चुनमुनिया डॉट कॉम से मिला प्यार

मेरा नाम जय है, मैं यूपी से हूँ लेकिन काम की वजह से दिल्ली रहता हूँ। Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai मुझे अपना प्यार चुनमुनिया डॉट कॉम से मिला, मेरी गर्लफ्रेंड का नाम डॉली है। अभी दीवाली पर मैं उससे मिलने यूपी गया था, वो भी यूपी से ही है। वो जॉब करती है जिसकी वजह से घर से दूर रहती है, वो एक घर लेकर अकेली रहती है।

दीवाली के कुछ दिनों बाद जब वो अपने जॉब पर गई.. तो मैं उससे मिलने उसके शहर गया। मैं उससे पहली बार मिल रहा था। वैसे मैंने उससे चैट और फ़ोन कॉल पर कई बार सेक्स चैट की है.. लेकिन पहली बार हम मिल रहे थे। मैंने सोचा नहीं था कि पहली बात मिलने पर हमारे बीच कुछ होगा।
मैं उसके लिए गिफ्ट में एक टैडीबियर लेकर गया।
मैंने उसके साथ वक़्त बिताने का एक दिन और एक रात का प्लान बनाया था।

वो मुझे बस स्टैंड पर लेने आ गई। मैंने मिल कर उसे उसका गिफ्ट दिया और कस कर गले लगाया। वो देखने में काफी खूबसूरत थी और उसके बड़े-बड़े मम्मे थे। मैंने गले मिलते वक़्त उसके मम्मो को अपने सीने से दबाया। मुझे गले मिल कर बहुत अच्छा फील हो रहा था।
फिर वो मुझे घर लेकर गई। वहाँ पहुँचते ही वो मुझसे जल्दी से लिपट गई और चुम्बन करने लगी.. मैं भी उसका साथ देने लगा।
फिर कुछ देर बाद उसने खाना बनाया और हमने साथ में खाया।

फिर हम बातें करने लगे, रात के करीब दस बज गए, ठण्ड बढ़ गई थी तो हम कम्बल में थे और बाद में हम चुम्बन करने लगे।
मैंने उसके साथ अभी सेक्स के लिए सोचा नहीं था.. लेकिन मैं करना तो चाहता था।

उसने कहा- तुम अपनी आँखें बंद करो, कुछ गिफ्ट देना है..
मैंने आँखें बंद कीं, उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपने बड़े-बड़े मम्मो पर रख दिया।
मैंने आँखें खोली और अपने हाथों से हल्के-हल्के से उसके मम्मो दबा-दबा कर महसूस करने लगा और उसके आँखों में देखने लगा।
मैंने उसकी आँखों में शरारत देखी।

मैंने उसे अपने पास खींचा और उसके ललाट पर एक गर्म चुम्बन किया और मम्मो को दबाने लगा, फिर मैंने पूरे ललाट को चूमा और आँखों कि पलकों पर चुम्बन करने लगा, उसकी नाक पर चुम्बन किया और फिर होंठों को अपने होंठों से दबा कर चूसने लगा।
वो भी मेरा साथ देने लगी।
मैंने बुरी तरह से उसके होंठों को चूसा और साथ में मम्मो को भी दबा रहा था। मैंने अपने जीभ को उसके होंठों पर घुमाया और उसके मुँह में अपनी जीभ डाल कर उसकी जीभ से खेलने लगा।
वो भी ऐसा ही करने लगी।

फिर मैं होंठों को छोड़ कर उसके गालों को चूसने लगा। सच में दोस्तो.. मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैंने गालों से होते हुए उसके गर्दन को बहिशयाना तरीके से चुम्बन करने लगा।
फिर उसे पूछा- डॉली क्या मैं तुम्हारे मम्मो चूस लूँ?
तो उसने कहा- जो चाहे कर लो जान.. आपके ही हैं।

मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी। उसने काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी। उसके मम्मे बहुत बड़े लग रहे थे।
मैंने पूछा- तुम्हारी ब्रा का साइज़ क्या है?
उसने शरमाते हुए कहा- 38..

सच मैं उसकी मम्मे काफी बड़े थे। मैंने ब्रा के ऊपर से मम्मो को दबाया और ब्रा को उतार दिया। मैंने उसके गोरे-गोरे मम्मो को उछल कर बाहर आते देखा.. तो दंग रह गया। टी-शर्ट में उतने बड़े नहीं दिख रहे थे.. जितना कि वो सच में थे।
मैंने उसके मम्मो को जोर से दबाया और उनके बीच में अपना चेहरा दबा कर चुम्बन किया, फिर एक हाथ से एक खरबूजे को पकड़ कर दबाने लगा और दूसरे को चूसने लगा।
सकी निप्पल को मैंने बहुत मस्त तरीके से चूसा और पूरे चूचे को मुँह में लेने की कोशिश की लेकिन पूरा दूध मुँह में नहीं आ रहा था क्योंकि काफी बड़ा चूचा था।

मैंने अपने एक हाथ से उसकी कैपरी उतार दी। उसने थोड़ा सा विरोध किया.. लेकिन मैंने उतार ही दी।
उसने काले रंग की ही चड्डी पहनी हुई थी, मैंने उसके मम्मो चूसते हुए अन्दर हाथ डाल दिया.. वो सिहर सी गई। लेकिन उसने ज्यादा विरोध नहीं किया।

फिर मैंने पूरे मम्मो को चाटते हुए उसकी चुनमुनिया में अपनी एक उंगली डाल दी और उंगली को अन्दर की तरफ हिलाने लगा। चुनमुनिया से हल्का हल्का सा पानी निकल रहा था, मेरी उंगली पूरी गीली हो गई थी।
मैं उसके मम्मो को चूसते हुए अपने चेहरे को उसके बड़े मम्मो पर रगड़ रहा था और अपनी हल्की-हल्की दाड़ी को उसके मम्मो पर चुभो रहा था।

वो मुझे ‘आई लव यू’ बोले जा रही थी और अपने हाथों से मेरे सर को पकड़ कर मम्मो पर दबा रही थी।
मैंने बिना कहे उसका इशारा समझ लिया था, वो चुदना चाहती थी।

मैं फिर उसके मम्मो को छोड़ कर पेट पर चुम्बन करने लगा और नाभि को चाटने लगा। फिर मैंने अपनी जीभ को नाभि में घुसा दी और नाभि को जीभ से चोदने लगा। साथ में मैं एक हाथ से मम्मे दबा रहा था और एक हाथ से चुनमुनिया में उंगली कर रहा था। वो सिसकारियाँ लेती जा रही थी, उसके साँसें काफी फूल गई थीं और गरम भी हो गई थीं।

फिर मैंने उसकी चड्डी उतार दी और उसकी चुनमुनिया के पास अपना चेहरा लाया, उसकी चुनमुनिया की महक पागल कर देने वाली थी।

मेरा यह पहली बार था.. तो मैं काफी उत्तेजित था.. लेकिन फोरप्ले के बारे में जानता था। मैंने अपने दोनों हाथों से उसकी टाँगें पकड़ कर चौड़ी की और चुनमुनिया से निकल रहे पानी को चाटने लगा और अपने दोनों हाथों से मम्मो को जोर-जोर से दबाने लगा।
उसके चूचुकों को अपनी उंगलियों से जोर से दबाया.. तो वो हल्के से चिल्लाई.. मैं रुका नहीं और चुनमुनिया में अपनी जीभ डाल कर हिलाने लगा।

डॉली की चुनमुनिया गरम हो गई थी तो जीभ पर मैं वो गर्मी महसूस कर रहा था। उसकी चुनमुनिया गर्मी फेंक रही थी और नमकीन पानी निकल रहा था। मैं पानी को चाटता रहा।
वो कहे जा रही थी- जान अब रुका नहीं जा रहा.. डाल दो अपना बाबूराव..
मैं उसकी एक नहीं सुन रहा था, मैं अपनी जीभ से उसको चोद रहा था, वो मेरा सर पकड़ कर चुनमुनिया के ऊपर दबा रही थी और आहें भर रही थी।

मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए। मेरा बाबूराव 6 इंच का तन के खड़ा हो गया था और चुनमुनिया में घुसने के लिए बेताब था। लेकिन डॉली ने मुझे पकड़ कर अपने नीचे ले लिया और मेरा बाबूराव पकड़ के हिलाने लगी। फिर उसने मेरे बाबूराव के सुपारे पर चुम्बन किया और अपनी जीभ के साथ चाटने लगी।

सच में दोस्तो.. गजब का एहसास था वो तो.. लण्ड चुसवाने में बहुत मजा आता है।
उसने मेरे बाबूराव पूरा मुँह में ले लिया और मेरी गोलियों को सहलाते हुए बाबूराव चूसने लगी।

फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए, मैं उसकी चुनमुनिया चाट रहा था और वो मेरा बाबूराव चूस रही थी और अपने हाथों से हिला रही थी। मैंने उसकी चुनमुनिया चाटते हुए उसकी गाण्ड में उंगली डाल दी। वो सिहर सी गई और टाइट हो गई और उसने ‘आह..’ की आवाज़ निकाली। मैंने धीरे-धीरे गाण्ड में उंगली करते हुए चुनमुनिया चाटी।

बहुत देर तक हम यही करते रहे। फिर मैं उसके ऊपर आ गया और मैंने उसकी टाँगें चौड़ी करके अपना बाबूराव उसकी चुनमुनिया के छेद पर रखा और बाबूराव के सुपारे को चुनमुनिया पर रगड़ने लगा। उसे बहुत अच्छा लग रहा था। मुझे अन्दाजा हो गया था कि यह उसका पहली बार है और उसे काफी दर्द होने वाला है।

मैंने उसे बता दिया और कहा- थोड़ा सहन कर लेना जान..
उसने ‘हाँ’ में अपना सर हिलाया और मैंने धीरे से बाबूराव अन्दर घुसाया लेकिन बाबूराव अन्दर नहीं गया तो मैंने झटके से अन्दर डाल दिया.. तो वो जोर से चिल्लाई- आअह..

मैंने देखा तो मेरा आधा बाबूराव उसके अन्दर था और हल्का सा खून आने लगा था। यह उसका पहली बार ही था.. तो उसे काफी दर्द हुआ था।
यह कहानी आप चुनमुनिया डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !

मैंने उसी हालत में अपना बाबूराव अन्दर रखा और झुक कर उसे चुम्बन कर लिया और उसकी आवाज़ दबा दी। मेरा सीना उसके बड़े मम्मो पर दब रहा था, उसके मम्मे काफी सख्त हो गए थे और निप्पल भी खड़े हो गए थे।
उसकी चुनमुनिया गर्म थी और मेरा बाबूराव भी गर्म था, मैं अपने बाबूराव पर उसकी चुनमुनिया की गर्मी को मैं महसूस कर सकता था। फिर धीरे-धीरे मैं बाबूराव को अन्दर-बाहर करने लगा और लगातार उसके होंठों को चूस रहा था। वो भी मेरा साथ दे रही थी।

कुछ देर तक उसे दर्द हुआ लेकिन जब उसे अच्छा लगने लगा.. तो वो भी अपनी गाण्ड हिला-हिला कर मेरा साथ देने लगी। मेरा बाबूराव पूरा उसकी चुनमुनिया में जा चुका था और अन्दर-बाहर हो रहा था।
दोस्तो.. सच में मैं उस वक़्त जन्नत की सैर कर रहा था। मैं जोर-जोर से झटके मार-मार कर उसे चोद रहा था।

कुछ देर तक मैं उसे वैसे ही चोदता रहा और चुम्बन करते हुए उसके मम्मो को अपने सीने से दबा रहा था। तभी उसने मुझे कस कर पकड़ा और मुझे अपने नीचे ले लिया और मुझे बुरी तरह से चुम्बन करने लगी।
उसने मुझसे कहा- जान.. अब प्यार करने का मेरा नंबर है..
उसने मेरा बाबूराव चूसना शुरू किया और कुतिया जैसे से चूसने लगी।

कुछ देर बाद मैंने कहा- ओह्ह.. मेरा छूट जाएगा..।
तो उसने बाबूराव छोड़ कर चुम्बन करना स्टार्ट किया और मेरे दोनों तरफ टाँगें कर के बाबूराव के ऊपर चुनमुनिया टिका दीं.. लेकिन लण्ड को अन्दर नहीं लिया।
वो हिल-हिल कर चुनमुनिया को बाबूराव पर रगड़ रही थी। अब उसने धीरे से अपनी चुनमुनिया में मेरा बाबूराव डाला और पूरा अन्दर डाल कर ऊपर-नीचे होने लगी और मेरी तरफ झुक कर मुझसे कहा- जान.. इन मम्मो को खा जाओ आज..

उसके कहते ही मैंने मम्मो को पकड़ा और जोर-जोर से दबा-दबा कर चूसने लगा।
कुछ देर में मेरा छूटने वाला था और उसका भी.. उसका ऊपर-नीचे होकर बाबूराव को अन्दर-बाहर करना तेज़ हो गया। मैंने मम्मो को दबा दबा कर खूब चूसा और जगह-जगह काट कर अपने दांत के निशान छोड़ दिए।

फिर एक साथ हम दोनों ही झड़ गए, ठण्ड में भी हमारे पसीने निकल रहे थे, हम दोनों ही थक गए थे.. तो वो मेरे ऊपर ही गिर गई और मेरे होंठों को चूसने लगी, मैं भी उसका होंठों को चूसने में साथ देने लगा।

कुछ देर बाद वो उठी और चल कर पास के कमरे में गई। वो सही से चल नहीं पा रही थी.. क्योंकि मैंने उसे बहुत जोर से चोदा था।
वो कमरे में से मेरे लिए फास्टट्रैक की एक हाथ घड़ी लेकर आई।
मैंने वो लेने से मना किया.. लेकिन वो मानी नहीं.. तो मैंने ले ली।

फिर वो मुझे चुम्बन करने लगी और हम दोनों उस रात नंगे ही चुम्बन करते हुए ही सो गए।
सुबह उठ कर मैंने उससे पूछा- अगर प्रग्नेंट हो गई तो?
उसने कहा- मैं आज आई-पिल ले लूँगी।
मैं टेंसन फ्री हो गया।

मेरी कहानी कैसी लगी..