एक औरत की दास्तान–12

उस दिन जब दोनो बाइक पर निकले, तो सोनिया के दिमाग़ में उस शाम की बातें घूम रही थी. Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai जब समीर ने उससे कहा था कि, उसके क्लास के लड़के उसे देख कर गंदे-2 कॉमेंट्स कर रहे थे….सोनिया जवानी की दहलीज पर खड़ी थी….और गंदा वर्ड भी उसे अंदर तक हिला जाता था….सोनिया ने समीर की बाइक पर पीछे बैठे हुए कहा…..”उस दिन आप ने ये क्यों कहा था कि, वो लड़के जो भी मेरे बारे में गंदे कॉमेंट्स कर रहे थे….वो सही हैं….क्या में आपको ऐसी लड़की लगती हूँ…..”

समीर: नही मेरा मतलब वो नही था….

सोनिया: तो फिर आपका मतलब क्या था…..अगर कोई बोले कि में एक चालू लड़की हूँ तो आप सच मान लोगे…..

समीर: नही बिल्कुल नही….में किसी की कही हुई बातों पर यकीन नही करता….

सोनिया: फिर आप ने क्यों कहा कि, वो लड़के जो भी कह रहे थी सच कह रहे थे…

समीर: हां सच कह रहे थे…वो तुम्हारे जिस्म के बारे में कुछ ग़लत वर्ड्स यूज़ कर रहे थे….पर उन्होने जो भी तुम्हारे फिगर के बारे में कहा एक दम सच कहा था….

सोनिया समीर की बात सुन कर बुरी तरह शरमा गयी….दोनो में कुछ देर कोई भी कुछ ना बोला…..सोनिया का दिल जोरो से धड़क रहा था….उसका मन बार-2 गुदगुदा रहा था…..”वैसे क्या बोल रहे थे वो कमीने मेरे बारे में….” सोनिया का दिल अब समीर से अपने बारे में सुनने को बेचैन होता जा रहा था…

.”वो कमीने जो भी बोल रहे थे, उसे छोड़ो में नही बता सकता”

सोनिया: क्यों…..?

समीर: क्यों कि इस तरह तो में भी कमीना हुआ ना…?

सोनिया: आप क्यों मेने आप को थोड़े ही ना कहा है……

समीर: कहा तो नही पर मुझे उनकी बातें सही लगी…..अगर तुम सुनोगी तो तुम्हे लगेगा कि में भी उनकी तरह ही कमीना हूँ….क्योंकि में भी उनके बातों को सच मानता हूँ….

सोनिया: तोबा में आपको ऐसा नही कह सकती…..

समीर: चलो छोड़ो सब…तुम्ह ख़ामाखाँ परेशान होगी……

सोनिया: नही एक बार पता तो चले वो हरामजादे कह क्या रहे थे…..

समीर: अभी नही….अभी तुम्हारा स्कूल आने वाला है……

थोड़ी देर बाद सोनिया का स्कूल आ गया……सोनिया ने एक बार समीर की तरफ देख कर स्माइल की, और फिर स्कूल की तरफ जाने लगी…..”सोनिया तुम्हारा स्कूल ऑफ कितने बजे होता है…..”

सोनिया ने समीर की तरफ मूड कर देखा और बोली…..”2:30 बजे……क्यों……”

समीर ने एक बार गहरी साँस ली, और फिर हिम्मत करते हुए बोला….”मेरे साथ घूमने चलो गी…..”

जैसे ही समीर ने सोनिया से ये बात कही…..सोनिया के दिल धड़कने बढ़ गयी…..आज तक सोनिया ने किसी लड़के की तरफ आँख भी उठा कर नही देखा था….”बोला ना चलो गी….”

सोनिया: (नर्वस होते हुए) अगर अम्मी को पता चला तो…..

समीर: नही पता चलेगा….तुम 12 बजे छुट्टी लेकर आ सकती हो……

सोनिया ने हां में सर हिला दिया……”पक्का ना घर पर तो किसी को पता नही चलेगा…..” सोनिया तो खुद ही समीर के साथ समय बिताने को बेताब थी…..पर शरम हया और घर मर्यादाएँ अभी तक उसे बाँधे हुए थे…..और सोनिया अब जब कि उसके सपनो का शहज़ादा उसे खुद साथ में चलने को कह रहा था, तो वो भला कैसे मना कर सकती थी….”

सोनिया: ठीक है में 12 बजे आ जाउन्गी….

समीर: स्कूल में क्या बोलोगी…..

सोनिया: कह दूँगी कि तबीयत ठीक नही है…..

उसके बाद समीर स्टेशन पर आ गया….समीर ने 11 बजे तक वहाँ काम किया, और फिर वो उठ कर अनुराधा के पास चला गया…..”आओ समीर बाबू…बैठो….कैसे हो ?

समीर: में ठीक हूँ…..अनुराधा जी मेरा एक काम करेंगी…..?

अनुराधा: समीर बाबू आपके लिए तो जान भी हाज़िर है…बोलिए क्या काम है..?

समीर: अनु मुझे आज बहुत ज़रूरी काम है…और मुझे थोड़ी देर बाद निकलना है, क्या तुम मेरे जाने के बाद टिकेट काउंटर संभाल लोगी…..

अनुराधा: हां-2 क्यों नही….ये भी कोई बात है…..अर्रे आप जान माँग लो गे तो वो भी हम हंसते हुए देदेंगे…..

उसके बाद समीर 11:30 पर आजमल से लीव लेकर सोनिया के स्कूल की ओर चल पड़ा….

समीर ठीक 12 बजे सोनिया के स्कूल के बाहर पहुँच गया…थोड़ी देर वेट करने के बाद उसे सोनिया स्कूल से बाहर आती हुई नज़र आई, सोनिया ने स्कूल के गेट से बाहर आकर एक रिक्शे वाले को रोका और उस पर बैठ गयी…..समीर सोच में पड़ गया कि, आख़िर माजरा है क्या…..जैसे ही रिक्शा चला, सोनिया ने उसे इशारा किया…..समीर ने उस रिक्शे वाले के पीछे अपनी बाइक लगा दी…..थोड़ी दूर जाने के बाद रिक्शा रुक गया, समीर ने भी थोड़े फँसले पर अपनी बाइक रोक ली….सोनिया ने रिक्शे वाले को पैसे दिए….और रिक्शे वाला चला गया….समीर ने अपनी बाइक सोनिया के सामने जाकर रोक दी….सोनिया बिना कुछ बोले उसके पीछे बैठ गयी…

समीर ने बाइक चलाई……पर समीर को समझ नही आ रहा था कि, वो सोनिया को लेकर कहाँ जाए. “ कहाँ चले….” समीर ने आगे रास्ते पर देखते हुए कहा……

.”कही भी जहाँ आप का दिल करे वहाँ ले चलिए”

समीर: तुम्हे कोई ऐसे जगह पता है…..जहाँ पर हम दोनो अकेले कुछ देर तक बातें कर सकें.

सोनिया का दिल समीर की बातें सुन कर मचलने लगा…..सोनिया की कई सहेलियाँ थी…. जो अपने बाय्फ्रेंड के किस्से उसे सुनाया करती थी, कि कैसे उसके बाय्फ्रेंड ने उसे बाहों में भरा कैसे उसे किस की, कहाँ-2 हाथ लगाया….ये सब बातें सुन सुन कर सोनिया का दिल भी मचलने लगता था….पर सोनिया अपने ख़ूसट बाप फ़ारूक़ से डरती थी…..और ख़ास्स्तोर पर बदनामी के डर से भी वो लड़को से दूर ही रहती थी…..

सोनिया: जी पता नही ……पर मेरी एक सहेली ने बताया था कि, सहर के हाइवे पर एक बहुत बड़ा नॅशनल पार्क है…..जंगल टाइप है….पर बहुत सारे लोग वहाँ घूमने जाते है…..

समीर: तो फिर वहाँ चले…..

सोनिया: जी…..

दोनो थोड़ी देर में ही शहर से बाहर आ चुके थे….रास्ता एक दम वीराना था…..और कुछ आगे जाने पर वो उस जंगल में पहुँच गये…..जैसे ही वो उस जंगल में पहुँचे, तो वहाँ समीर को एक बाइक स्टॅंड नज़र आया….उसने सोनिया को नीचे उतरने के लिए कहा….सोनिया नीचे उतरी, और समीर बाइक पार्क करने के लिए स्टॅंड में चला गया…..जैसे ही वो बाइक स्टॅंड पर पहुँचा तो उससे वाहा उसका एक क्लास मेट मिल गया…..उसने समीर को देखते ही पहचान लिया…उसका नाम रवि था…..

रवि: (समीर को पीछे से आवाज़ लगाता है) अर्रे समीर तुम यहाँ ?

समीर: (घूम कर रवि को देखते हुए) अर्रे रवि तुम यहाँ पर क्या कर रहे हो ?

रवि: कुछ नही यार, मुझे यहाँ पर पार्किंग का ठेका मिला है…..बस यही अपनी रोज़ी रोटी है. और तू सुना तू यहाँ क्या कर रहा है….

समीर: यार मुझे रेलवे में जॉब मिल गयी है….और मेरे पोस्टिंग इसी शहर में है….

रवि: यार ये तो बहुत अच्छी बात है कि तुझे गवर्नमेंट जॉब मिल गये हैं…..और फिर पार्क में घूमने आए हो……

समीर: हां यार आज फ्री था….सोचा चलो घूम आउ….

रवि: अकेले हो या कोई और भी साथ में है……

समीर: हां यार मेरी फ्रेंड है साथ में….

रवि: ओह्ह हो नौकरी और छोकरी…..यार तुझे ये दोनो बड़ी जल्दी मिल गये…..भाई यहाँ पर घूमना तक तो ठीक है….पर ध्यान रखना यार पार्क में हर समय गार्ड गश्त करते रहते है..यहाँ पर फॅमिलीस आती है….इसलिए यहाँ पर वो बहुत सख्ती बरतते है……

समीर: ओह्ह अच्छा….यार फिर तू किस दिन काम आएगा….

रवि: ह्म्म बेटा में तेरी बात समझ गया….चल तू भी क्या याद करेगा…..तू इस पार्किंग के पीछे वाले रास्ते से चले जाना…..यहाँ से और कोई नही जाता….आगे जाकर काफ़ी घना जंगल है. वहाँ पर कोई नही होता….

समीर: थॅंक्स यार…..

रवि: इट्स ओके यार दोस्त हो इतना तो तुम्हारे लिए कर ही सकता हूँ….

उसके बाद समीर ने बाइक पार्क की, और सोनिया को इशारे से आने के लिए कहा…..फिर वो सोनिया को लेकर रवि के बताए हुए रास्ते पर जाने लगा…..सोनिया उसके पीछे चलते हुए थोड़ा-2 घबरा भी रही थी….वो इस तरह पहली बार किसी लड़के के साथ अकेली थी…वो भी स्कूल बंक करके आई थी….एक और उसके दिल में समीर के साथ समय बिताने की लालसा भरी हुई थी, और दूसरी ओर उसे ये डर सता रहा था कि, ये बात उसके घर में किसी को पता ना चल जाए.

दोनो 10 मिनिट तक बिना कुछ बोले चलते रहे……अंदर के तरफ जंगल घना होता जा रहा था….थोड़ी दूर और चलने पर दोनो को एक बेंच दिखाई दी….समीर उसके ऊपेर जाकर बैठ गया….सोनिया भी साथ में ही बैठ गयी…..थोड़ी देर दोनो खामोश बैठे रहे….दोनो में से कोई बात नही कर रहा था…..सोनिया इधर उधर देख रही थी…..जैसे अपना ध्यान किसी बात से हटाने की कॉसिश कर रही हो…..पर एक जवान लड़की, जब किसी जवान लड़के के साथ ऐसे सुनसान माहॉल में हो तो, उसके दिल में कुछ-2 होने लगता है……

सोनिया: अब तो आप बता ही सकते हो….

समीर: क्या…..?

सोनिया: वो मेरे बारे में क्या कह रहे थे……?

समीर: छोड़ो तुम्हे बुरा लगेगा….

सोनिया: नही में बुरा नही मानती…..

समीर: देख लो मुझसे बाद में नाराज़ मत होना…..

सोनिया: नही होती…..

समीर: वो कह रहे थे कि तुम्हारे वहाँ पर बहुत चर्बी चढ़ गयी है……

सोनिया: मेरी चरबी और कहाँ……?

समीर: अब में तुम्हे कैसे कहूँ….तुम बुरा मान जाओगी…..

सोनिया: में क्यों आपका बुरा मानूँगी….आप ने थोड़े ही ना कुछ कहा….

समीर की बात सुन कर सोनिया को कुछ अंदाज़ा तो हो ही गया था…..और उसका दिल धड़क -2 करने लगा था….

”वो तुम्हारी गान्ड पर” समीर ने जानबूज कर झेंपने का नाटक करते हुए कहा…

.”क्या “ सोनिया एक दम से चोंक उठी….उसे नही पता था, कि समीर ऐसी वर्डिंग यूज़ करेगा…..

”हां वो कह रहे थे कि, तुम्हारी गान्ड पर बहुत चर्बी चढ़ गयी है…”

ये बात सुनते ही, सोनिया का चेहरा लाल सुर्ख हो गया….उसने अपनी नज़ारे झुकाते हुए समीर को कहा….”आप को तो ऐसे बोलने में शरम आनी चाहाए…वो तो है हीं कमीने”

समीर: देखा मेने कहा था ना, तुम बुरा मान जाओगी. में इसी लिए तुम्हे नही बता रहा था. ठीक है अब में ऐसी बात नही करता……

सोनिया: (थोड़ी देर चुप रहने के बाद) मेने ये नही कहा, कि आप ग़लत बोल रहे हो….पर आप ऐसी वर्डिंग यूज़ तो ना करें…..

समीर: अब मुझे जैसी वर्डिंग आती है, वैसे ही बोलूँगा ना….अगर तुम नही सुनना चाहती तो में नही बोलता…..

सोनिया समीर की बात सुन कर चुप हो गयी…अपनी गान्ड पर चर्बी चढ़ने का ही सुन कर उसका दिल गुदगुदा उठा था….दिल बार -2 समीर के मुँह से अपने बारे में सुनने के लिए गुदगुदा रहा था…..”अच्छा सॉरी…..में ही ग़लत हूँ….” सोनिया ने समीर के गुस्से से भरे चेहरे को देखते हुए कहा…..”अच्छा क्या आप की कोई गर्लफ्रेंड है….” सोनिया ने समीर की और देखते हुए बड़ी लालसा से पूछा….और धड़कते हुए दिल के साथ उसके जवाब का इंतजार करने लगी…..

समीर भी अपने दिमाग़ के घोड़ो को तेज़ी से दौड़ा रहा था, कि वो सोनिया को क्या जवाब दे. ऐसा जवाब जिसे वो मुर्गी खुद ब खुद ही कटने को तैयार हो जाए…..

सोनिया: क्या हुआ, मेने कुछ ग़लत पूछ लिया क्या ?

समीर: नही ऐसी बात नही है…..अब तुम्हे क्या बताऊ…..अगर मानो तो है भी और ना मानो तो नही है….

सोनिया: मतलब में कुछ समझी नही….

समीर: हां मेरी गर्लफ्रेंड है……पर वो सिर्फ़ मेरी नही है….?

सोनिया: (हैरान होते हुए) ये कैसे हो सकता है…कि आपकी गर्लफ्रेंड किसी और की भी गर्लफ्रेंड हो ?

समीर: गर्लफ्रेंड नही वो किसी की पत्नी है…..

सोनिया: क्या आप का चक्कर एक शादी शुदा औरत के साथ है….

समीर: हम दोनो के बीच में कोई कमिट्मेंट्स नही थी….और वैसे भी मैं अब उससे नही मिलता….उसे अपने जिस्म की ज़रूरत और मुझे अपने जिस्म की पूरा करने का हम एक दूसरे के लिए ज़रिया भर थे…इससे से ज़यादा कुछ नही…तब में नादान था…..इसलिए में बिना कुछ सोचे समझे इतना आगे बढ़ गया…….

सोनिया को तो जैसे अपनी सपनो की दुनियाँ मे आग में जलती हुई नज़र आने लगी…..पर समीर का जादू सोनिया के सर पर इस क़दर चढ़ा हुआ था कि, वो समीर को खोना नही छठी थी…. इसलिए उसने आख़िर कॉसिश करते हुए पूछा….”और अब उससे नही मिलते”

समीर: नही……

सोनिया: और कोई गर्लफ्रेंड नही बनाई……

समीर: नही….

सोनिया के दिल को समीर की ये बात सुन कर थोड़ी तसल्ली हुई….इसका मतलब समीर ने नादानी में सेक्स किया था….उसे उस औरत के साथ प्यार व्यार नही था…”अच्छा छोड़ो ये सब बातें….अब आप बताओ कि वो कमीने मेरे बारे में और क्या कह रहे थे…..”