एक कीमत “ज़िंदगी” की-18

अंकित का फेस रितिका के फेस के बिल्कुल करीब था Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai लेकिन रितिका उसकी तरफ ना देखते हुए दूसरी तरफ देख रही थी..फिर अंकित ने खुद रितिका का फेस अपने हाथ से सामने किया…और दोनो की नज़रे आपस में मिला दी…रितिका की आँखों में कोई दुख नही दिख रहा था…कुछ और ही दिख रहा था..वहीं अंकित की आँखों

से ये पता चल रहा कि वो रितिका को समझने की कॉसिश कर रहीं है….हालाकी अंकित इस वक़्त वासना के

सागर में घुस चुका था…..लेकिन फिर भी कहीं ना कहीं..वो अच्छाई तो थी ही..

रितिका :- टेन्षन मत लो..में तुम्हे पूरा सपोर्ट करूँगी..कोई शिकायत का मौका नही दूँगी…

अंकित उसकी आँखों में बस देखता रहता है….और उसकी बातों को ध्यान से सुनने लगता है….

फिर रितिका के बोलने के बाद वो अपने होंठो को आगे बढ़ाता है…और रितिका के होंठो को उपर रख

देता है…रितिका की आँखें पूरी खुल जाती है….अंकित रितिका के होंठो को चूसने लगता है…अपने होंठो

से उसके होंठो का रास्पान करने लगता है…..और फिर अचनाक से हट जाता है..क्यूँ कि रितिका कोई रिस्पोन्स

नही कर रही थी…

वो रितिका को घूर्ने लगता है…रितिका एक पल के लिए बेसूध सी हो जाती है..लेकिन जब उससे आभास होता है

अंकित उसे घूर रहा है तब वो बोलती है..

रितिका :- सॉरी….अब ध्यान रखूँगी…

फिर अंकित अपने होंठ आगे बढ़ा के रितिका के होंठ पे रख देता है और बड़े प्यार से रितिका के

होंठो का रस पान करने लगता है…इस बार रितिका भी पूरा सपोर्ट करती है..और अपने होंठो का यूज़

करने लगती है…दोनो एक दूसरे के होंठो को बड़े प्यार से चूमने लगते हैं..रितिका की आँखें बंद

हो जाती है..और वो किस करने में खो जाती है..

करीब 3 मिनट तक चलने वाली किस को अंकित तोड़ देता है……किस टूटने पर रितिका की आँखें खुलती है..

और फिर अंकित रितिका की आँखों में देखने लगता है..रितिका की आँखें लाल हो चुकी होती है…

अंकित अपना कार्यक्रम आगे करता है..और अपने होंठ आगे बढ़ा के रितिका के पूरे चेहरे पे

फिराने लगता है..कभी गाल … तो कभी उसकी नाक पे…तो कभी उसके माथे पे…और फिर धीरे

धीरे नीचे आता हुआ….अपने होंठो को रितिका की गर्दन पर फिराने लगता है…

(अभी दोनो के शरीरो ने आपस में टच नही किया था)

फिर अंकित अपने होंठ नीचे लाते हुए उसके शोल्डर्स पे फिराने लगता है….रितिका की आँखें बंद हो

जाती है….

ऐसे किस करता हुआ वो एक बार उपर जाता है…और रितिका की बंद आँखों पे भी किस कर देता है..

और एक बार फिर उसके होंठो पे अपने होंठ रख देता है…

इस बार वो उसे चूसने और चाटने लगता है और अपनी जीभ उसके मूह के अंदर डालने की कॉसिश करने

लगता है….रितिका देरी नही करती..और अपना मूह खोल के उसके जीभ को अंदर आने देती है….

अंकित और रितिका दोनो जीभ और होंठ आपस में मिल जाते हैं और इस बार बुरी तरह से चूसने

लगते हैं…….

स्मूच करते हुए अंकित ने अपने आप को छोड़ दिया..इससे अब उसने रितिका के नंगे जिस्म पे अपना

जिस्म लगा दिया…

उंगग्घह रितिका के मूह से ये दबी हुई चीख निकल अंकित के होंठो के अंदर ही घुल गयी…

अंकित की चेस्ट में रितिका के बूब्स बुरी तरह से धँस गये…अंकित का लंड रितिका के पेट के उपर

दबा हुआ था……रितिका अंकित के गरम लंड को अपने पेट पे सॉफ महसूस कर पा रही थी…….

अंकित ने किस थोड़ी….और सीधा अपना मूह ….रितिका के बूब्स पर लाके उसके निपल्स

सक करने लगा…बारी बारी उसने दोनो निपल्स सक करे….रितिका का शरीर हल्का फूलका हिल रहा

था..उसकी साँसें तेज चल रही थी……

फिर अंकित ने अपना लंड अपने हाथ से पीछे कर के रितिका की चूत के उपर रख दिया…

एक अजीब सा करंट रितिका के पूरे शरीर में फैल गया…

अंकित ने अपना लंड चोट पे लगया…और एक हल्का सा पुश करा…लंड का सूपधा चोट के अंदर

घुस गया…

अया….एक हल्की सी सिसकी रितिका के मूह से निकल गयी…और उसने आँखें बंद कर ली…

अंकित ने एक और धकका मारा….इस बार थोड़ा सा लंड चूत के अंदर और चला गया….

आआअहहुउऊुउउ…रितिका के मूह से एक और तेज आवाज़ निकली….और उसने अपने हाथों से

पीछे पिल्लो को कस के पकड़ लिया….

चूत काफ़ी टाइट थी..इसकी वजह यही थी…कि पिछले 5 साल से रितिका ने कोई सेक्स नही किया था….

अंकित ने इस बार एक तेज धक्का मारा……जिससे उसका लंड अब पूरा घुस गया..आहह..उसके मूह से

एक हल्की सी सिसकी निकली…

आआअहह उंगगगगगगगगगगघह….एक तेज चीख के साथ

रितिका ने अपने मूह पे हाथ रख लिया..जिससे उसकी आवाज़ उसके गले में घुट के रह गई…

पूरा लंड घुसाने के बाद अंकित रितिका के उपर आ गया और रितिका के चुचे अंकित की चेस्ट में

घुस गये….अंकित ने रितिका के मूह से हाथ हटाया और अपने होंठ उसके होंठ पे रख दिए और

चूसने लगा…2 मिनट तक वो ऐसी ही लेटा रहा…

फिर उसने अपनी कमर हिलानी शुरू की…..लंड बाहर निकाला और एक धक्का मार के चूत के अंदर

डाल दिया……और अपने होंठ रितिका के होंठ से हटा लिए…

और फिर मिशनरी पोज़िशन में धक्का लगाने लगा…लंड को बाहर खिचता और फिर एक बार में तेज

धक्का मार के अंदर घुसा देता …..

रितिका का चेहरा पूरा लाल हो चुका था..अंकित तो बस रितिका की आँखों में देखते हुए धक्के मारे

जा रहा था….

अंकित :- आज मेरी वेर्जिनिटी टूट गयी…….और मेने दी भी किस को..उस पर्सन को जिसे में बेहद लाइक करता

हूँ….

रितिका उसकी बातें सुनने लगती है….अंकित धक्के पे धक्के लगाए जा रहा था..

अंकित :- आपको क्या लगता है रितिका जी…..में आपके साथ ये सब इसलिए कर रहा हूँ क्यूँ कि में

आर्नव की ज़िंदगी की कीमत चाहता हूँ…यही लग रहा है ना….

अपने लंड को बाहर खिच लेता है आधा..और फिर तेज़ी से अंदर धक्का मार देता है…..

रितिका के मूह से हल्की सी सिसकी निकल जाती है जिसे वो वहीं दबा देती है….

अंकित :- ऐसा बिल्कुल भी नही है रितिका जी.. (नरम आवाज़ में बोलता हुआ) अरे में तो आपको पहले ही

दिन से लयक करने लगा था….मेरा ये मानना तो बड़ा ही मुश्किल हो रहा था..कि आपका कोई बेटा भी

हो सकता है….आपका ये चेहरा…बस इसके अलावा मेने आपके शरीर में कभी कुछ देखा ही नही…

धक्के की स्पीड तेज कर देता है बेड हिलने लगता है….रितिका भी बुरी तारह से हिल रही थी..लेकिन उसके

फेस पे कोई एक्सप्रेशन नही था…बस वो अंकित की आँखों में देखते हुए उसकी बातें सुन रही थी..

उसने अपने हाथ अंकित के उपर भी नही रख रखे थे….

अंकित :- प्यार तो आपसे कर नही सकता था..पर लाइक बहुत करता था…इस चेहरे से..और दिल से यही चाहता

था कि आप खुश रहे….और अब अगर आपकी खुशी इस में ही है..कि मैं ये सब करूँ तो करूँगा..

अगर आपका वो पुराना चेहरा वापिस पहले जैसा हो जाएगा…इन सब से..तो में ये सब करूँगा आपके

उस मासूम से क्यूट से चेहरे को वापिस लाने के लिए…..

अगर आप इन सब से वही पुरानी वाली रितिका बन जाएगी तो में ये सब करने को तैयार हूँ आपके साथ…

क्यूँ कि मुझे पहले वाली रितिका ही पसंद है…में कभी नही चाहूँगा कि मेरी वजह से पहली वाली

रितिका मर जाए…क्यूँ कि मैं ये सब एक लड़के की वासना के चक्कर में आके नही कर रहा हूँ…

बिल्कुल नही….में तो आपको पसन्द करता हूँ इसलिए ये सब कर रहा हूँ..आपकी खुशी वापिस आ जाए

इसलिए कर रहा हूँ…आपका वो हसीन चेहरा पहले जैसा हो जाए इसलिए कर रहा हूँ…

(बोलते हुए अपनी गर्दन रितिका के शोल्डर पे रख देता है और तेज तेज धक्के लगाने लगता है)

रितिका की आँखें बंद हो जाती है..उसकी आँखों से आँसू निकल के चेहरे पे से होके बिस्तर पे जा

गिरता है…और अपने आप ही उसके हाथ अंकित के बालों पे आ जाते हैं…….

जैसे ही अंकित को रितिका के हाथ अपने सर पे महसूस होते हैं….वो फ़ौरन रुक जाता है और

अलग हो जाता है…और बेड से उतर के नीचे खड़ा हो जाता है….

रितिका बिल्कुल शॉक्ड थी कि अचानक ये हुआ क्या……..

अंकित :- लेकिन बस…और में कुछ नही कर सकता…मैं आपकी अच्छाई का फ़ायदा नही उठा सकता…

रितिका जी…मेरा यकीन मानिए मेने आपको कभी उस नज़र से देखा ही नही था…में तो आपको पसंद

करता था…ये जानते हुए कि आप मेरी कभी नही हो सकती…और ये सब भी मेने सिर्फ़ इसलिए किया क्यूँ कि

अगर ये सब करने के बाद आप पहले जैसे हंसते हुए उस प्यारे चेहरे के साथ नॉर्मल हो जाएँगी

तो मैं समझूंगा कि मेने अपनी ग़लती को सुधार दिया है….

(हाथ जोड़ के माफी माँगते हुए) में आपको बहुत लाइक करता हूँ और इस वक़्त मैं आपका फ़ायदा

नही उठा सकता….बॅस ये सब समझाने के लिए मुझे आपके साथ ये सब करना पड़ा..सिर्फ़ इसलिए कि

में आपको बता सकूँ..कि ये सब एक वासना नही थी बल्कि आपके लिए एक प्यार का छोटा सा हिस्सा था..

रितिका उसको घूर्ने लगती है..अंकित आगे बढ़ता है..और चादर उठा के रितिका को ऊढा देता है…

और फिर बाथरूम में घुस के खुद कपड़े पहन के बाहर आता है..

रितिका अपने लेग्स मोड़ के चादर ओढ़े बैठी थी..और सामने देख रही थी…

अंकित :- आपने कुछ ग़लत नही किया….एक माँ के लिए उसका बच्चा ही सब कुछ होता है…और आपने सिर्फ़

आर्नव के लिए ये कदम उठाया था…..इसमे आपकी कोई ग़लती नही है..

लेकिन मेने जो भी किया वो अपनी वासना में आके नही..बल्कि आपको प्यार करने के लिए अपनी ग़लती को

सुधारने के लिए आपसे प्यार बाँटा जिससे आप वो सब भूल जाए जो मेने आपसे कहा था…और शायद

में उसमे सफल रहा ……..

रितिका आख़िरी की कही हुई बाते सुन के बाद अंकित को देखने लगती है…….अंकित भी रितिका की आँखों में

देखता है और गेट खोल के बाहर चला जाता है….

रितिका उसके जाने के बाद गहरी सोच में डूब जाती है…..और अपनी आँखें बंद कर के….पीछे बेड

पे अपना सर टिका लेती है…

अंकित तो घर से चला गया….लेकिन रितिका को दुविधा में डाल दिया उसके मन में बहुत

कुछ चल रहा था…..

रितिका अपने आप से बोली….तुम्हे जैसा समझा था वैसे नही थे तुम… अंकित….(और आँखें बंद कर

के फिर सोच में डूब जाती है)