एक औरत की दास्तान–16

निम्मी की बातें सुन कर सोनिया का दिल जोरो से धड़कने लगा Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai चुनमुनिया की फांके कुलबुलाने लगी… और ऐसे धुनकने लगी, जैसे उसकी चुनमुनिया में ही उसका दिल धड़क रहा हो….”हाए आंटी क्या खड़े खड़े ही, वो भी गोद में उठा कर…..” सोनिया ने धड़कते हुए दिल के साथ कहा…. “हां और नही तो क्या…..आज कल ये सब नये फॅशन है….” निम्मी उठ कर सोनिया के पास आकर बेड पर बैठ गयी…..”पर आंटी ऐसे खड़े होकर कैसे कर सकते है….”

निम्मी: अर्रे तूने अभी तो कुछ देखा ही नही है…..आज कल के लोग तो पता नही क्या क्या करते है…..तुम देख लोगी तो तोबा कर उठोगी……

सोनिया: क्या….पर आप ने सब कहाँ देखा….क्या अंकल भी आपके साथ…..?

निम्मी: चुप कर बदमाश एक मारूँगी हां….

सोनिया: फिर बताओ ना, अगर अंकल ऐसे नही करते तो आपको कैसे पता कि क्या क्या करते है.?

निम्मी: हाए मुई हमारी किस्मत में कहाँ ये सब….ये तो आज कल के लौन्डे लौंडिया करते है. तुम्हारे अंकल को तो देखा है ना……कितने सुस्त से रहते है..जब से उन्हे डाइयबिटीस हुई है, थोड़ा सा काम करते ही थक जाते है….साँस फूलने लग जाती है…..

सोनिया: तो फिर आप ने कहीं ना कही तो देखा होगा…….

निम्मी: अर्रे वो आती है ना ब्लू फिल्म उसमे देखा है….

सोनिया: ब्लू फिल्म वो क्या होता है…..?

निम्मी: अर्रे वही जिसमे औरतों और आदमियों को सेक्स करते दिखाया जाता है….कमाल है तुम्हे नही पता…..वरना आज कल के बच्चे तोबा….पैदा बाद में होते है, और उनको सब पहले से ही पता होता है…..

सोनिया: आपका मतलब पॉर्न मूवीस ?

निम्मी: हां वही….तूने देखी है….?

सोनिया: नही बस सुना है….स्कूल में मेरी एक फ्रेंड है. उसके घर पर कंप्यूटर है और इंटरनेट लगा हुआ है….उसने बताया था.

निम्मी: सिर्फ़ सहलियाँ ही है…या अभी तक कोई बाय्फ्रेंड भी बनाया है….?

सोनिया: (शरमाते हुए) नही आंटी जी….

निम्मी: अर्रे तू तो ऐसे शर्मा रही है……जैसे सच में तेरा कोई बाय्फ्रेंड हो…..सच-2 बता ना है क्या कोई…..? देख मुझसे क्या छुपाना………..में भी तुम्हारी सहेली जैसी हूँ….

सोनिया: नही आंटी सच में कोई नही है……

निम्मी: अच्छा चल ठीक है…..में तेरी बात मान लेती हूँ…..पर अगर कभी तेरा कोई बाय्फ्रेंड बने तो मुझे बताना…..देख जमाना बहुत खराब है…..बाहर कुछ ग़लत मत कर देना….मुझे बताना…..में तुम्हारी मदद करूँगी…..

सोनिया: सच्चा आंटी…?

निम्मी: (निम्मी को खटक गया कि, सोनिया उस से झूठ बोल रही है…..क्योंकि सोनिया मुँह से कुछ और बोल रही थी…..पर उसका चेहरा कुछ और बोल रहा था…)हां और नही तो क्या….देख हम दोनो हमेशा सहेलयों की तरह रहे है……और आगे भी ऐसे ही रहेंगे…..

सोनिया: ठीक आंटी जी……..अगर मेरे लाइफ में कोई आया तो में आपको ज़रूर बताउन्गी….

निम्मी: वैसे सोनिया जो तुम्हारे घर में नया किराए दार आया है क्या नाम है उसका ?

सोनिया: जी समीर….

निम्मी: हां समीर बहुत हॅंडसम है……तेरा क्या ख़याल है….

सोनिया: होगा मुझे उससे क्या…..?

निम्मी: नही में तो वैसे ही पूछ रही थी……..वैसे तुम तो इतनी खूबसूरत हो…..तुम्हारा जिस्म तो कयामत है……उसने तुम्हारे साथ कभी ट्राइ नही किया फ्रेंडशिप करने को…?

सोनिया: नही आंटी…….मेने उसकी तरफ कभी ध्यान ही नही दिया….

निम्मी: फिर तो तू बड़ी मासूम है…..घर में इतना जवान और हॅंडसम लड़का है…..और तू कह रही कि, तुझे उसमे कोई इंटेरेस्ट नही है….काश तेरी जगह में होती…..(निम्मी ने एक ठंडी साँस लेते हुए कहा…..)

सोनिया: अच्छा आंटी जी एक बात पुच्छू…?

निम्मी: हां बोल ना….

सोनिया: अगर वो लड़का आपसे सेट्टिंग करना चाहता हो तो क्या आप उससे कर लेंगी…?

निम्मी: (सोनिया की बात सुन कर थोड़ा हैरान हो गयी) चुप कर में तो वैसे ही बोल रही थी.

सोनिया: नही आंटी प्लीज़ सच बताए……

निम्मी: पहली बात तो ये की मेरी किस्मत ऐसी कहाँ कि, वो मुझे लाइन मारे…और दूसरी बात जब वो तेरे जैसी लड़की को देख कर तुझ पर नही लाइन मार रहा तो मेरे को खाक मारेगा….

सोनिया: ओह्ह आंटी क्यों आप में क्या बुराई है…..आप तो हमारे मोहल्ले में सबसे सुंदर औरत हो……

निम्मी: पता नही मुझे और वैसे भी वो भला मुझ पर क्यों लाइन मारने लगा…..और अगर ऐसे हुआ तो सच कहती हूँ कि में तेरी जैसी मूरख नही हूँ…..मौका हाथ से नही जाने दूँगी हाहाहा हा……

सोनिया: पर अभी तो आप कह रही थी कि, मुझे उसके साथ फ्रेंडशिप कर लेनी चाहिए…बहुत चालाक हो आप आंटी…..अब खुद की सेट्टिंग करने के बारे में सोचने लगी…..

निम्मी: देख सोनिया यार….ये जिंदगी है ना बार-2 नही मिलती…तो क्यों ना इसका ज़्यादा से ज़्यादा मज़ा लिया जाए….और वैसे भी क्या फरक पड़ता है….अगर वो मेरे साथ भी कर लेगा….

सोनिया: (काँपती हुई आवाज़ में) क्या करलेगा…..

निम्मी: सेक्स और क्या…..उसका क्या बिगड़ जाएगा…….और तेरा भी क्या बिगड़ जाएगा….अर्रे मेने ऐसी-2 ब्लू फिल्म देखी है…..जिसमे एक पत्नी अपनी बहनों के साथ अपनी पति को शेर करती है. और अपनी पति से ही अपनी बहनों को चुदवाती है….फिर वो कॉन सा तेरा पति है…..और में कॉन सी तेरी बेहन हूँ…..

सोनिया: क्या सच में होता है ऐसे……

निम्मी: चल तुझे में एक मूवी दिखाती हूँ……

ये कह कर निम्मी ने अपनी अलमारी खोली, और उसमे से एक सीडी निकाल कर सोनिया की तरफ बढ़ाई…..

सोनिया: ये ये क्या है आंटी……

निम्मी: वही जिसे तुम पॉर्न कहती हो….देखनी है तो देख लो…..में बाहर सन्नी का होम वर्क करवा कर आती हूँ….

ये कह कर निम्मी सोनिया के हाथ में सीडी थमा कर बाहर चली गयी….और हाल में सन्नी को उसके स्कूल का होम वर्क करने लगी…..सोनिया ने काँपते हुए हाथो से उस डिस्क को डीवीडी प्लेयर में और ऑर क्या…………उस डीवीडी में बहुत सारे थ्रीसम सेसेंस थी……अब सोनिया के हालत थी उसका अंदाज़ा आप भी लगा सकते होंगे….

सोनिया का अब सेक्स के लिए नज़रया बदल गया था…..नज़ाने क्यों उसके दिमाग़ में अजीब –2 तरह के ख़याल आने लगी….वो वहाँ से उठ कर अपने घर आ गयी, और आते ही अपने रूम में जाकर बेड पर लेट गयी…उसे पता नही कब नींद आ गयी…..मेने शाम को सोनिया को उसके रूम में जाकर उठाया……..”सोनिया उठो ना कब तक सोती रहोगी…” मेरी आवाज़ सुन कर सोनिया उठ कर बैठ गयी…..”टाइम कितना हुआ अम्मी…..” मेने दीवार पर लगी घड़ी पर नज़र डाली…….”5 बज गये है.

सोनिया: क्या 5 बज गये…..”अबू आ गये क्या ?

में: नही अभी नही आए….तुम उठो और मुँह हाथ धो लो में चाइ बनाती हूँ……

सोनिया उठ कर चली गयी……उसके बाद कुछ दिन ख़ास नही हुआ….पर सोनिया के जेहन में अब हर समाए चुदाई का नशा सवार रहता था……समीर से उस दिन चुदवाने के बाद अब उसे हर समय अपनी चुनमुनिया में ख़ालीपन महसूस होने लगा था…..पर में इस बात से अंजान थी…. फ़ारूक़ अब ज़्यादातर समीर के साथ ही घर वापिस आ जाते थे….और मुझे भी अब समीर के बाबूराव का ऐसा चस्का लगा था कि, मेरे दिन और रात बड़ी मुस्किल से कट रहे थे…..

फ़ारूक़ को घर वापिस आए हुए 15 दिन हो चुके थे…..समीर तो अपना मन अनुराधा और रुकमनि के साथ बाहर बहला रहा था…..पर मेरा हाल बुरा था…..और वैसा ही कुछ हाल सोनिया का भी था…..भले ही में उसकी हालत से अंजान थी…..पर अब मुझे उसके चेहरे पर किसी चीज़ की कमी होने का अहसास होने लगा था……घर पर मुझे भी मौका नही मिल रहा था. इस दौरान एक ऐसी घटना हुई, जिसने फिर से हमारी ज़िंदगियों को बदल दिया….अनुराधा और रुक्मणी के अचानक से ट्रान्स्फर हो गये…….दोनो की पोस्टिंग अब लखनऊ में हो गयी थी……

क्योंकि अब अनुराधा और रुक्मणी दोनो समीर की जिंदगी से दूर जा चुकी थी….इसलिए समीर भी अब चूत के लिए बेचैन रहने लगा था…..पर घर पर फ़ारूक़ की माजूदगी में वो भी कुछ कर नही पा रहा था……पर पिछले कुछ दिनो में में फिर से नोटीस करने लगी थी कि, समीर अब पहले की तरह मुझमे फिर से इंटेरेस्ट लेने लगा था…..वो कोई ऐसा मौका नही छोड़ता था……..जब में अकेली होती……वो कभी मुझे अकेले में पाकर बाहों में जाकड़ लेता. तो कभी मेरी सलवार के ऊपेर से मेरी फुद्दि को मसल देता….उसका ऐसा करना मेरे जिस्म की आग को और बढ़ा रहा था……..

दूसरी एक और घटना घटी….जिसने मेरे सोचने का नज़रया ही बदल दिया…..एक दिन मुझे किसी काम से निम्मी भाभी के घर जाना पड़ा….सुबह 11 बजे का समय था….फ़ारूक़ और समीर दोनो जॉब के लिए निकल चुके थे……और सोनिया भी स्कूल गयी हुई थी….निम्मी भाभी एक दिन पहले मेरे घर आई थी…उन्होने नई नये सलवार कमीज़ खरीदे थे….और मुझे उसका डिजाइन बहुत पसनद आया था….मेने सोचा क्यों ना सोनिया के लिए भी ऐसे ही एक ड्रेस खुद सिला लाउ…..मेने घर का काम निपटाया, और अपने घर को बाहर से लॉक कर निम्मी भाभी के घर की तरफ गयी….जैसे ही में निम्मी भाभी के घर के बाहर पहुँची, तो देखा उनके घर का मेन गेट हल्का सा खुला हुआ था……

जो कि अक्सर बंद रहता था अंदर से. क्योंकि उनके पति के जॉब पर और उनके बेटे सन्नी के स्कूल जाने के बाद वो घर में अकेली होती थी…..इसलिए वो हमेशा डोर को अंदर से लॉक करके रखती थी…..इसलिए में बिना कुछ बोले अंदर चली गयी…..अंदर एक दम सन्नाटा पसरा हुआ था….उनके बेडरूम से कुछ आवाज़ आ रही थी…..निम्मी भाभी की ख़ुसनूमा आवाज़ सुन कर में उनके बेड रूम की ओर बढ़ी……और जैसे ही में उनके बेडरूम के डोर के पास पहुँची तो,

मेरी आँखें फटी की फटी रह गयी……निम्मी भाभी कंप्यूटर टेबल पर झुकी हुई थी….और उन्होने अपनी मॅक्सी को अपनी गान्ड तक उठा रखा था…. उनकी वाइट कलर की कॉटन पैंटी उनकी जाँघो तक उतरी हुई थी……और एक लड़का जो मुस्किल से *** साल का था….उनके पीछे खड़ा हुआ था….उस लड़के का बाबूराव निम्मी भाबी की गोरी फुद्दि के लिप्स के दर्मियान फुद्दी में अंदर बाहर हो रहा था……और उस लड़के ने निम्मी भाभी के चुतड़ों को दोनो तरफ से पकड़ा हुआ था….जिन्हे वो बुरी तरहा से मसल रहा था…..तभी निम्मी भाभी की मस्ती से भरपूर आवाज़ पूरे रूम में गूँज उठी…..

निम्मी: अह्ह्ह्ह आकाश ओह्ह्ह आह मुझे काम करना है……एक बार काम निपटा लेने दो फिर आराम से कर लेना जो करना है……

आकाश: आहह मासी मुझे सबर नही होता….में क्या करूँ…..जब भी आपकी मटकती गान्ड देखता हूँ, तो मेरा लौडा खड़ा हो जाता है….और सन्नी भी 2 बजे स्कूल से आ जाएगा मुझे आपकी फुद्दि मारने दो ना……आप ने तो कल मौसा जी से चुदवा लिया था ना…..

निम्मी: वो क्या खाक चोदता है मेरे राजा….उनका बाबूराव तो ठीक से खड़ा भी नही होता… मुझे तो तेरे जवान बाबूराव की लत लग गयी है…बस में आधे घंटे में काम ख़तम कर लूँगी फिर जितनी देर करना हो कर लेना……

पुर रूम में फॅक-2 जैसी आवाज़ गूँज रही थी….निम्मी भाभी सिर्फ़ ऊपेर से मना कर रही थी…..वो पूरी मस्ती में थी…..और अपनी गान्ड को पीछे की तरफ धकेल कर आकाश के बाबूराव पर पटक रही थी……तभी अचानक से मेरा हाथ बेड रूम के डोर से टकरा गया….आवाज़ सुन कर दोनो एक दम से चोंक गये…..जैसे ही निम्मी भाभी ने मुझे डोर पर खड़ा देखा. उनके चेहरे का रंग एक दम से उड़ गया……उस लड़के की हालत और भी पतली हो गयी….उसने जल्दी से अपने बाबूराव को बाहर निकाला, और अटेच बाथ रूम में घुस गया….निम्मी भाभी ने जल्दी से अपनी पैंटी ऊपेर की और अपनी मॅक्सी को ठीक किया……

निम्मी: रुखसाना तुम तुम कब आई……

और फिर वो मेरे पास आई और मेरा हाथ पकड़ कर मुझे ड्रॉयिंग रूम में ले गयी…और मुझे सोफे पर बैठाया……वो कुछ बोलना चाह रही थी…..पर शायद निम्मी भाभी को समझ नही आ रहा था कि, वो मुझसे क्या कहें….कैसे अपनी सफाई दें….

.”ये सब क्या है निम्मी भाभी….” मेने निम्मी भाभी के चेहरे की ओर देखते हुए कहा……

निम्मी: रुखसाना यार किसी को बताना नही…..में तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूँ…..तुम्हारे पाँव पड़ती हूँ…….वरना में कही की नही रहूंगी…..मेरा घर बर्बाद हो जाएगा…….प्लीज़ किसी को बताना नही…..तुम्हे सन्नी का वास्ता है……में बर्बाद हो जाउन्गी, अगर ये बात किसी को पता चली……

में: (निम्मी भाभी के हाथ को अपने हाथों में लेकर तसल्ली देते हुए) भाभी आप घबराओ नही. में नही बताती किसी को……पर ये सब है क्या……और वो लड़का कॉन है……..

निम्मी: में बताती हूँ….तुम्हे सब बताती हूँ……पर ये बात किसी को बताना नही…..तुम अभी अपने घर जाओ…..में थोड़ी देर में तुम्हारे घर आती हूँ……

निम्मी भाभी की बात सुन कर में बिना कुछ बोले वहाँ से उठ कर अपने घर आ गयी……और आते ही अपने रूम में बेड पर लेट गयी……थोड़ी देर पहले जो नज़ारा मेने देखा था…..वो बहुत ही गरम और उतेजक था…..एक **** साल का लड़का एक 35 साल की औरत को पीछे से उसके चुतड़ों से पकड़े हुए चोद रहा था….और निम्मी भाभी भी मस्ती में आकर अपनी गान्ड उसके बाबूराव पर पटक रही थी…..मेरा बुरा हाल था….चुनमुनिया में अंदर तक सनसनाहट हो रही थी…और चुनमुनिया से पानी बह कर बाहर आकर मेरी पैंटी को भिगो रहा था…….

कहानी अभी बाकी है दोस्तो

दोस्तो आप को कहानी कैसी लग रही है मुझे ज़रूर बताए मुझे आपके कमेंट्स का इंतजार रहेगा