अनजान इंडियन लड़की से दोस्ती का चुदाई रूपी फल

अनजान इंडियन लड़की से दोस्ती का चुदाई रूपी फल Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai

आज मैं पांडू आपको एक ऐसी इंडियन लड़की की कहानी सुनाने जा रहा हूँ जिसे उसके मिलने तक न जानता था न ही पहचानता था और बस उससे मुलाक़ात जब हुई थी जब वो मेरे मौहल्ले की दूकान से कुछ समान खरदीने आई थी | हालांकि मैंने उस वक्त उससे बता नहीं की पर जब वो जा रही थी तो उसका ऑफिस का पहचान कार्ड गिर गया | मैंने देखा और फ़ौरन उसे देने की कोशिश तो देखा की वो ऑटो में बैठकर चली गयी | मैंने सोचा क्या करूँ पर तभी देखा की पीछे उसका मोबाईल नंबर लिखा हुआ था | मैंने अब पहले छेढ़खानी के मुड से उससे चैट करना चालू कर दिया मेसेज में और वो भी कुछ नखरे मारती हुई किसी अजनबी से यानी मुझसे बात करनी चालू कर दी |

मैंने उससे नत यह नहीं बताया की मेरे पास उसका पहचान कार्ड है जहाँ से मुझसे उसका मोबाईल नम्बर मिला | अब हम एक महीने तक रोज पर फोन पर बात किया करते था और वो मुझे पट भी चुकी थी या शायद टाईम पास कर रही थी मुझे नहीं पता पर मुझे तो बस जिस्म की ही भूक थी | मैंने उससे एक दिन मिलने को कहा जिसपर वो मिलने आई और फिर पहली मुलकात पर मिलने पर मैंने सब असलियत बता दी की मुझे उसका नम्बर मिला कहाँ से मिला था. . .!! अब वो मुझसे काफी दिलचस्पी लगाकर बातें करने लगती थी और हम कभी रोमांटिक तो कभी फोन पर कामुक बातें भी किया करते थे |

मैं ज्यादा ही तन गया तो एक दन उसे मेरे घर में मिलने को कहा और वो फिर से कुछ नखरे जताती हुई आ ही गयी | हम बातों बातों में एक दूसरे करीब आते चले गए जहाँ मैंने उसकी जांघ पर अपनी उँगलियाँ फिराते हुए रोमांस की शुरुआत की की और पल में ही उसके होंठ पर होठ रख को चूसने लगा | इतन किस्सा हुआ की की उसने अपने सभी कपडे खुद ही उतार फेंके और मैंने भी | अब मैं उसकी सुहानी चुत को मलते हुए चुचों को खूब दबा – दबा कर चूस रहा था | मैं धीरे धीरे बेचैन होता जा रहा था और अब अपना लंड उसकी चूत पर टिकाया और जोर से धक्का मारने लगा | अब तो वो भी अपनी कमर को आगे – पीछे कर कर चुदवाने लगी |

मैं अब तक उस इंडियन लड़की चुत पर अपने धक्कों का इतना जोर आजमा रहा था की उसकी चुत में धन्जियाँ उड़ चुकी थी और उसकी चींखें निकल रही थी | मैं और मग्न होता गया और अपने लंड के कस – कसके झटके मारे और उसकी ताज़ी सिसकियाँ मेरा दिल बहला रहीं थी | मैंने ठान ली थी अगर अपने मुठ की फुव्वार छोडनी है तो इसकी चुत में नहीं इसके मुंह में छोडूंगा और जब वो मेरे स्खलित होने का समय आया तो मैंने झट से लंड को इसके मुंह में धकेल दिया जिसपर यह मेरे सुपाडे पर अपनी जीभ लेहलहा रही थी और मैं गुदगुदी में में झड पड़ा | इस अनजान इंडियन लड़की से हुई दोस्ती का मुझे चुदाई रूपी फल चूका था |