटा दी और बोली शाबाश ऐसे ही लगे रहो तभी उनका बदन फिर ऐंठ गया और चूत की चीकक्नई अंदर से बढ़ गयी मैं समझ गया कि वो चर्म सुख की ओर बढ़ गयी है

उसी पल मुझे मेरे शरीर मे तनाव महसूस हुआ लगा सारे शरीर का खून एक जगह जमा हो गया है और भाभी के मादक बदन से चिपकते हुए मेने अपना वीर्य उनकी चूत मे छोड़ दिया और उनके उपर लेटे लेटे ही हाँफने लगा वो मेरी ओर देख के मुस्कुराइ और मेरे होटो को चूम लिया

फिर वो बाहर सुसू करने चली गयी और मैं पलंग पे लेट गया थोड़ी देर बाद वो भी आकर मेरे पास ही लेट गयी रज़ाई के अंदर हमारे जिस्म क़ैद हो गये थे भाभी टेढ़ी होकर लेटी हुई थी मैं भी उनसे चिपक गया मेरा लंड उनके कुल्हो से टकराता हुआ जाँघो के बीच मे फँस गया और मैने उनकी चूची को हल्के हल्के सहलाना शुरू कर दिया

वो बोली के क्या हुआ मन नही भरा क्या तुम्हारा तो मैं बोला भाभी ये प्यास इतनी आसानी से नही मिटने वाली और चूची को कसकर भींच दिया तो उनके मूह से एक दर्द भरी कराह निकल गयी वो मेरी ओर गुस्से से देखते हुए बोली थोड़ा धीरे करो दर्द होता हैं.

मैने अब भाभी को अपनी ओर कर लिया और उनका हाथ अपने लंड पे रख दिया वो मेरे लंड को सहलाने लगी और मैं उनके होंठो को पीने लगा मेरा मन तो बस कर रहा था कि उनके होंठ चूस्ता ही रहू उनमे एक हल्का सा मीठा सा स्वाद था 3- 4 मिनिट किस करने के बाद मैने अनिता की निप्पल को मूह मे भर लिया और अपनी जीभ उसपे फेरने लगा

भाभी भी अब मस्त होने लगी थी उनके हाथ का दबाव मेरे लंड पे कस गया और वो मेरी मूठ मारने लगी मैं पूरी मस्ती से बारी बारी दोनो चूचियो को चूस रहा था भाभी की सिसकी बढ़ने लगी थी उनकी साँसे भारी होने लगी थी अब उन्होने मेरे लंड से अपना हाथ हटा लिया

और मेरे सर पे फेरते हुई बोली मेरे राजा पी जा आहह अहह अहह सीईईईईईईईईई सीईईईईईईईईईईईईईईईई सीईईईईईईईईईईईईईईईईईईईईई पी जा आज मेरा दूध निकाल दे मेरे राजा आज पूरी रात मैं तेरी दुल्हन हू आज मेरी हर हसरत मिटा दे अहह बीच बीच मे निप्पल को जब मैं दांतो से काट लेता था तो वो और भी मस्त हो जाती थी

महॉल गरम होने लगा था मैने भाभी को अपनी उपर उल्टी तरफ आने को कहा जिससे उनका मूह मेरे लंड की तरफ और कूल्हे मेरे मूह की तरफ हो गये थे भाभी भी पूरी खेली खाई थी वो समझ गयी कि मैं क्या चाहता हू उनकी चूत मुझसे कुछ ही इंच दूर थी अब वो थोड़ा सा नीचे हुई और मैने अपनी जीभ उनकी फूली हुई चूत पे फेर दी

अहह अहह उनकी मस्त आहे निकल गयी मैने धीरे धीरे चूत को चाटना शुरू कर दिया उन्होने अपने चूतड़ पूरी तरह से मेरे चेहरे पे रख दिए ताकि मैं अच्छी तरह से चूत का रस पी सकु मेरी पूरी जीभ चूत के अंदर घूम रही थी भाभी ने धीरे धीरे अपने मोटे मोटे चुतडो को हिलाना शुरू कर दिया और पूरा वजन मेरे चेहरे पे डाल रही थी उनकी मस्ती बढ़ती जा रही थी

तभी अचानक से भाभी ने मेरे लंड को अपने मूह मे भर लिया और चूस ने लगी मेरे आनंद का कोई ठिकाना ना रहा मैं बोला जियो भाभी आज तो क़यामत ही कर दी और हम एक दूसरे का रस निचोड़ने मे लग गये भाभी की चूत बहुत रस छोड़ रही थी अब उन्होने मेरे लंड को अपने मूह से निकाला और मेरे टट्टो पे जीभ फेरने लगी

वो बारी बारी से लंड और गोलियो को अपनी जीभ का मज़ा दे रही थी मैं तो उस लम्हे को कभी नही भूल सकता हू, फिर मैने भाभी को अपने उपर से हटाया और उनके उपर आ गया और उनकी पप्पी लेते हुए लंड को चूत के छेद पे रगड़ने को कहा मैं उनके गुलाबी होंटो को पी रहा था और वो मेरे लंड को अपनी चूत के द्वार पे रगड़ रही थी

बीच बीच मे जब मेरा सुपाडा चूत के दाने पे रगड़ ख़ाता तो उनका पूरा बदन ऐसे कांप जाता था जैसे कि करंट लग गया हो अचानक से उन्होने सुपाडे को अपनी चूत मे हल्का सा पुश किया मैं समझ गया कि वो चुदने के लिए एकदम तैयार है मैने उन्हे फरश पे खड़ी किया और एक टाँग को उपर किया और अपना लंड चूत मे घुसा दिया