एक औरत की दास्तान–20

रात के 9 बज रहे थे……सोनिया सन्नी के साथ निम्मी भाभी के रूम में टीवी देख रही थी… Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai और निम्मी भाभी अपनी बैठक के छोटे से दरवाजे से बाहर जो गली की तरफ खुलता है, उसके पास खड़ी होकर थोड़ा सा बाहर झाँक रही थी…..पर समीर अभी तक नही आया था….गली में अभी भी काफ़ी लोग इधर उधर टहल रहे थे…गर्मियों के दिन होने के कारण लोग काफ़ी समय तक आते जाते रहते थे…..9: 30 तक निम्मी भाभी ने इंतजार किया, फिर दरवाजा बंद किया, पर कुण्डी नही लगाई, और अपने बेड रूम में चली गयी…..

सन्नी को नींद आने लगी थी…..वो सन्नी के पास आकर लेट गयी…उसने सोनिया को कहा कि, वो स्टोर रूम में जाकर नीचे ज़मीन पर बिस्तर लगा ले…..सोनिया उठ कर स्टोर रूम में चली गयी…थोड़ी देर में सन्नी गहरी नींद में जा चुका था….सोनिया भी वापिस रूम में आई, और निम्मी भाभी से कहा कि उसने बिस्तरा लगा दिया है…निम्मी ने सोनिया को वही जाकर लटने को कहा….सोनिया स्टोर रूम में चली गयी…..निम्मी बेड से खड़ी हुई, उसने अपनी कमीज़ को उतारा, और उसे रूम में टाँग दिया….

अब निम्मी सिर्फ़ सलवार और समीज़ में थी, नीचे उसने ब्रा और पैंटी नही पहनी हुई थी.. वाइट कलर की पतली सी समीज़ में उसकी चुचियाँ सॉफ दिखाई दे रही थी…वो उठ कर बैठक में गयी, और थोड़ा सा डोर खोल कर बाहर देखा, तो उसे गली के मोड़ से समीर अपने घर की तरफ आता हुआ दिखाई दिया….रूम की लाइट ऑफ थी….जैसे ही समीर डोर के सामने पहुँचा, तो निम्मी ने डोर खोल दिया….और समीर के अंदर आने के बाद डोर बंद कर कुण्डी लगा दी….फिर निम्मी ने लाइट ऑन की…..

सामने का नज़ारा देख समीर के होश उड़ गये…..32 साल की एक गदराई हुई औरत उसके सामने सिर्फ़ समीज़ और सलवार पहने खड़ी थी….उसकी समीज़ में से उसकी चुचियाँ सॉफ झलक रही थी…..चुचियों के निपल देखते ही समीर का बाबूराव पेंट में झटके खाने लगा. वो निम्मी के पास गया….और उसके चेहरे के करीब अपने चेहरे को लेजा कर सरगोशी में बोला. “तो तुम चुदने के लिए पूरी तैयारी करके बैठी हो…..”

निम्मी: (मुस्कुराते हुए) यू लकी बस्टर्ड……क्या किस्मत पे हुए तूने लड़के….अभी तो तुम्हे पता ही नही मेने क्या-2 तैयारी की हुई, इस रात को यादगार बनाने के लिए….

समीर ने निम्मी का हाथ पकड़ कर उसे अपनी तरफ खेंचते हुए अपनी बाहों में भर लिया. निम्मी की बड़ी-2 गोलमोटल चुचियाँ समीर के चौड़े सीने में धँस गयी….”आह सीईईई हाई मेरी जान निकल दी तूने छोरे….” निम्मी भाभी ने समीर के गले में अपनी बाहें डालते हुए कहा…..”अच्छा तो मुझे भी तो पता चले कि, तुमने क्या क्या तैयारी कर रखी है…”

निम्मी: बताऊ…..?

समीर: हां बताओ…..

निम्मी: (कामुक मुस्कान के साथ मुस्कुराते हुए) अंदर एक और चूत सज संवर कर तुम्हारे बाबूराव का इंतजार कर रही है….

समीर: क्या कॉन ?

निम्मी: (अपनी चुचियों को समीर की छाती में रगड़ते हुए) सोनिया और कॉन……श्ह्ह अब तुम सोच रहे होगे कि मुझे कैसे पता ये सब कैसे हुआ है ना ? तो चलो में ही बता देती हूँ. आज जब तुम घर आए थे तब मेने गेट की झिर्री में सब देख लिया था..कैसे तुम उसकी चुनमुनिया को मसल रहे थे…..फिर मेने सोनिया को धमकाया कि में उसकी शिकायत रुखसाना से कर दूँगी… और उसे अपनी बात मानने पर मजबूर कर दिया….

समीर: अच्छा जितना में सोचता था…तुम उससे कई गुना चालाक हो……बहुत चालू चीज़ हो तुम.

निम्मी: अज़ी चालू नही हूँ में….अब क्या करूँ……मेरी ये चुनमुनिया बाबूराव मांगती है….बस चुनमुनिया के हाथों मजबूर हूँ…..चल अंदर चलते है….सोनिया भी चुदने के लिए मरी जा रही है तुमसे….

निम्मी और समीर दोनो स्टोर रूम के तरफ जाने लगे….पहले निम्मी स्टोर रूम में दाखिल हुई, जिसमे ट्यूब लाइट जल रही थी…..निम्मी को देख कर सोनिया का दिल जोरो से धड़कने लगा….निम्मी ने बाहर खड़े समीर को अंदर आने का इशारा क्या…..सोनिया नीचे ज़मीन पर बिछे हुए बिस्तर पर बैठी थी….उसने अपनी पीठ पीछे दीवार से सटा ली…फिर जैसे ही समीर अंदर आया…सोनिया के दिल की धड़कने और तेज हो गयी…..

अंदर आते ही निम्मी ने समीर को दीवार से सटा दिया…और खुद उसके सामने घुटनो के बल नीचे बिस्तर पर बैठ गयी….उसने समीर के लोवर को पकड़ कर नीचे खेंचा, तो समीर का 8 इंच का बाबूराव बाहर आकर झटके खाने लगा….निम्मी के पीछे बैठी हुई सोनिया ये सब अपनी फटी आँखों से देख रही थी…..निम्मी ने समीर के लौडे को अपनी मुट्ठी में भर लिया. और सोनिया की तरफ समीर के बाबूराव को देखते हुए बोली….. “हाईए देख कैसी शरमा रही है….जैसे पहली बार अपने यार का बाबूराव देख रही हो…..” और फिर सोनिया की तरफ देखते हुए समीर के बाबूराव को तेज़ी से हिलाने लगी….निम्मी ने एक हाथ सोनिया की तरफ बढ़ाया जो उससे 2 फुट की दूरी पर दीवार से पीठ टिकाए हुए बैठी थी….निम्मी ने उसका हाथ पकड़ा और उसे अपनी तरफ खेंचा….पर सोनिया आगे को नही हुई…

पर निम्मी भाभी ने फिर से उसे ज़ोर लगा कर अपनी तरफ खेंचा, और उसे अपने पास खेंचते हुए बैठा लिया…” क्या हुआ सोनिया तू पहली बार तो नही देख रही समीर का बाबूराव इतना क्यों शर्मा रही है…ले पकड़ इसे हाथ में….” निम्मी ने सोनिया का हाथ पकड़ कर समीर के बाबूराव पर रखना चाहा तो सोनिया ने अपना हाथ पीछे कर लिया, और ना में सर हिलाने लगी….”चल तेरी मर्ज़ी फिर बैठ कर देखती रह….”

निम्मी ने समीर के बाबूराव को छोड़ा, और अपनी समीज़ को दोनो हाथों से पकड़ कर ऊपेर उठाते हुए अपने गले से निकल कर सोनिया की तरफ फेंक दिया….निम्मी भाभी की 38 साइज़ की बड़ी-2 चुचियाँ ट्यूब लाइट की रोशनी में चमकने लगी…फिर निम्मी भाभी ने समीर के बाबूराव को पकड़ा और अपनी दोनो चुचियों के बीच में लेकर उसके बाबूराव को रगड़ने लगी….समीर ने सोनिया की तरफ देखा जो, चोर नज़रों से उनकी तरफ देख रही थी…..समीर ने निम्मी भाभी के मम्मों को पकड़ कर अपने बाबूराव को उनके मम्मों के बीच की गहरी घाटी में आगे पीछे करते हुए रगड़ना शुरू कर दिया….

दोनो के मुँह से आहह आहह ओ की जैसी सिसकारियाँ निकल रही थी…जिन्हे पास बैठी सोनिया सुन कर गरम होने लगी थी…..समीर पूरी मस्ती में निम्मी भाभी की बड़ी-2 गुदाज चुचियों के बीच अपने बाबूराव को रगड़ रहा था….और निम्मी भाभी अपने सर को नीचे की तरफ झुकाए हुए समीर के बाबूराव के सुपाडे को देख रही थी….जो उसकी चुचियों के बीच से बाहर आता, और फिर से अंदर छुप जाता….निम्मी भाभी की चुनमुनिया की फांके समीर के लाल हो चुके बाबूराव के सुपाडे को देख कर और फुदकने लगी….

फिर निम्मी भाभी ने अपने सर को और झुका कर समीर के बाबूराव के सुपाडे को अपने होंटो से चूम लिया….समीर के बदन ने एक तेज झटका खाया….उसने अपने बाबूराव को उसकी चुचियों से बाहर निकाला और निम्मी भाभी के सर को पकड़ कर अपने बाबूराव के सुपाडे को उसके होंटो की तरफ बढ़ाने लगा….निम्मी भाभी ने अपना सर पीछे करना शुरू कर दिया….”आहह भाभी क्या हुआ चूसो ना इसे…..” निम्मी भाभी ने समीर की आँखों में वासना से भरी नज़रों से देखा और फिर सोनिया की तरफ देखते हुए बोली….”ओह्ह्ह समीर वैसे तो मेने आज तक किसी का बाबूराव मुँह में नही लिया…पर तुम्हारे बाबूराव की बात ही कुछ और है….तुम्हारे बाबूराव का स्वाद तो में ज़रूर चखूँगी….”

ये कहते हुए निम्मी ने सोनिया की तरफ देखते हुए समीर के बाबूराव को अपने होंटो में भर लिया और अपने होंटो से समीर के बाबूराव के सुपाडे को पूरे जोश के साथ चूसने लगी….सामने का नज़ारा देख सोनिया की चुनमुनिया फुदकने लगी…निम्मी भाभी अब किसी रांड़ की तरह समीर का बाबूराव चूस रही थी….समीर का आधे से ज़्यादा बाबूराव निम्मी के मुँह के अंदर बाहर हो रहा था….और उसका बाबूराव निम्मी के थूक से गीला होकर और चमकने लगा था….

फिर निम्मी भाभी ने समीर के बाबूराव को मुँह से बाहर निकाला, और अपने हाथ से हिलाते हुए सोनिया की तरफ देखते हुए, समीर के बाबूराव के सुपाडे पर अपनी जीभ बाहर निकाल कर कुरेदने लगी…और आँखों ही आँखो में सोनिया को अपने पास आने का इशारा क्या…सामने चल रहा गरम नज़ारा देख सोनिया जैसे मंत्र मुग्ध सी होकर उसके पास खिंचती चली गयी..अब सोनिया निम्मी भाभी के बिल्कुल पास घुटनों के पास बैठी हुई थी…..

निम्मी भाभी ने समीर के बाबूराव को हाथ में थामे हुए सोनिया से कहा…” ले तू भी चूस ले अपने यार का लौडा…” निम्मी भाभी की बात सुन कर सोनिया के दिल की धड़कने बढ़ गयी… और उसने ना में सर हिलाते हुए मना कर दिया….निम्मी भाभी ने मुस्कुराते हुए समीर के बाबूराव के सुपाडे के चारो तरफ अपनी जीभ को रगड़ा और बोली….”सोनिया देख ना समीर का लौडा कितना मस्त है…..तू बहुत ख़ुसनसीब है कि, तेरा यार है समीर….देख सोनिया आदमी के लंड को जितना प्यार तुम करोगी…..उतना ही उसका लंड तुम्हारी फुद्दि को ठंडक पहुँचाएगा….ले चूस ले….” और ये कहते हुए, निम्मी भाभी ने सोनिया का हाथ पकड़ समीर के बाबूराव पर रख दिया….

सोनिया अब पूरी तरह वासना से तड़प रही थी…उसने समीर के बाबूराव को अपनी मुट्ठी में भर लिया…और फिर समीर की आँखों में झाँकने लगी….जैसे समीर से पूछ रही हो अब क्या करूँ…समीर ने उसकी तरफ मुस्कुराते हुए देखा, और फिर उसके प्यारे से चेहरे को अपने दोनो हाथों में लेकर उसके होंटो को अपने बाबूराव के सुपाडे की तरफ झुकाने लगा…..सोनिया ने अपने होंटो खोल लिए, और समीर के बाबूराव को अपने होंटो में भर लिया….”ओह्ह्ह्ह सोनिया अह्ह्ह्ह” सोनिया के रसीले सर्द होंटो का स्पर्श अपने बाबूराव पर महसूस करते ही समीर एक दम से सिसक उठा…और सोनिया के सर को पकड़ कर अपने बाबूराव को उसके मुँह में धकेलने लगा…

कहानी अभी बाकी है दोस्तो

दोस्तो आप को कहानी कैसी लग रही है मुझे ज़रूर बताए मुझे आपके कमेंट्स का इंतजार रहेगा