टोइलेट में मनाई सुहागरात

टोइलेट में मनाई सुहागरात Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai

हाई दोस्तों,

मुझे अपने भाई से मिलने के लिए दिल्ली से मुंबई जाना था और मेने ट्रेन की टिकट ले रखी थी | समय पे मेने ट्रेन पकड़ ली थी और मेरी जहा सिट थी उसी में मेरे साथ एक आंटी और भी जा रही थी मुंबई को | आंटी के साथ उनका एक छोटा सा लड़का था जो करीब चार या पाँच साल का होगा | उनसे मेरी बात शुरू सामान रखने से कारण शुरू हुई और फिर धीरे धीरे हम बहुत सारे बातें की,

रात के खाने का समय हो गया तो मेने और आंटी ने खाना मिल के खाया और फिर खान एके बाद आंटी मेरे बगल में बैठ गयी और उनके लड़के को सामने वाले सिट पे सुला दिया | टीटी आया और टिकट चेक किया और फिर वो बोला की बाकी के दो लोग अगले दिन के दोपहर को आयेंगे | आंटी और में साथ में करीब करीब बैठे थे और बाते कर रहे थे, धीरे धीरे हम एक दूसरे के और करीब बैठ गए और खुल के बात करने लग गए | आंटी ने बताया की उनका तलाक हो चूका हे और वो अपने माँ बाप के पास जा रही हे और तलाक हुए दो साल हो चुके हे |

मुझे फिर ठंड लगने लगी तो मेने अपनी चद्दर ले ली और ओढ़ लिया और कुछ देर बाद आंटी को भी ठंड लगने लगी थी तो मेने उन्हें अपने चद्दर में आने को कहा तो वो आ गयी | अब हम दोनों एक दूसरे से पुरे चिपके हुए थे और ट्रेन के हिलने के कारण हम दोनों के पैर एक दूसरे से घिस रहे थे, मेरा खड़ा हो चूका था और मुझे आंटी भी गर्म गर्म लग रही थी | मेने धीरे धीरे अपने हाथ को आंटी के तरफ बदाय और उनके पेट पे हठ रख दिया, वो कुछ भी नही बोली तो मेने हाथ फेरना शुरू कर दिया था | कुछ पालो के बाद उन्होंने मेरी तरफ मुह किया और मेने उनकी तरफ, वो मुझे अजीब नजरो से देख रही थी, मेने फिर उनके होठो के तरफ अपने होठ बदाये तो वो भी बदने लग गयी और हम दोनों के होठ चिपक गए | हम दोनों एक दूसरे के होठो को चूसने लग गए | मैं फिर उठा और बत्ती बंद कर दी |

अब हम दोनों ही एक दूसरे को देख पा रहे थे, करीब होने के कारण | मैं फिर से बैठ के चद्दर ओढ़ लिया और फिरसे आंटी को किस करने लग गया | आंटी भी मुझे मस्त में किस कर रही थी, मेने अंदर ही अंदर उनके सूट के अंदर हाथ डाल दिया और उनके चुचो को दबाने लग गया | वो मस्त में सिसकिय भरने लग गयी | मेने फिर उनका ब्रा का हुक खोल दिया और उनके चुचो को अब अपने हाथो में पकड़ के दबाने लग गया | तिन चार मिनट दबाने के बाद मैं उनके गोदी में लेट गया और पूरा चद्दर के अंदर घुस के उनके सूट को उठा के उनके चुचो को मुह में भर के चूसने लग गया | उन्होंने मुझे चद्दर से पूरा ढक के रखा हुआ था | पाँच मिनट बाद उन्होंने मुझे कहा की टोइलेट चलो, वहा अच्छे से करेंगे |

हम दोनों उठके बारी बारी से टोइलेट गए और कुण्डी लगा दी | टोइलेट में हम दोनों जल्दी जल्दी पुरे नंगे हो गए और फिर एक दूसरे के गले लग गए और एक दूसरे को चूमने लगे और मेने अपने लंड को पकड़ के उनके जांघों में फसा दिया और किस करते हुए जितने बार भी हिला में मेरे लंड ने मुझे मस्त मजा दिया | मैं चुमते चुमते फिरसे उनके निप्पल को मुह में भर के चूसने लग गया और वो सिसकिय पे सिकिया भर्ती चली गयी | वो मेरे सर को आने चुचो से रगडती जा रही थी, मैं फिर निचे बेह के उनकी चुत चाटने लग गया और फिर उन्होंने अपनी एक तंग उठा के खिडकी पे रख दिया और उनकी चुत और खुल गयी | अब मैं उनकी चुत को एक दम गहराई तक चाट रहा था और वो जोर जोर से करह रही थी | वो दो मिनट में झड गयी और फिर मेने उनको निचे बिठा के अपने लंड चुसवाया और मैं भी उनके मुह में पाँच मिनट में झड गया |

उसके बाद मेने उन्हें घोड़ी बनाया और वो वाश बेसन को पकड़ के घूक गयी और मैं पीछे से उनकी चुत और गांड चाट चाट के गीला कर दिया और फिर उठ के अपने लंड सटा दिया | कुछ देर रगडा तो वो लंड लेने के लिए तड़पने लग गयी | मेने जादा देर न करते हे अंदर डाल दिया और वो चीख उठी | उनके चीखने के बाद में कुछ देर रुका और फिरसे कस कस के पेलने लग गया |वो कराहती गयी और मैं उसे पेलता गया, वो जोर जोर से करहने लगी और करीब दस मिनट बाद बोली और कस के पेलो में अ रही हू अआआई आआया मा उफ्फ्फ्फ्फ्फ़ ऐईईईईइ और फिर वो झड गयी पर में उन्हें पेलता रहा और करीब उनके झड़ने के पाँच मिनट बाद में भी उनके चुत में झड गया | मैं उनके चुत पे लंड रख के उनके पीठ पे सर रख के आराम किया और फिर उठा फिर हम दोनों ठीक हुए और फिर जाके अपने सिट पे बैठ गए | वहा जाने के बाद हम दोनों एक सिट में ही लेट गए और कुछ देर चुम्मा चाटी की और फिर सो गए | जब तक हम मुंबई नही पहुचे तब तक टोइलेट में हम दोनों सुहागरात मनाये | उतरते वक्त उन्होंने मेरा नो. लिया और फिर उनसे मैं फोन करके वहा कई बार मिला और कई बार मजे भी किये |