उम्मीद से कहीं ज्यादा

सभी चुनमुनिया रीडर्स को मेरे खड़े लंड का नमस्कार दोस्तो मैने चुनमुनिया पर बहुत सी Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai कहानियाँ पढ़ी है और ऐसी मस्त कहानियाँ मुझे बहुत कम पढ़ने को मिली है . इसीलिए मेरा मन भी किया कि मैं भी अपनी कहानी यहाँ पोस्ट करूँ . दोस्तो ये कहानी डॉली की है जिसके साथ मुझे उम्मीद से ज़्यादा शारीरिक सुख प्राप्त हुआ था .

डॉली हमारे ऑफिस में मार्केटिंग में थी और उसका भरा हुआ शरीर उसकी खासियत था लेकिन न जाने क्यों उसे दुबला होने की धुन सवार थी, एक दिन जब वो ऑफिस आई तो काफी थकी हुई लग रही थी. मैंने पूछा तो बोली “जिम में थका देने वाला वर्क आउट और ये डाइटिंग मुझे परेशान कर रही है”. मैंने उसे कहा “जिम और डाइटिंग की बजाए तुम्हे संतुलित खाना और योग तरी करना चाहिए और वैसे भी तुम्हे दुबला होने की क्या ज़रुरत है तुम ऐसे ही बहुत सुन्दर दिखती हो” ये सुन कर वो शरमा गई और बोली “हाँ लेकिन मैं जिसके लिए सुन्दर दिखना चाहती हूँ उसे दुबली लडकियाँ ही पसंद हैं”.

ये सुनकर कि उसे कोई और पसंद है मुझे थोडा धक्का लगा क्यूंकि मैं डॉली का इतना दीवाना था की बस पूछो ही मत, लंच के बाद जब मैं बाहर सिगरेट पीने जा रहा था तो डॉली भी वहां से निकली और मेरे साथ ही आ कर खड़ी हो गई. मैंने उस से कुछ भी नहीं पूछा लेकिन वो धीरे धीरे मुस्कुराते हुए हमारे बॉस राज शर्मा की तारीफें करने लगी, डॉली राज शर्मा की दीवानी थी और राज शर्मा को ललिता पसंद थी जिसका फिगर किसी हीरोइन से कम नहीं था. मैंने डॉली को समझाने की कोशिश की लेकिन उसे समझ नहीं आया और उलटे वो मुझे ही समझाने लगी.

थोड़े दिन और ऐसे ही चला लेकिन एक दिन ऑफिस की एक पार्टी में डॉली ने राज शर्मा को डांस के लिए कहा तो उसने टॉयलेट जाने का बहाना कर लिया और फिर जा कर ललिता के साथ डांस करने लगा. डॉली बार टेबल पर गई और बेक टू बेक तीन ड्रिंक पी गई, मैंने उसे ऐसा करते देख लिया था इसलिए मैं उसके पास पहुँचा और बातें करने लगा. हम दोनों ने एक और ड्रिंक लिया और पूल के पास बैठ गए. बातें करते करते मैंने डॉली को बताया कि मैं उसे किस हद तक पसंद करता हूँ और उसका ये कर्वी फिगर मुझे कितना पागल कर देता है, डॉली जोर जोर से हँसने लगी और बोली “तुम बुद्धू हो, तुम्हे और कोई मोडले जैसी लड़की मिल जाएगी” तो मैने उसके चेहरे के करीब अपना चेहरा ले जा कर कहा “मुझे तुम्हारे आगे कोई मॉडल नहीं चाहिए, सिर्फ तुम चाहिए हो डॉली”.

डॉली ने मेरा चेरा अपने हाथों में थाम लिया और मेरे होठों का एक कसकर चुम्मा ले लिया, मैंने भी उसकी कमर पकड़ कर उसके होठों को चूम लिया तो उसने कहा “यू मिस्टर आर अ गुड किसर”. मैं शर्मा गया था लेकिन उसकी मादक खुशबु मुझे उसके करीब ही रखे हुए थी, डॉली ने कहा “यहाँ लोग हमें देख लेंगे” तो मैंने बोला “चिंता क्यूँ करती हो आज के इस इवेंट के लिए जो मैंने मेनेजर को फेवर किया है उसके लिए मुझे कुछ फायदा मिला है लेट्स एनकैश इट”. डॉली ने मेरे गाल पर चपत लगा कर कहा “यू नॉटी लिटिल बास्टर्ड” तो मैंने भी उसकी नाक पर किस कर के कहा “यू लवली लिटिल एंजेल”, डॉली ने एक बार फिर मेरे होठों को चूमा और हम दोनों होटल में चले गए जहाँ मैं मेनेजर से रूम की चाबी ली और फिर रूम में जाने के लिए लिफ्ट में चले गए.

मेनेजर ने मुझे मेरे फेवर के बदले में पाँचवी फ्लोर पर रॉयल सुइट दिया था जिसे अब मैं डॉली के साथ एन्जॉय करने वाला था, डॉली मेरे इस जुगाड़ से काफी इम्प्रेस्ड थी और पूरे रस्ते लिफ्ट में भी मेरे गले से चिपकी रही. रूम में जा कर मैंने मैने बार से एक वाइन की बोतल निकाल ली तो डॉली बोली “ओ हीरो ये मिनी बार है इस से महंगी पड़ेगी” तो मैंने कहा “तुम चिंता मत करो, मेनेजर देख लेगा आखिर इतना बड़ा धंधा दिलवाया मैंने उसे”. हम दोनों रॉयल सुइट में बेफिक्रे हो कर वाइन पी रहे थे और टी वी देख रहे थे कि डॉली ने मुझसे कहा “इतने ऊपर हम टी वी देखने आए हैं”, मैंने तुरंत ही उसका इशारा समझा और उसके चेहरे पर अपनी ऊँगली रख के धीरे धीरे फेरते हुए पहले फॉरहेड फिर नाक आँखों होठों पर फिराया.

जैसे ही मेरी ऊँगली डॉली के होठों तक पहुँची उसने मेरी ऊँगली को सेक्सी तरीके से अपने मुंह में ले कर चूस लिया, मेरा पूरा बदन गनगना उठा और मेरा लंड अपने पूरे जोश में सलामी देने लगा. डॉली ने मेरे लंड के उठते हुए सर को सहलाया तो लंड पूरा खड़ा हो कर जीन्स से लडाई करने लगा, ये देख कर डॉली बहुत खुश हुई थी की इस डील में उसे लंड भी बराबर का मोटा और लम्बा मिल रहा है. वो मेरी जीन्स के ऊपर से ही मेरे लंड पर हाथ फेर रही थी और मेरे होठों को चूस रही थी, मैंने उसके भरे पूरे चुचों पर अपने हाथ फिराना और फिर निप्प्ल्स को बाहर से ही सहलाना शुरू किया तो डॉली की सिसकी निकल गई.

डॉली ने मुझसे कहा “तुम्हे ये अच्छे लगते हैं” तो मैंने कहा “तुम्हारा पूरा जिस्म ही कमाल का है डॉली और ये तुम्हारे बड़े बड़े चुचे तो इस जिस्म की जान हैं” ये सुनकर डॉली बहुत खुश हुई और “आई लव यू” बोल कर मेरे सीने से लग गई. मैंने डॉली की पीठ और गांड को सहलाना शुरू किया जो की काफी भरी हुई और गद्दीदार थी, डॉली ने एक बार फिर मुझे कहा “तुम सच में मुझे इतना पसंद करते हो या सिर्फ मेरे साथ सेक्स करना चाहते थे इसलिए बोल दिया” तो मैंने कहा “देखो डॉली सिर्फ सेक्स तो नहीं करना चाहता था लेकिन हाँ तुम्हारे इस कमाल के जिस्म को एप्रिशिएट करते हुए तुम्हारी इस खुबसूरत जवानी से खेलना ज़रूर चाहता हूँ और जहाँ तक रहा पसंद करने का सवाल तो सच कहूँ तो अगर तुम्हारे घर वाले कुछ ना कहें तो मैं तुमसे शादी भी कर लूँगा इतना पसंद करता हूँ”.

डॉली ने कहा “देखो शादी तक तो मैंने सोचा नहीं है लेकिन हाँ तुम जिस तरह से मेरे जिस्म को प्यार कर रहे हो तो उतना ही प्यार मैं तुम्हारे जिस्म को भी देना चाहती हूँ. इसलिए इस वक़्त सिर्फ उस चीज़ पर ध्यान लगाओ जिसके लिए हम दोनों तरस रहे हैं”. मैंने डॉली का कहा माना और उसके पूरे जिस्म पर से एक एक कर के मैंने सब कपडे हटा दिए, जोया का मलाईदार भरा हुआ जिस्म इतना गोरा चिट्टा और दूधिया था की मन किया खा ही जाऊं, मैंने उसके फॉरहेड पर अपने होंठ रखे तो उसके आँसू निकल आए. उसके आँसू ज़मीन पर गिरें उस से पहले ही मैंने अपने होठों से उन आंसुओं को गालों पर ही रोक लिया और जोर से चुम्मा भी ले लिया. मेरी इस हरकत से डॉली मुस्कुरा कर मुझसे लिपट गई.

मैंने डॉली के छाती पर अपना हाथ रख कर उसे बेड के पास ले जा कर उसे बेड पर लिटा दिया और फिर उसके पूरे जिस्म को हौले हौले चूमने लगा जिस से डॉली की सिसकारियाँ निकलने लगीं. मैं गया और वाइन की बोतल उठा लाया और एक सिप लेकर डॉली को किस करते हुए उसके मुंह में छोड़ दी जिसे वो गटागट पी गई, अब मैंने डॉली के मुंह में वाइन भरी और अपनी जीभ को उसके में में ले जा कर वाइन लिक करने लगा तो डॉली ने मुझे अपनी तरफ खींचा और पास लिटा कर वो वाइन मेरे मुंह में छोड़ दी जिसे मैं पी गया. थोड़ी देर ऐसे ही होठों और जीभ से खेलने के बाद मैंने थोड़ी सी वाइन उसके गज़ब के बूम्भाट चुचों पर उड़ेली और चाटने लगा, डॉली मेरे इस खेल का बढ़ बढ़ के मज़ा ले रही थी और कहती जा रही थी “यू आर फ़किंग ओसम, कीप लिकिंग माय बूब्स, इन्हें चाटो इनसे खेलो बाईट देम”.

मैं जमकर डॉली के चुचों को चूस रहा था उनसे खेल रहा था उन्हें दबा रहा था, डॉली एक्साइटमेंट में बावली हुई जा रही थी और चिल्ला रही थी “यू आर टू गुड, कीप डूइंग इट” मैंने भी अपना काम जारी रखा फिर मुझे एक आईडिया आया और मैंने मैने बार से एक चॉकलेट निकाल कर उसे माइक्रोवेव में थोडा नर्म किया और पूरी चॉकलेट पिघला कर डॉली के चुचों पर मल दिया और अब उन चुचों पर लगी चॉकलेट को चाटने लगा. एक तो गरम गुनगुनी चॉकलेट और उसपर मेरी जीभ का स्पर्श पा कर डॉली उन्मादी हो रही थी और मेरे बाल खींच रही थी.

मैंने डॉली के चुचे चाट चाट कर पूरी तरह साफ़ कर दिए तो वो बोली “यू आर सिम्पली ओसम, नाउ प्लीज़ गिव मी योर डिक इ वांट टू मेक यू हैप्पी” ये कह कर उसने मेरी जीन्स और अंडर वियर एक झटके में उतार दी और मेरे लंड को देख कर बोली “ये तो मेरी सोच से ज्यादा बड़ा निकला” बस इतना कह कर उसने मेरा लंड गप्प से अपने मुंह में ले लिया और हिला हिला कर मेरे लंड को चूसने लगी, डॉली मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा सेक्सी निकली और उसने मेरे लंड की मलाई हिला हिला कर चूसने में ख़त्म कर दी और जैसे ही मेरा माल निकला उसने अपने चुचों पर मसल लिया.

मैंने डॉली को कहा “लेट्स गेट फ्रेश एंड स्टार्ट अफ्रेश” तो पहले उसने खुद को साफ किया और फिर मैंने हम दोनों ने और वाइन पी और फिर मैंने डॉली को ले कर बालकनी में गया जहाँ हम दोनों ने सिर्फ बेडशीट लपेट रखी थी. मैंने डॉली के पीछे था और उसे कसकर पकड़ रखा था, उसकी खुशबु से मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया तो बोली “अब जब ये मूड में आ ही गया है तो मैं तुम्हे कुछ कमाल दिखाती हूँ” ये कह कर डॉली बेड पर लेट गई और अपनी कमर उठाकर उसने अपने दोनों पैर सर के पीछे पहुंचा दिए जिस से उसकी चुनमुनिया जिस पर बाल ट्रिम किए हुए थे खूबसूरती से एक दम ऊपर आ गयी और साफ़ नज़र आने लगी.

मैं बेड पर चढ़ा और डॉली की गरमा गरम नर्म गुदगुदी चुनमुनिया में अपना लंड पेल दिया जिस से उसकी चीख निकल गई अब मैंने धीरे धीरे उसकी चुनमुनिया में अपना लंड अन्दर बाहर करना शुरू किया, मैं डॉली को थोड़ी देर इसी पोजीशन में चोदता रहा और फिर मैंने उसे सीधा लिटा कर उसकी लेफ्ट टांग को ऊँचा उठा कर एक दफे और अपना लंड अन्दर पेल दिया. डॉली मोटी होने के बावजूद इतनी फ्लेक्सिबल थी की बस पूछो ही मत और साथ ही शायद उसका स्टैमिना भी अच्छा था क्यूंकि इतनी अच्छी तरह चोदने के बाद भी वो नहीं झड़ी. डॉली ने मुझे कहा “तुम मुझे उस बड़े शीशे के सामने ले जा कर पीछे से डालोगे” तो मेरी बाँछें खिल गई क्यूंकि ये मेरी सबसे बड़ी सेक्स फेंटेसी थी.

मैंने बिलकुल वैसा ही किया, डॉली के दोनों हाथ शीशे की फ्रेम को पकडे हुए थे और मेरे दोनों हाथ उसके चुचों पर थे. मैंने उसके कंधे पर काटा और अपना लंड उसकी चुनमुनिया में घुसा कर एक दमदार झटका लगाया तो डॉली ने कहा “उफ्फ्फ तुम नहीं मानोगे, मेरी चुनमुनिया का चौराहा मत बना देना” मैंने हँसकर कहा “तुम हो ही इतनी सेक्सी की तुम्हे चोदने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता”. वो मुस्कुराई और बोली “मैं चाहती बभी नहीं की तुम कोई कसर छोड़ो” मैंने फिर से धक्के लगाने शुरू किए और उसके चुचों को मसलने लगा, डॉली मेरा इस पूरी सेक्स क्रिया में आगे बढ़ कर साथ दे रही थी और अपनी अदाओं से मुझे लूट रही थी. .

हम दोनों ने एक कमाल के धक्के के साथ अपना अपना काम पूरा किया और मैंने तुरंत अपने लंड को बाहर निकाल कर सारा माल डॉली की चिकनी गांड पर छोड़ दिया, ये देख कर उसने कहा “यू आर अ स्मार्ट बॉय, यू नो की कब और कहाँ विथड्रा करना है”. डॉली ने पास रखे टिश्यू पेपर के बॉक्स में नसे टिश्यू ले कर अपनी गांड साफ़ की और मेरे साथ बेड पर लेट गई, मैंने डॉली से कहा “यू आर थे गर्ल ऑफ़ माय ड्रीम्स, मुझसे शादी कर लो” तो उसने कहा “देखो हम दोनों का धर्म अलग है और मेरे घर वाले थोड़े ऑर्थोडॉक्स हैं हो सकता है तुम्हारे भी हों इसलिए लेट्स मेक लव एंड क्रिएट नो वॉर” मैंने भी उसकी बात समझते हुए उसे ज्यादा फ़ोर्स नहीं किया. डॉली की शादी से पहले मेरे घर वालों ने मेरी शादी कर दी लेकिन मैंने और डॉली ने अपने जिस्मानी रिश्ते पर इसका कोई असर नहीं आने दिया और आज भी हम अपना ये जिस्मानी रिश्ता कायम रखे हुए हैं.

मित्रो आपको ये कहानी कैसी लगी अपने विचार ज़रूर प्रकट करें . आपका साथ मिला तो मैं अपनी और भी कहानियाँ लेकर आउन्गा . धन्यवाद