पहली बार बिना मेहनत लड़की मिली

पहली बार बिना मेहनत लड़की मिली Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai

हाई दोस्तों,

मेरा नाम श्याम हे और मैं चेन्नई में रहता हू और एक कंपनी में काम करता हूँ | यहाँ अक्सर लड़किया मिल जाती हे बिना कुछ किये ही | यहाँ पे मरीना बिच हे वहा पे शाम को थोड़े देर बैठने पे कोई न कोई लड़की आपको जरुर मिल जायेगी, और यही एक दिन मेरे साथ हुआ | मैं अपने काम से होके आ रहा था तो सोचा की थोड़ी बिच की हवा लेटा चालू और फिर मैं अपनी बाइक रोक के बिच के पास चला ग्योर वही पे एक जगह देख के बैठ गया | करीब बीस मिनट बाद एक काली सूट में गोरी लड़की आई और ठीक मेरे सामने खड़ी हो गयी | मेने उसे हटने को कहा तो वो हटी और मेरे बगल में बैठ गयी |

दो मिनट के बाद वो मुझसे नाम पूछी और फिर मेने भी उससे उसका नाम पूछा | धीरे धीरे चालीस मिनट बिट गए और हम दोनों में खूब बातें होने लगी और मेने ध्यन दिया की वो पहले से मुझसे काफी चिपक चुकी थी | बातों बातो में वो मेरे कंधे पे स्र्र्ख दी और बातें करने लगी | उसने बताया की उसके घर वाले सब तिरुपति गए हुए हे और वो अकली रहती हे इसीलिए यहाँ पे आ गयी | उसने मुझे अपने घर तक छोड़ने को कहा तो मैं मान गया और उसे बाइक पे बिठा के उसके घर छोड़ दिया | वहा उसने मुझे अंदर आने को कहा तो में अंदर गया और फिर उसने मुझे बिठाया और किचन गयी पानी लेने को | वो फिर बोली आप रुकिए में कपडे बदल के आती ह और फिर वो अपने कमरे में गयी कपड़े बदलने के लिए और एक नीली रंग की नाइटी पेहेन के आ गयी |

उसके नाईटी से पता चल रहा था की उसने अंदर ब्रा और पनटी के अलावा कुछ नही पहना होगा और फिर वो मेरे बगल में बैठ के बात करने लग गयी | बात धीरे धीरे गर्म होती जा रही थी फिर वो मेरे गोदी पे सर रख के बात करने लगी तो में सुके हात पे हाथ फेरने लग गया तो गलती से मेरा हाथ नाईटी के अंदर चला गया और उसके ब्रा के निचली हिस्से को छू दिया | मैं वही रुक के उसके पेट पे हाथ फेरने लगा, उसकी जिस्म एक दम गर्म थी और छूने में काफी मजा आ रहा था | मेने फिर मोके का फाइदा उठाने के चक्कर में उसके होठो को किस किया तो वो कुछ नही बोली और फिर मैं उठ के उसके कमरे की और चल दिया तो वो भी अपने आप आ गयी | वो अंदर आई और बिस्तर पे बैठ गयी तो मेने उसे लेटा दिया और मैं अपने कपडे उतार दिए सिर्फ चड्डी पहन रखी और फिर मेने उसकी नाईटी उतर दी और ब्रा भी |

उसके चुचे एक दम गोरे गोरे थे और निप्पल बह्हुत ही छोटा जेसे किसी ने मटर रख दिया हो | मैं उसके उपर चड गया और उसके होठो को चूसने लगा और वो भी मेरा पूरा साथ देने लग गयी | कमाल का मजा आ रहा था उस वक्त हमे गर्म जिस्म और बाहर ठंडी हवाए | मैं उसके होठो को चूसते चूसते उसके चुचो को भी दबाए जा रह आता और वो मुझसे कसती जा रही थी | मैंने फिर उसके निप्पल को मुह में लेके चूसने लग गया तो वो एक दम से कराहने लग गयी और मेरे सर पे हाथ फेरने लग गयी | मैं फिर उसके चुचो को बारी बारी से चूसता जाता और दबाते जाता और वो अह्ह्ह ह्म्म्म्म्म्म अह्ह्ह करती रहती |

मैं फिर निचे की तरफ बड़ा और उसकी पेंटी पे हाथ फेरा और फिर पता चला की वो एक बार झड चुकी थी, मेने उसकी पेंटी उतार दी और फिर उसकी टांगो को उठा के उसकी चुत को चाटने लग गया तो वो एक दम अह्ह्ह कर के चिल्ला उठी | मैं उसकी चुत की पंखडियो को खोल के कस कस के चाटने लग गया तो वो अह्हह्ह ईई करते करते झड गयी फट से और फिर मैं उसकी चुत का रस चाट चाट के सफा कर दिया | उसके बाद मैं फिर से उसके निप्पल चूसा और फिर उसके टांगो को उठा के उसकी चुत पे रगड़ने लग गया तो वो धीरे धीरे गर्म होने लग गयी | मेने फिर उसकी छेद पे लंड रोक के धक्का देने लगा तो लंड बाद मुश्किल से थोडा सा घुसा, और वो कस के चिल्ला उठी पर में उसके दर्द को अनदेखा कर के लगातार धक्का बनाये रखा और लंड धीरे धीरे उसके चुत को चीरता हुआ अंदर चला गया |

वो रो रो के अपना बुरा हाल कर चुकी थी, पर में कस कस के अब धक्के देने लगा और वो धीरे धीरे मस्त होने लगी और करीब पाँच मिनट में ही वो पूरी मस्ती में आ चुकी थी और अपनी गांड उठा उठा के चुदने लग थी और अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ईईई हम और और जोरसे अह्ह्ह बहुत अच्छा लग रहा हे और और करो याया फक मी फक मी फक फक फक मी हार्ड यार ओह्ह्ह्ह्ह याआआया ईईई करते करते करीब आधा घंटा के बाद वो झड गयी और मैं उसके दो मिनट बाद मैं उसके चुत में ही झड गया और फिर मैं उसी के उपर लेट गया | दस मिनट बाद मैं उठा और कहा मुझे जाना हे लेट हो चूका हो तो वो मुझसे लिपट गयी और किस करने लग गयी, फिर उसने अपना नो. दिया और बोली की अबसे दस दिन तक तुम आते रहना बस आने से पहले फोन कर देना |