कजिन को चोद दिया

कजिन को चोद दिया Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai

हेलो दोस्तों, मेरा नाम सिदार्थ है और ये मेरी पहली कहानी है. जो आई होप आप लोगो को पसंद आएगी. अगर आपको मेरी मदमस्त कहानी पसंद आये, तो मुझे मेल जरुर करे. ओके अब मैं अपनी कहानी पर आता हु. तो बात उन दिनों की है, जब मैं १९ साल का था और मैं अपने ११th के पेपर के बाद अपनी मौसी के घर पर समर की वेकेशन मनाने उनके घर गया था. मेरी मौसी के घर में उनके अलावा मेरे मौसा जी, उनकी दो बेटिया और उनके दो बेटे रहते है. मेरी मौसी की बड़ी बेटी बहुत ही सुन्दर और स्मार्ट थी. उसके चुचे मुझे बहुत ही आकर्षक लगते थे. वो मुझसे दो साल बड़ी है और उनका नाम कमला है. वो मुझे शुरू से बहुत अच्छा मानती थी. क्युकि, मैं पढने में हमेशा ही अच्छा था और १०वी में, मेरे ७२% नंबर थे और अपने घर में, मैं सबसे कम बोलता था. वो मेरा मन वहां लगाने के लिए मुझसे बहुत बात करती थी और तब तक मेरे मन में उनके लिए कोई बुरा विचार भी नहीं था.

हम लोग गर्मी की वजह से बाहर बरामदे में कूलर लगाकर सोते थे. हम सभी भाई-बहन अगल-बगल ही सोते थे और मेरी खात कमला दीदी के बिलकुल बगल में होती थी और हम दोनों रात को ११ बजे तक बात करते रहते थे. मेरा कजिन भाई लगभग १० बजे के आसपास सो जाता था. एकदिन वो अपने घर नहाकर, नल पर कपड़े धो रही थी. उसने दुपट्टा नहीं नहीं डाला था और मैं कमरे में टीवी देख रहा था. तभी लाइट चली गयी और मैं बाहर आ दीदी और उनको देखकर उनके पास चला गया. वो मुझसे बातें करने लगी. उन्होंने मुझे उसके सामने पड़े स्टूल पर बैठने के लिए बोल दिया और मैं वहीँ बैठ गया. तभी कपड़े धोते समय वो जैसे ही नीचे झुकती, मुझे उनकी बड़े और मोटे चुचे के बीच की लकीर दिखती. मुझे अजीब फील होने लगा और मैं उनको ना देखने की कोशिश की, लेकिन मेरा मन फिर से उनके चुचे देखने को करने लगा. मैं उनकी बातो पर ज्यादा ध्यान ना देकर उनके चूचो पर देने लगा.

तभी मुझे उन्होंने अजीब सी नजरो से देखा और मेरी पेंट की तरफ देखकर मुस्कुराने लगी. क्युकि मेरी पेंट फूली हुई थी और उसके बाद भी वो वैसे ही कपडे धोती रही. फिर उस रात को जब हम बात कर रहे थे, तो हमने अपनी-अपनी खाट के किनारे बिलकुल मिला से दिए. इससे हम लोगो के पैर आपस में मिल गये और मेरे बदन में एक सिहरन सी दौड़ गयी. उन्होंने अपना पैर मेरे पैर के ऊपर रख लिया और थोड़ी देर बाद एकदम से हटा लिया. इससे मैं और भी ज्यादा बैचेन हो गया. फिर हम लोग सो गये और सोते वक्त मेरा हाथ उनके चूचो पर पहुच गया और फिर डर के मारे मैने अपना हाथ हटा लिया. लेकिन, मैं बहुत बैचेन हो चूका था. फिर मेरी कमला दीदी के पैरो ने मेरे पैर को जकड लिया; शायद वो नीद में थी. मैंने टाइम देखा, तो रात के ३ या ४ बज चुके थे और मुझे ठण्ड भी लग रही थी और शायद उनको भी ठण्ड लग रही थी. मैं उसके चिपकते हुए उनकी खाट पर पहुच गया और उनका कम्बल भी ओड़ लिया.

उन्होंने ने भी मुझे पैरो से जकड लिया और मेरा मुह उनके बूब्स पर था और मैं उनको चाट रहा था. धीरे-धीरे मेरे लंड की हालत और भी ख़राब होने लगी थी. मैने अपने हाथ से अपने पेंट को खोल दिया और अपने लंड को आजाद कर दिया. फिर, उनकी सलवार के ऊपर से धीरे-धीरे, मैने उनकी चूत और चुतादो को सहलाना शुरू कर दिया. फिर मैं धीरे-धीरे उनकी सलवार का नाडा ढूंढने लगा और हाथ डाल कर सलवार को ढीला कर दिया और उनकी पेंटी के अन्दर अपना हाथ डालकर उनकी पेंटी को सहलाने लगा. तभी दीदी ने करवट ली और उनके चुतड मेरे लंड की तरफ हो गये. शायद दीदी की नीद भी टूट चुकी थी, लेकिन वो शांति से लेटी हुई थी. तो मैने अपना लंड उनकी गांड पर लगाया और मेरी एक ऊँगली उनकी चूत पर लगायी, तभी उनके मुह से ओहोहूह होहोहो श्सिसिसी आवाज़ सुनाई दी. मैं समझ गयी, कि दीदी जाग चुकी है, पर मैं ऊँगली करता रहा और तभी वो मेरी तरफ घूम गयी. उन्होंने अपनी सलवार और पेंटी नीचे कर दी और मुझसे चिपट कर सो गयी. वो भी अबतक पूरी तरह से गरम हो चुकी थी.

वो मुझसे चिपट रही थी और मुझे अपने और भी करीब करने की कोशिश कर रही थी और मैं उनके ऊपर आ गया और उनके होठो पर होठ रख दिए और उनके बूब्स को मसलने लगा. तभी वो बोली – धीमे-धीमे, कोई जग जाएगा. तो मैने अपने लंड को उनकी चूत पर लगाने की कोशिश की, तो कोई दूसरी खाट से उठ गया और अन्दर कमरे में चला गया. वो मेरा भाई था और उसके बाद छोटी बहन भी कमरे में चली गयी. सुबह का टाइम था, सबको ठण्ड लग रही थी. हम लोग अभी भी बाहर ही रुके हुए थे. मैं एकदम डर गया था. फिर दीदी बोली, अब तो कर .. वो लोग चले गये. मेरा लंड बैठ चूका था. फिर मेरी बहन ने मेरा लंड पकड़कर उसपर हाथ फिराया, तो मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और मेरी बहन ने उसे अपनी चूत के छेद पर लगा दिया. मैने एक धक्का मारा, तो वो अन्दर चला गया और दीदी के मुह से आआअ स्स्स्सस्स्स्स सस ओह की आवाज़े आने लगी. फिर वो छटपटाने लगी और मैं उनको किस करता रहा. मैने फिर एक धक्का मारा और मेरा लंड पूरा उनकी चूत में चले गया.

वो फिरर स्स्सस्स्स्सस्स्स स्सस्सस्सस स्स्स्सस्स्स्स होहोहोहोह करने लगी और थोड़ी देर बाद उनको मज़ा आने लगा और वो भी अपनी गांड उछाल उछाल कर चुदती रही और हमने २० मिनट तक चुदाई की और थोड़ी देर हम ऐसे ही एकदूसरे को पकडे पड़े रहे. फिर मैं अपनी खाट पर वापस आ गया और जब मैं सुबह उठा तो उन्होंने मुझे चाय दी और उनका बर्ताव बिलकुल पहले जैसा ही था. लेकिन मैं उनसे नज़रे नहीं मिला पा रहा था