फुद्दि की प्यास–7

सुबह जब मेरी आँख खुली तो मैं बेड पे नंगा ही सो रहा था और 10 का टाइम हो रहा था Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai मैं उठा और नहा धो के मामू के घर गया देखा कि वहाँ अपी हड़िया और मामी ही थी मैं भी जा के बैठ गया तो अपी उठी और मुझे नाश्ता ला के दिया

मैने नाश्ता किया और वहाँ से बाहर जाने लगा तो मामी ने कहा नसीर हड़िया को अपने साथ ले जाओ ये तुम्हे ज़मीन दिखा लाए गी

मैं और हड़िया जाने लगे तो अपी भी तैयार हो गई हमारे साथ जाने को

हम लोग जब घर से निकले तो हड़िया ने कहा अपी को क्या मैं तुम्हारे भाई को खा जाती वहाँ

अपी ने कहा तू जितनी बड़ी रंडी है तेरा क्या भरोसा कि तो सच मे ही मेरे मासूम भाई को खा जाती

हादी ने कहा मैं जानती हू इस बेहन चोद को ये जितना मासूम है जिस ने अपनी मा और बेहन को नही बख्शा वो अभी मासूम है

मैने कहा यार हादी अपनी लड़ाई मे मुझे क्यो घसीट रही हो

अपी ने कहा अभी चुप चाप चलो डेरे जो ज़मीन मे 2 रूम और जानवरो के बाँधने की जगह है उस को हम लोग डेरा कहते हैं

हादी ने कहा क्यो हम तो सिर्फ़ बात ही कर रहे हैं कोई चुदाई तो नही कर रहे जो तुझे इतनी परेशानी हो रही है

अपी ने कहा कुछ तो शरम कर लोग क्या सोचेगे हमारी के डेरे पे जा के जो मर्ज़ी मा चुदा लेना अपनी

मैं अपी को जो इतना शरीफ समझता था उस के मुँह से इस तरहा की बाते सुन के हका बका सा उन के साथ चल रहा था

डेरे पे मामू भेंसों को नहर पे ले के जा चुके थे और वहाँ कोई भी नही था डेरे पर चारों तरफ पेड लगे थे वहाँ से बाहर तो देखा जा सकता था क्योकि वहाँ छाँव रहती थी लेकिन बाहर से अंदर कोई खास नज़र नही आता था

मैं अभी चारपाई पे बैठा ही था कि हड़िया ने अपने कपड़े उतारने शुरू कर दिए और उस को देख के अपी ने भी अपने कपड़े उतार दिए

मैं समझ गया कि आज मेरी खैर नही है 2 रॅंडियो से मेरा पाला पड़ने वाला है

हादी ने मुझे पकड़ा और मुझे किस करने लगी और अपी नीचे बैठ गई और मेरा नाडा खोल के मेरी शील्वर को उतार दिया और मेरे लंड को अपने मुँह मे ले लिया और चूसने लगी

मैं भी मज़े मे आ गया और हादी को पीछे कर के अपनी कमीज़ भी उतार दी और हादी को फिर से किस करने लगा और साथ मे उस के बूब्स को भी मसल्ने लगा

फिर अपी उठी और हादी को पीछे कर के मुझे किस करने लगी हड़िया ने कहा साली गश्ती भाई के लंड को काँटे लगे हैं जो उसे छोड़ दिया है और मेरे लंड को चूसने लगी

मैं अब अपनी अपी को किस कर रहा था और उन के बूब्स को भी दबा रहा था

अपी तो जैसे पागल हो रही थी फिर अपी पीछे हुई और बोलीं नसीर अब बर्दाश्त नही हो रहा प्लज़्ज़्ज़्ज़ कुछ करो ना मेरा

मैने हादी को पीछे किया और उसे सीधा लेटने को कहा और अपी को डोगी स्टाइल मे हादी की फुददी चूसने के लिए कहा

अपी डोगी स्टाइल मे हड़िया की फुद्दि चूसने लगी तो मैने भी अपने घुटनों को फोल्ड किया और अपी की गांद को पकड़ के अपने लंड को अपी की फुद्दि मे जड़ तक घुसा दिया एक ही झटके मे

मेरी इस हरकत पे अपी के मुँह से आईईईईईईईईई की आवाज़ निकली और वो हादी की फुद्दि से उठ गई

लेकिन हादी ने अपी का मुँह पकड़ के फिर अपनी फुद्दि पे रखा और कहा साली तू क्या समझती है कि तू 4 5 बार छुड़ा कर बोहत बड़ी गश्ती बन गई है

सामने हड़िया अपी का मुँह अपनी चूत पे दबा के चुस्वा रही थी और पीछे से मैं अपी की फुद्दि मे ज़ोर दार झटके लगा रहा था

जिस की वजह से अपी की हालत बुरी हो रही थी और उन की आवाज़ भी नही निकल रही थी

कुछ देर के बाद मैने अपी को सीधा लिटा दिया और और उन की टाँगे उठा के उन की फुद्दि का बाजा बजाने लगा तभी हादी जो कि मेरे पीछे थी उस ने अपनी उंगली पे थूक लिगाया और मेरी गांद मे घुसा दिया मुझे बोहत तकलीफ़ हुई

मैने हादी को गाली दी और कहा साली अपने गंदू बाप की गंद मे जा के दे उंगली मैं गान्डू नही हूँ समझी कुतिया

हड़िया ने मेरी गांद से उंगली निकालते हुए कहा अच्छा मेरे भैया जी जो आप का हुकम हम तो आप की रखैल हैं जो कहो गे मानेंगे

इतनी देर मे अपी भी फारिघ् हो गई मैने अपी को छोड़ा और हादी को पकड़ के उस का मुँह अपी की फुद्दि पे रख दिया

और खुद पीछे आ गया और अपने लंड पे अच्छा ख़ासा थूक लगा के हादी की गान्ड के सोराख पे रखा और एक ही झटके मे उस की गांद मे घुसा दिया

हड़िया क मुँह से आईईईईईईईईईईई कुतीईई आराम से नही कर सकते थीईई और उस की आँखों से पानी निकलने लगा मैने अपी को इशारा किया तो अपी ने हादी के मुँह को पकड़ के अपनी फुद्दि पे दबा लिया और कहा साली मुझे कह रही थी कि 4 5 बार चुदने से तो इतनी बड़ी गश्ती नही बनी और अब तुझे क्या हुआ साली रो क्यो रही है अभी हराम जादि

अब मैं हड़िया की गांद मे इन आउट करने लगा लेकिन मुझे समझ नही आ रही थी कि आख़िर बात क्या है क्योकि हादी की गांद मे मेरा लंड कुँवारी गान्ड के मुक़ाबले बड़ी आसानी से जा रहा था

मैने हादी की गान्ड मारते हुए कहा साली पहले किस से अपनी गान्ड मरवाती रही है

हादी ने कहा इसी गान्ड मारने के चक्कर मे तो मैने अपनी फुद्दि अपने ही बाप से चुदवा बैठी थी तू क्या समझा कि मैं अभी तक बची हुई हूँ

कुछ देर की ज़ोर दार चुदाई के बाद मैं फारिघ् हो गया हादी की गान्ड मे ही और फिर साइड मे हो के लेट गया क्योकि थक गया था

तभी हादी ने कहा नसीर तुम्हारे लंड से चुदने के बाद मेरा दिल कर रहा है कि मैं भी तुम लोगों के साथ ही तुम्हारे घर चलू

अपी ने कहा तू हमारे साथ चले गी तो तेरे बाप को फुद्दि कहाँ से मिले गी

हादी ने कहा 3 साल से अबू ही चोद रहे हैं मुझे अगर कुछ दिन तुम लोगों के साथ मज़ा कर लूँगी तो अबू मर नही जाएँगे

मैने कहा अच्छा बाबा पूछ लेना अपने अबू से हमे क्या

फिर हम सब ने कपड़े पहने और ज़मीनों पे घूम फिर कर घर को वापिस चल पड़े

घर वापिस आते ही मामी ने कहा क़ि नसीर तुम्हारे अबू का फोन आए था कह रहे थे कि अगर ज़मीनों का हिसाब देख लिया हो तो वापिस आ जाओ

मैने कहा ओके मामी हम लोग कल तक निकल जाएँगे अभी तो हिसाब भी देखना है

फिर रात को मामू आए तो हम ने उन से हिस्साब माँगा तो उन्हों ने कहा कि बेटा तुम लोग जाओ मैं ईद के बाद आउन्गा तो हिसाब दिखा दूँगा

मैने कहा चलो ये भी ठीक है उस रात हम दोनो बेहन भाई ही थे घर मे और हम ने रात को सेक्स भी किया फिर हम सो गये

सुबह उठे तो वापसी की तैयारी करने लगे हमारी सीट अवाम एक्सप्रेस मे शाम 4 बजे थी इस बार भी हम ने एसी स्लीपर मे सीट करवा ली

लेकिन हम वहाँ अकेले नही थे हमारे इलावा 1 अंकल भी थे जिन की उमर कोई 45 की हो गी जब हम लोग अपनी सीट पे पहुचे तो वो अंकल उठ के बाहर चले गये

उन के बहिर जाते ही अपी ने कहा भाई ये क्या यहाँ तो ये आदमी भी है अब क्या हो गा मेरा तो दिल कर रहा था कि हम ट्रेन मे भी सेक्स करेंगे

मैने कहा अब क्या हो सकता है अपी ने कहा भाई अगर तुम नाराज़ ना हो तो हम इस आदमी को भी अपने साथ शामिल कर लेते हैं

मैने कहा अपी क्या तुम पागल तो नही हो गई पता नही कॉन है और कॉन नही और तुम कह रही हो कि हम उसे भी अपने साथ सेक्स मे शामिल कर लें

अपी ने कहा भाई यही तो बात है कि वो हमे नही जानता और हमे बदनाम भी नही कर सके गा

मैने कहा अपी सोच लो कहीं कोई गड़बड़ ना हो जाय

अपी ने कहा भाई कुछ नही होता प्लज़्ज़्ज़ मान जाओ बड़ा मज़ा आए गा भाई

मैने कहा कि अपी लेकिन ये सब हो गा किस तरहा हम उस के साथ किस तरहा बात करेंगे

अपी ने कहा भाई जो मैं करू मना मत करना बस मेरा साथ देते रहना फिर देखना कि वो किस तरह हमारे साथ शामिल होता है

सच कहूँ तो मुझे भी अपी के आइडिया को सुन के लंड मे खुजली शॉरो हो रही थी मैं दिल ही दिल मे सोच रहा था कि इन 3 4 दिनो मे ही मेरी बेहन कितनी बड़ी रंडी बन गई है

अभी हम ये प्लानिंग कर ही रहे थे कि वो आदमी भी आ गया क्योकि ट्रेन चल पड़ी थी उस ने आते ही अपनी सीट पे बैठ कर मुझ से पूछा कि आप लोग कहाँ जा रहे हो

मैने कहा कि हम लाहोर अपने घर जा रहे हैं

तो उस ने कहा कि मेरा नाम अमीन है और मैं भी लाहोर ही जा रहा हूँ

मैने कहा क्या आप लाहोर ही के रहने वाले हो

उस ने कहा नही मैं कराची से हूँ लेकिन लाहोर आता जाता रहता हूँ काम के सिलसिले मे

फिर हम इसी तरहा ही बाते कर रहे थे कि अपी ने कहा भाई मुझे चेंज करना है क्योकि वॉशरूम बाहर थे तो मैने कहा क्या मैं भी चॅलू

अपी ने कहा नही भाई आप बैठो मैं खुद ही चली जाउन्गि

फिर अपी जब चेंज कर के आई तो उस ने एक पुरानी लेकिन अच्छी हालत की शीलवार क़मीज़ पहनी हुई थी अपी जब आ के बैठी तो उस ने अपनी टाँगों को उठा के अपने छाती के साथ लगा के बैठ गई और क्योकि अपी ने अपना मुँह उस आदमी की तरफ किया था इस लिए मुझे कुछ पता नही चला कि आख़िर अपी ने ऐसा क्या किया है कि वो आदमी अपी की टाँगों मे ही घूर रहा था

लेकिन अपी ने उस की तरफ नही देखा और विंडो से बाहर की तरफ देखने लगी

लेकिन वो आदमी अपी की टाँगों मे ही घुरे जा रहा था मैने कहा अमीन साहब आप कब तक लाहोर मे रहेंगे

तो अमीन जैसे बोखला सा गया और ज ज ज्जजी क्या कहा आपने

मैने कहा अमीन साहब क्या बात आप की तबीयत तो ठीक है ना

तो उस ने कहा हां मेरी तबीयत तो ठीक है बस थोड़ा दिल घबरा रहा है बस आप क्या पूछ रहे थे मुझ से

मैने कहा मैने पूछा था कि आप लाहोर कब तक रुकोगे

अमीन ने कहा बस यार ईद तक लाहोर मे ही रहना पड़े गा क्या करे काम भी तो करना है ना

मैने कहा हां ये तो है काम भी तो करना वैसे आप के कितने बच्चे हैं

उस ने कहा कि यार मेरी शादी ही नही हुई अभी

मैने कहा क्यो आप की एज तो काफ़ी है फिर शादी क्यो नही की अभी तक

उस ने कहा क्या बताऊ भाई अभी तक कोई मिली ही नही हम अभी ये बाते ही कर रहे थे कि अपी ने उसी तरह बैठे हुए ही मुँह मेरी तरफ घुमा लिया तब मुझे पता लगा कि वो अपी की टाँगों मे क्या घूर रहा है मैने अपी की तरफ देखा तो वो मुस्कुरा रही थी

मैने अपी को इशारे से कहा कि तुम्हारी फुद्दि सॉफ नज़र आ रही है लेकिन अपी ने इशारे मे कहा कि छोड़ो और देखो

हमे इस तरह एक दूसरे से इशारे करते हुए अमीन भी देख रहा था

तभी उस ने कहा क्या आप दोनो सगे बेहन भाई हो मैने कहा जी हां हम सगे बेहन भाई हैं

उस ने कहा आप की बेहन बड़ी प्यारी और ख्याल करने वाली लड़की लगती है

मैने कहा हां ये तो है मेरी अपी बड़ी प्यारी है और सब का ख्याल करती है

उस ने कहा क्या आप की अपी की शादी हो चुकी है

उस की बात का इससे पहले कि मैं कोई जबाब देता अपी ने अपना मुँह उस की तरफ घुमा दिया और कहा क्या मैं आप को शादी शुदा लगती हूँ

उस ने कहा मैने तो ऐसे ही पूछ लिया था क्या आप की शादी हो गई है वैसे मैं देखने के बाद ये कह सकता हूँ कि आप की शादी नही हुई है

अपी ने कहा फिर आप ने पहले क्यो मुझे शादी शुदा कहा अभी तो मेरी उमर सिर्फ़ एंजाय करने की है

अमीन ने कहा जी हां बिल्कुल आपकी देखने के बाद ऐसा लग रहा है कि आप ने अभी एंजाय करना शुरू ही किया है

हम लोग इसी तरह की बाते करते रहे बाहर काफ़ी अंधेरा हो गया था और ट्रेन भी खानपुर के स्टेशन पे खड़ी हो गई थी

कोई 3 घंटे तक वहीं खड़ी रहने के बाद कोई रात के 11 बजे गाड़ी वहाँ से चली क्योकि गाड़ी का इंजन फैल हो गया था इस लिए गाड़ी इतनी देर तक खड़ी रही

गाड़ी के चलते ही अपी ने बॅग मे से चादर निकाली और नीचे बिछा दी अमीन ने कहा बर्थ पे जगह है ना आप बर्त पे सो जाओ

अपी ने कहा नही मैं गिर जाती हूँ बर्थ से इसी लिए नीचे ही ठीक है

नीचे अपी और नीचे की ही एक बर्थ अपी की लेफ्ट साइड वाली पे मैं और राइट साइड वाली पे अमीन सो गया लाइट हम ने बंद कर दी थी और विंडो के पर्दे भी खींच दिए थे

फिर मैने अपने हाथ आपी के बूब्स पे रखे और दबाने लगा और अपी ने अपने हाथ को आगे बढ़ा के अमीन के लंड पे रख दिया

जिस से अमीन बोखला गया लेकिन अपी के हाथ को नही हटाया फिर अपी ने अमीन के हाथ को पकड़ के अपने दोसरे बूब पे रख के दबा दिया

अब सूरते हाल ये थी कि मैं अपी का एक बूब दबा रहा था और अमीन दूसरा

लेकिन अमीन नही जानता था कि मैं भी अपनी बेहन का बूब दबा रहा हूँ उस ने अपने हाथ को जैसे ही 2सरे बूब पे लगाने की कोशिश की तो उस के हाथ मे मेरा हाथ आ गया

अमीन ने फॉरन अपने हाथ को पीछे खींचा लेकिन अपी ने उस का हाथ फिर पकड़ लिया और कहा डर क्यो रहे हो जो तुम कर रहे हो मेरा भाई भी वो ही कर रहा है

अपी की बात सुनते ही अमीन उठा और नीचे अपी के पास चला गया और अपी की क़मीज़ को उतार दिया और अपी के बूब्स पे भूके कुत्तो की तरह टूट पड़ा

फिर मैं उठा और लाइट को ऑन कर दिया देखा तो अमीन अपी को किस कर रहा था और अपने 2नो हाथों से अपी के बूब्स को भी मसल रहा था

मैं भी नीचे ही फँस के बैठ गया और अपी की शीलवार और अपने कपड़ो को उतार दिया और अपी की टाँगों को खोल के अपने मुँह को अपी की फुद्दि पे रख दिया

मैं अपी की फुद्दि को चूस रहा था और अमीन अपी के बूब्स के साथ खेल रहा था और अपी को किस कर रहा था

फिर अमीन उठा और उस ने भी अपने कपड़े उतार दिए और कहा मैने सुना तो बहुत था कि बेहन भाई भी आपस मे सेक्स करते हैं लेकिन देखा पहली बार है

मैने कहा बाते बाद मे कर लेना अभी तो इस कुतिया की गर्मी का कुछ सोचो

अमीन ने कहा यार तुम्हारी बेहन है तुम्हे ही पता हो गा कि इस रंडी की गर्मी कैसे निकालनी है

मैने कहा इस साली की फुददी मे अग लगी हुई है क्या तुम मेरे साथ मिल के इस की गर्मी निकाल सकते हो

अमीन ने कहा मैने आज तक शादी नही की लेकिन काफ़ी लड़कियों की गर्मी निकाली है

फिर मैं पीछे हटा और अमीन को कहा तो आ जाओ फिर निकालते है इस रंडी की फुद्दि मे से गर्मी

अमीन का लंड कोई 6.5 का था वो अपी की टाँगों मे बैठ के अपने लंड को अपी की फुद्दि मे रख के एक ही झटके मे अपने लंड को अपी की फुदी मे घुसा दिया

और अपी अह्ह्ह्ह भाई देखो तुम्हारी अपी की फुद्दि मे लंड घुस गया है हाईईईईई भाईईईईईईई मज़ा आ रहा है उमन्ह

मैने कहा हां अपी बताओ मज़ा आ रहा है ना मेरी जान से प्यारी अपी को

हान्णन्न् भाई अमीन का लंड तो छोटा है लेकिन ये अहसास कि मैं अपने भाई के सामने किसी और से चुदवा रही हू मुझे बड़ा मज़ा दे रहा है

और दोसरि तरफ अमीन अब हान्ंणणन् साली क्या फुद्दि है तेरी हरामज़ादी ये ले देख और बता अपने गान्डू भाई को कि मैं तुझे कितना मज़ा दे रहा हूँ

अपी अहह भाई तुम्हारी बहन्ंनननणणन् चुद गैिईई भाईईईईई अहह उन्मह अम्मिईीईईईईई हान्ंनणणन् भाई मज़ा आ रहा है और इस के साथ ही अपी के जिस्म को एक झटका लगा और अपी अमीन के साथ चिपक गई और भैईई मैं गैिईईईईईई

इस के साथ ही अपी की फुद्दि ने पानी छोड़ दिया और कोई 2 मिंट के बाद ही अमीन ने भी अपना पानी अपी के पेट पे छोड़ दिया

और उठ के बर्थ पे बैठ गया फिर मैं नीचे बैठा और अपी की टाँगों को खोल के अपने मुँह को अपी की फुद्दि पे रख दिया और और अपी की फुद्दि का पानी जो कि अमीन के झटको की वजह से वाइट रंग का झाग बन गया था उसे मज़े से चाटने लगा

अपी मेरी इस हरकत पे सिहर उठी और भाई प्लज़्ज़्ज़्ज़्ज़ नही

मैने कहा क्या अपी आप को मज़ा नही आ रहा तो अपी ने कहा भाई बड़ा मज़ा आ रहा है लेकिन आप ये नही करो ना गंदा है

मैने अपने मुँह को ऊपर उठाया और अपी के पेट पे गिरा अमीन का पानी भी चाट गया मैं बता नही सकता कि उस वक़्त मुझे क्या जनून था

अपी मुझे बड़े प्यार से देख रही थी मैने कहा अपी क्या देख रही हो

अपी ने कहा मैं देख रही हूँ कि मेरा प्यारा भाई मुझे कितना प्यार करता है

मैने कहा अपी अगर मेरा प्यार देखना है तो आओ और मेरे मुँह पे बैठो और मेरे मुँह मे पिशाब करो अगर एक कतरा भी गिरा तो समझ लेना कि मेरा प्यार आप के साथ सिर्फ़ झूट है

अपी उठी और मुझे किस करने लगी और कहा भाई आइ लव यू

मैने कहा आइ लव यू टू मेरी जान से प्यारी बहना

फिर मैने अपी को पीछे किया और कहा अपी क्या मैं आप की गांद मार लूँ

अपी ने कहा भाई यहाँ नही यहाँ जितनी फुद्दि मारनी है मार लो मैं नही रोकूंगी लेकिन गांद नही क्योकि दर्द हो गा और मेरी आवाज़ बाहर भी कोई सुन सकता है

मैने कहा ओके अपी जैसा आप कहो मैं तो आप का खादिम हूँ

अपी ने कहा नही भाई आप मेरे खादिम नही मेरी जान और जिस्म के मालिक हो आप जब और जिस वक़्त भी चाहे मुझे चोद सकते हो

मैने अपी को लिटाया और अपने लंड को अपी की फुद्दि पे सेट किया और एक ही झतके मैं अपने लंड को अपी की फुद्दि मे घुसा दिया

मेरे लंड के घुसते ही अपी अह्ह्ह्ह भाई मुझे अपनी पूरी ताक़त से चोदो मेरे भाई मुझे अपनी रखैल बना लो मेरे भाई

मैने कहा हां गश्ती तुझे तो मैं अपनी रखैल ही बना कर रखूँगा और तुझे रोज़ ही चोदा करुँगा रंडी

अपी ने कहा हां भाई मैं तुम्हारी रखैल हूँ मुझे जब और जिस से मर्ज़ी चुदवा सकते हो भाई अहह उन्मह भाई और ज़ोर से भाई

मैने भी अपनी पूरी जान से अपी की चुदाई शुरू कर दी और हान्ंननणणन् रंडी ये लीईईई अहह अप्पीईईईईई

अपी भी हाययययययी अम्मिईीईईईईईईई मैं मार गैिईईईईईई भाईईईईईईईईई और ज़ोर से भाईईईईईईईईईई तुम्हारा बोहट बड़ााा हाईईईईईई भाई

मैने कहा साली मेरे लंड को तो बर्दाश्त कर नही सकती और कहती है कि मुझे और लोगों से भी चुदवाना है कुतिया की बच्ची

और अपी अहह उन्मह करती हुई मुझ से लिपट गये और अपने होंठो को मेरे होंठो के साथ चिपका लिया और पागलों की तरह मुझे किस करने लगी

और फिर हम दोनो बेहन भाई एक साथ ही पानी छोड़ गये और थोड़ी देर तक यौं ही लिपट कर लेटे रहे हमे कोई होश नही था कि हम कहाँ हैं

तभी अमीन ने ताली बजाते हो कहा यार ज़बरदस्त क्या चुदाई थी तुम बेहन भाई की कसम से मज़ा आ गया मैने आज तक ऐसी चुदाई नही देखी

फिर हम अलग हुए मैं उठने लगा तो अपी ने कहा भाई साफ नही करो गे मेरी फुद्दि को तो हंस दिया और अपी की फुद्दि को अच्छी तरह चाट के सॉफ किया

इस के बाद अमीन ने एक बार और अपी की चुदाई की और फिर हम कपड़े पहन कर सो गये

क्योकि गाड़ी भी 6 बजे लाहोर पहुचने वाली थी