एक औरत की दास्तान–14

सोनिया की आँखे मस्ती में बंद हो चुकी थी Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai उसने सिसकते हुए दोनो हाथ से समीर के सर को पकड़ लिया….और उसके फेस को पीछे करने की नाकाम कॉसिश करने लगी…सोनिया की चुनमुनिया में तेज सरसराहट और मस्ती की लहरें दौड़ने लगी…..चुनमुनिया फक फक करने लगी….आख़िर कार उसने चुनमुनिया की आग के आगे हथियार डाल दिए…और बुरी तरह काँपते सीसियाते हुए, पीछे की तरफ लेट गयी….सोनिया की कमर अब उसके काबू में नही थी….रह रह कर उसकी कमर झटके खाती, और उसकी गान्ड ऊपेर की और उछल जाती….चुनमुनिया से रसीला रस बह बह कर बाहर आने लगा..

अब आगे………….

समीर ने सोनिया की चुनमुनिया को चूस्ते हुए, उसकी शर्ट में क़ैद दोनो कबूतरों को पकड़ लिया, और धीरे-2 मसलने लगा….सोनिया ने एक दम से अपने हाथ समीर के हाथों के ऊपेर रख लिए. पर समीर नही रुका….उसने सोनिया की शर्ट के बटन एक-2 करके खोलने शुरू कर दिए….

.”सीईईई उमनघह सीईइ मत करईए नाआअ मुझीए कुछ हो रहा है….” सोनिया ने सिसकते हुए समीर को हटाने के लिए कहा……और फिर जैसे ही समीर ने सोनिया की शर्ट के बटन खोले, समीर ने उसकी ब्रा के कप्स को पकड़ कर ऊपेर उठा दिया…..सोनिया की 32 साइज़ की मोटी और कसी हुई चुचियाँ उछल कर बाहर आ गयी….एक दम सख़्त और तनी हुई चुचि पर हाथ लगते ही सोनिया फिर से सिसकारियाँ भरने लगी……

समीर ने अपना मुँह सोनिया की चुनमुनिया से हटाया…..और ऊपेर की ओर आते हुए, सोनिया के राइट साइड के मम्मे को मुँह में भर लिया….और उसके निपल को होंटो और जीभ से चुलबुलाने लगा….. सोनिया का बुरा हाल हो रहा था….सोनिया का पूरा जिस्म आग की तरह तपने लगा था…..समीर अपने नीचे कुवारि लौंडिया के एक दम तने हुए मॅमन को देख कर पागल सा हो गया था. वो जितना अपने मुँह में उसकी चुचियों को भर सकता था….उतना भर कर ज़ोर-2 से उसके मम्मों को चूसने लगा…….

समीर ने देखा कि, अब सोनिया पूरी तरह से गरम हो चुकी है…..उसने उसकी चुनमुनिया से मुँह हटाया, और सोनिया की जाँघो के बीच में घुटनो के बल बैठ गया….उसने सोनिया की चिकनी टाँगों को अपने कंधो पर चढ़ाया…..और अपने बाबूराव का मोटा सुपाडा उसकी चुनमुनिया की फांको के बीच में दो तीन बार रगड़ा….जैसे ही सोनिया को अपनी चुनमुनिया के छेद पर समीर के बाबूराव का गरम सुपाडे के स्पर्श का अहसास हुआ, सोनिया बुरी तरह से मचल उठी…..इससे पहले कि सोनिया कुछ कर पाती……समीर ने सोनिया के कंधो को पकड़ कर अपने बाबूराव को ज़ोर से सोनिया की चुनमुनिया पर दबा दिया….गच की आवाज़ से समीर के बाबूराव का मोटा सुपाडा सोनिया की कुँवारी चुनमुनिया को फाड़ता हुआ अंदर जा घुसा…..

इतना मोटा बाबूराव का मोटा सुपाडा जैसे ही सोनिया की चुनमुनिया की सील को तोड़ता हुआ अंदर घुसा दर्द के मारे सोनिया एक दम से तड़प उठी….उसकी साँसे अटक गयी….मुँह ऐसे खुल गया…..जैसे उसकी साँस बंद हो गयी हों…..आँखे एक दम से पथरा गयी…..”घच-गच” फिर से दो बार और ये आवाज़ आई, और साथ ही समीर का पूरा का पूरा बाबूराव सोनिया की चुनमुनिया की गहराइयों में उतर गया…”अहह अम्मी ओह” सोनिया एक दम से चिल्ला उठी….

पर अगले ही पल समीर ने झुक कर सोनिया के रसीले नाज़ुक गुलाब की पंखुड़ियों जैसे होंटो को अपने होंटो में भर लिया….और उसके होंटो को अपने दाँतों से हलका सा चबाते हुए, चूसना शुरू कर दिया…..कुँवारी जवान लौंडिया के होन्ट और चुनमुनिया दोनो का पा कर समीर एक दम मस्त हो चुका था….”बस मेरी जान बॅस हो गया…..” समीर ने ये कहते हुए, फिर से सोनिया के होंटो को चूसना शुरू कर दिया…..ताकि वो चीख भी ना सके….और फिर अपने मोटे मुन्सल जैसे बाबूराव को अंदर बाहर करने लगा…..सोनिया ने दर्द के मारे समीर के कंधो पर अपने नाख़ून गढ़ा दिए…..पर समीर को कोई फरक नही पड़ा….वो अपने मुन्सल जैसे बाबूराव को उस कुँवारी कली की चुनमुनिया में पागलो की तरह पेलने लगा…..

समीर ना रुका…..पर सोनिया का दर्द अब धीरे-2 कम होने लगा था….उसकी चुनमुनिया अब फिर से पानी छोड़ने लगी थी….बाबूराव के सुपाडे की टाइट चुनमुनिया की दीवारो पर हर रगड़ सोनिया को जन्नत की ओर लेजाने लगी….5 मिनिट बाद ही सोनिया ने मस्ती में आकर सिसकना शुरू कर दिया…और वो भी धीरे-2 अपनी गान्ड को ऊपेर की और उछालने लगी…..ये देख समीर ने उसकी टाँगों को अपने कंधो के ऊपेर से उतारा, और अपना बाबूराव बाहर निकाल कर एक झटके में उसे कुतिया की तरह घुटनो पर कर दिया….और फिर पीछे से अपना मुन्सल बाबूराव उसकी चुनमुनिया में पेल दिया. और फिर क्या था….समीर के जबरदस्त झटको से उसका बाबूराव सोनिया की चुनमुनिया के अंदर बाहर होने लगा.

समीर की मांसल जाँघ सोनिया के चुतड़ों से टकरा कर थप-थप की आवाज़ करने लगी….समीर ने अपना बाबूराव अंदर बाहर करते हुए, सोनिया के दोनो चुतड़ों को फेला दिया. और उसकी चुनमुनिया के पानी से भीगे उसकी गान्ड के छेद को अपनी उंगली से कुरेदने लगा…..सोनिया का पूरा जिस्म एक दम से कांप गया….चुदवाने में इतना मज़ा आता है…ये आज सोनिया को पता चल रहा था….और वो भी सिसकते हुए, समीर के बाबूराव को अपनी चुनमुनिया की गहराइयों में महसूस कर रही थी….सोनिया का पूरा बदन ऐंठने लगा था….उसे अपने बदन का सारा खून चुनमुनिया में इकट्ठा होता हुआ महसूस होने लगा…..”ओह्ह्ह्ह समीर ईए मुझे क्या कर दियाअ आप ने स हाई में पागल ओह्ह्ह्ह समीर……”

समीर: क्यों क्या हुआ मेरी रानी….मज़ा नही आ रहा…..

सोनिया: अहह सीईइ उंह उंघह बहुत आ रहा है…….

समीर: और मारू क्या ?

सोनिया: ह्म्‍म्म्ममम

समीर ने अपने झटको की रफ़्तार और बढ़ा दी…..अब समीर का बाबूराव सोनिया की टाइट चुनमुनिया में पूरी रफतार से अंदर बाहर हो रहा था….और फिर सोनिया का बदन एक दम अकड़ने लगा….चुनमुनिया का सैलाब बाहर ज़लज़ला बन कर बह निकला…..और उसका पूरा बदन झटके खाते हुए झड़ने लगा. समीर भी टाइट चुनमुनिया में ज़्यादा देर नही टिक पाया….और उसकी चुनमुनिया के अंदर ही उसके बाबूराव ने वीर्य की बोछार कर दी……

सोनिया झड़ने के बाद बुरी तरह हाँफ रही थी…..समीर ने जैसे ही अपना बाबूराव सोनिया की चुनमुनिया से बाहर निकाला, सोनिया आगे की तरफ लूड़क कर उस तिरपाल पर लेट गयी…और गहरी साँसे लेने लगी…..समीर कुछ देर वैसे ही घुटनो के बल बैठा रहा….और सोनिया के नरम और मांसल चुतड़ों को सहलाता रहा….जब सोनिया की साँसे कुछ दुरस्त हुई, तो उसे अहसास हुआ, कि ये उसने क्या कर दिया है…..जो भी हुआ वो नही होना चाहिए था…..पर अब बहुत देर हो चुकी थी…..जैसे ही उसे अपने चुतड़ों पर समीर के हाथ का स्पर्श महसूस हुआ, तो वो उठ कर बैठ गयी….उसने एक बार समीर की तरफ देखा, और फिर नीचे अपनी जाँघो में देखा, तो वो एक दम से घबरा गयी……

उसकी चुनमुनिया की फांके उसकी चुनमुनिया के गाढ़े पानी और समीर के वीर्य और खून से सनी हुई थी….खून के कुछ धब्बे उस तिरपाल पर लगे हुए थे….सोनिया ये सब देख कर घबरा गयी. और उसकी घबराहट को समीर एक पल में समझ गया…..”घबराओ नही….पहली बार ऐसा होता है….अब खून नही आएगा….इसे सॉफ कर लो…..”

सोनिया: ये आप ने ठीक नही किया समीर…..

समीर: अर्रे क्यों घबरा रही हो मेरे जान…..यही तो जवानी के मज़े लूटने का समय है. में तुम्हारा ख़याल रखूँगा ना….चलो इसे सॉफ कर लो……

सोनिया: किससे से करूँ…..?

समीर ने सोनिया की पैंटी उठाई, और उसी से अपना बाबूराव सॉफ करने लगा…ये देख सोनिया एक दम से बोल पड़ी…..”अब में क्या पहनूँगी…..” समीर ने हंसते हुए अपने बाबूराव को सॉफ किया, और फिर वो पैंटी सोनिया की तरफ बढ़ा दी, और बोला…..”क्यों स्कर्ट तो है ना….किसी को नही पता चलता….में तुम्हे घर वाली गली के बाहर छोड़ दूँगा….वहाँ से तुम पैदल चली जाना.”

सोनिया ने सर झुकाए हुए समीर के हाथ से पैंटी ली, और अपनी चुनमुनिया और जाँघो को ठीक से सॉफ किया…..सोनिया उसके सामने बेहद शरमा रही थी…..

सोनिया की गोरी चिकनी जाँघ और चुनमुनिया देख कर एक बार फिर से समीर का बाबूराव झटके खाने लगा था. उसने अभी तक अंडरवेर और पेंट नही पहनी हुई थी…..समीर का बाबूराव फिर से खड़ा होने लगा था….तभी अचानक सोनिया की नज़र समीर के झटके खा रहे बाबूराव पर गयी…जिसे देखते ही उसके दिल की धड़कने फिर से बढ़ने लगी…..सोनिया एक दम से घबराते हुए खड़ी हो गयी…..और थोड़ा आगे चल कर अपनी स्कर्ट को ठीक करने के बाद, अपनी शर्ट के बटन बंद करने लगी……समीर सोनिया की स्कर्ट में मटकते हुए उसके गोलमटोल चुतड़ों को देख कर पागल हो उठा….उसने जल्दी से अपनी अंडरवेर और पेंट पहनी, पर उसे जाँघो तक चढ़ा कर छोड़ दिया…और फिर अपनी पेंट को पकड़ कर सोनिया के ठीक पीछे आकर खड़ा हो गया…

कहानी अभी बाकी है दोस्तो

दोस्तो आप को कहानी कैसी लग रही है मुझे ज़रूर बताए मुझे आपके कमेंट्स का इंतजार रहे