भाई के साथ सेक्स किया

भाई के साथ सेक्स किया Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai

हेलो तो आल, मेरा नाम इमा है. मैं USA में रहती हु. वैसे तो मैं इंडिया से बिलोंग करती हु, मगर यहाँ मैं अपने अपने छोटे भाई के साथ रहकर पढाई कर रही हु. मेरी ऐज २८ साल है और मेरे भाई की २४ साल है. ये मेरी सच्ची कहानी है. बात अब से तीन साल पहले की है. एक दिन हम दोनों अपने अपार्टमेंट में बैठे हुए एक मूवी देख रहे थे. उस मूवी में कुछ सेक्स सीन्स थे और मैने देखा, कि मेरे भाई का लंड खड़ा हो गया है. ख़ैर, थोड़ी देर, वो अपने रूम में चला गया. मैने थोड़ी देर बाद, उसके रूम में गयी, तो मैने देखा. कि वो अपने कंप्यूटर में बैठा है और XXX मूवी देख रहा है. उसने अपना लंड अपने कपड़ो से बाहर निकाला हुआ है और अपने हाथ में लेकर उसे सहला रहा है. मैं चुपके से उसके पीछे गयी और उससे बोली – “मैं कर दू, तुम्हारे लिए?” तो वो बोला – “तुम्हे कोई प्रॉब्लम तो नहीं?”

मैने कहा – “बिलकुल नहीं”. और फिर उसका लंड हाथ में लेकर हिलाने लगी. फिर मैने नीचे झुक के उसका लंड अपने मुह में ले लिया और चूसने लगी. उसके मुह से आवाज़ निकली .. अहहः….आज्ज्ज्जज …मज़ा आ गया आजजजा …हहहहः …ऊऊऊऊओ… और चुसो ,,चुसो मेरी जान … और चुसो ..फिर उसका हाथ मेरी टी-शर्ट के ऊपर से ही मेरे बूब्स को दबाने लगा. फिर उसने मेरी टी-शर्ट उतारने की कोशिश की, तो मैने उसका लंड अपने मुह से बाहर निकाल दिया. उसने मेरी टी-शर्ट उतार दी. मैने फिर से उसका लंड अपने मुह में ले लिया और चूसने लगी. वो अब मेरे बूब्स ब्रा के ऊपर से ही दबा रहा था और मेरे निप्पल मसल रहा था. वो बोला – “बज्जो, आई ऍम कम्मिंग” एंड “आई ऍम कम्मिंग इन योर माउथ. प्लीज डॉन’ट टेक इट आउट. लेट में कम इन योर माउथ”.और मैं चुस्ती रही और वो मेरे मुह में झड़ गया. मेरे हलक में एक तेजधार गरम–गरम गाढेकम की टकराई, तो मैने अपना मुह पीछे करने की कोशिश की. लेकिन, उसने मेरे सिर पर अपने हाथ से लंड के ऊपर दबा दिया. मुझे सारा कम पीना पड़ गया.

मैने पहली बार कम पिया था तो पहले तो बड़ा अजीब लगा मगर फिर अच्छा लगने लगा. मै सारा कम पी गयी. फिर वो खड़ा हुआ और बोला – “बज्जो मज़ा आ गया. तुमने तो मुझे सातवे आसमान पर पंहुचा दिया. फिर वो मेरे कपडे उतारने लगा. उसने मेरी ब्रा खोली और जीन्स खोली. उसने एक झटके में, मेरी जीन्स और पेंटी उतार दी. फिर उसने मुझे बेड पर लिटाया और मेरी टाँगे फैलाई और मेरी चूत चाटने लगा. वो मेरी क्लिट को चूस रहा था और बीच-बीच मैं उसे दाँतों से काट भी लेता था. मेरे मुह से आवाज़ निकली..”अहहहा चुसो …मेरे भाई …और जोर से चुसो…चाट डालो मेरी पूरी चूत. वैसे ही वो भीग रही है और जोर से चुसो”. उसके बाद उसने अपनी ज़बान मेरी चूत में अन्दर डाल दी और अन्दर-बाहर करने लगा. वो फिर उपर की तरफ और बूब्स पे एक भूखे शेर की तरह टूट पड़ा.

मैने कहा – आराम से, मेरे भाई. मैं कहीं भागी थोड़ी जा रही हु. आराम से करो. उसने कहा – बज्जो, मैं कब से तुम्हे इस तरह से करना चाहता था. मैं तुम्हारे बारे में सोच-सोच कर मुठ मारता था और आज तुम मिली हो, तो मैं अपना सपना पूरा करने में बिलकुल भी देर नहीं करूँगा. बज्जो मैने कभी किसी के साथ सेक्स नहीं किया है और ये मेरा पहला सेक्स एक्सपीरियंस है. तुम इतनी सेक्सी हो, कि मुझसे रहा नहीं जा रहा है. मैने कहा – मेरे भाई, मैं भी अभी एक वर्जिन हु और तुम ही मेरी सील तोड़ोगे और होंगे मेरी चूत के सबसे पहले जोगी. मैं भी पता नहीं कब से चुदाई का प्लान बना रही थी. बस डरती थी, कहीं तुम बुरा ना मान जाओ और कुछ कुछ गलत ना समझलो. वो बोला – बज्जो तुम एक लड़की हो और मैं एक लड़का हु. हम दोनों की फिजिकल नीड्स भी है और मेरे लिए तुमसे अच्छा कौन है होगा, जो मेरी सेक्स नीद पूरी करे. बात घर की घर में. मैने उससे कहा – मेरे भाई अब जल्दी से वो जो की एक लड़का और एक लड़की साथ में करते है. मुझे चोदो अब. उसने फिर मुझे लिप्स पर किस किया और अपनी जुबान मेरे मुह में डाल दी और अन्दर घुमाने लगा, उसकी जुबान पर मेरी चूत का लिक्विड लगा था और मैने उसकी जुबान पूरी चुसी.

फिर उसने मुझसे कहा – बज्जो तयार हो जाओ, मैं चुदुंगा तुम्हे. कह के उसने मेरी टाँगे फैला दी और अपना लंड मेरी चूत पर लगा और क्लिट पर रगड़ने लगा. मुझसे अब रहा नहीं जा रहा था. मैने कहा – इसे अब डाल दो मेरी चूत के अन्दर. उसने अपना लंड मेरी क्वारी चूत पर लगाया और एक जोर दार धक्का मारा, तो करीब २ इंच लंड अन्दर गया मेरी चीख निकल गयी. मैने कहा – “मर ग्यीईईईई, भाई आराम से करो, मेरा पहली बार है”. वो वहीँ रुक गया और करीब २ मिनट तक वहीँ रुके रहा. फिर उसने कुछ मिनट बाद, एक और जोर दार धक्का मारा, फिर २ इचं लंड अन्दर और गया और मेरी एक बार फिर से चीख निकल गयी. मेरी सील टूट गयी थी. मेरी चूत से खून आने लगा उसने ३-४ मिनट रुक्के फिर एक जोर से झटका मारा और अपना पूरा लंड मेरी चूत के अन्दर कर दिया. मुझे बहुत दर्द हो रहा था. मेरी आँखों से आंसू निकलने लगे थे. वो बोला – बज्जो, बस थोड़ी देर में ठीक हो जायेगा और दर्द की बजाय तुम्हे मज़ा आने लगेगा.बस बज्जो थोडा बर्दाश्त कर लो. मैने सोचा, कि थोडा बर्दाश्त कर लू और एन्जॉय करने की कोशिश करने लगी. मगर दर्द बहुत तेज था. उसने फिर लंड चूत में और आगे पीछे हिलाना शुरू किया.

और मेरे निपल चूसने लगा. अब मुझे भी मज़ा आने लगा था और मैने भी नीचे अपनी गांड उठा उठा कर उसका साथ देने लगी. “चोदो, मेरे भाई मेरी जान, चोदो मुझे”. मज़ा आ रहा था मुझे और जोर से धक्का लगाओ, और जोर से धक्का लगाओ और जोर से धक्का … ऊऊऊओ … ऊऊऊओ …चोदो .. चोदो मुझे …चोद डालो आज अपनी बज्जो को … आज मैं तुम्हारी बड़ी बहन नहीं बल्कि तुम्हारी रखेल हु…फाड़ डालो मेरी चूत .. लगे रहो मेरे शेर … शाबाश …. अहहहहः ..ह्ह्ह्ह .. ऊऊऊऊओ ..बहुत अच्छाआआआअ लग रहा है. आज मैं एक पूरी औरत हो गयी हु. एक औरत बिना चूत में लंड लिए अधूरी होती है और तुमने मुझे लंड देके पूरा कर दिया. वो मेरे निप्पल चूस रहा था और मुझे चोद रहा था. वो अभी एक बार झड़ चूका था. इसलिए मैने उसके लंड को दुबारा खड़ा किया. इतनी देर में मैं २ बार झड़ चुकी थी. उसने एक दम अपनी स्पीड बड़ा दी. और कहने लगा – बज्जो मैं आ रहा हु, बज्जो मैं आ रहा हु .. अहहहः…अहहः…हाँ हाँ हाँ. मैने कहा – मैं कहा – भाई मेरे भाई, अपना गरम गरम माल मेरी चूत में भर दो … अहहः हहहहः .. ऊऊ…भर दो, प्लीज भर दो. और वो जोर से चिल्लाया – बज्जो, मैं आया ,,,आआआआआआआअ अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह….ऊऊओ… लो मेरा माल लो…ले लो ओओओओओओं

और वो मेरे अन्दर झड गया. थोड़ी देर तक तो वो मेरे सीने पर लेता रहा और दूध पीता रहा. उसका लंड मेरे अन्दर ही था और हलके-हलके ढीला पडता जा रहा था. वो थोड़ी देर में लेटने के बाद, अपना ढीला लंड मेरी चूत में से निकालने के बाद बोला –बज्जो भूख लगी है, कुछ मेक्डोनाल्ड से मंगवाओ ना. मै इतनी देर में बेडशीट साफ़ केर देता हु. इसपर खून और हमारा पानी फैल गया है.मुझसे तो हिला भी नहीं जा रहा था. ख़ैर मैने अपना मोबाइल उठाया और मेक्डोनाल्ड से दो मील्स मंगवा लिए. जब तक मील आया, मैं लेती रही, उसी तरह नंगी. ऐसे ही खाना खाया और फिर भाई मेरे पास आया और बोला – बज्जो कपडे पहन लो; वरना फिर से चुदोगी. मैने कहा – चोद दो, रोक कौन रहा है. मगर खाना तो खा लो, एनर्जी तो ले लो. मैने तो इसलिए कपडे नहीं पहने है, कि फिर से उतारने पड़ेंगे. मैं तो खाना खा चुकी थी और तब उसने भी खाना खा लिया और फिर से चुदाई में लग गये. पूरी रात हम लोगो ने चार बार चुदाई की और सुबह ५:३० बजे सोये और १:३० बजे उठे. हम लोग ऐसे चुदाई कर रहे थे, जैसे की बच्चे को कोई खिलौना मिलता है तो वो हर वक्त उससे ही खेलता रहता है.

उसके बाद हम लोगो का ये तो रोज़ का हो गया था. कॉलेज से आने के बाद सेक्स और फिर कोई काम. अबतक वो मुझे चोद रहा था और मुझे बड़ा मज़ा दे रहा था और देगा भी क्यों नही, आखिर भाई जो था मेरा. उसने मुझे अपने तीन दोस्तों से भी मिलवाया और उन्होंने ने भी मुझे खूब चोदा. मेरी एक दोस्त है. पाकिस्तानी है वो ..शीबा नाम है उसका. जब मैने उसे बताया, तो वो भी मेरे भाई से चुदवाने के उतावली हो गयी. वो हर सैटरडे आती और मेरे भाई का एक दोस्त अब्दुल सलीम भी सैटरडे नाईट को आता है और हम लोग उस रात खूब मज़ा करते है. सन्डे को भाई तो घुमने चला जाता है मगर उसके दो दोस्त खालिद और अहमद आ जाते है और वो लोग मुझे खूब चोदते है.