अकाउंटेंट फिर से चुद गई

अकाउंटेंट फिर से चुद गई Hindi Sex Stories Antarvasna Kamukta Sex Kahani Indian Sex Chudai

अपनी प्रीवियस स्टोरी “अकाउंटेंट की चुदाई” में मैंने बताया था, कि कैसे मेरी अकाउंटेंट शर्मीला (नाम चेंज) ने रात में मेरा फायदा उठाया. उस रात करीब ३ से ४ बार, मैंने उसकी चुदाई की थी और जब सुबह उठे, तो देखा कि उसकी चूत फूली हुई थी.

उसपर स्वेल्लिंग आई हुई थी. सुबह एक बार और मैंने उसकी नहाते हुए ताबड़तोड़ चुदाई कर दी थी. अब उससे चला भी नहीं जा रहा था. उसको चलने में भी कठिनाई हो रही थी. तो मैंने उससे कहा, कि अगर ऐसे में घर जाओगी; तो घर पर सबको शक हो जाएगा, कि उस रात उसके साथ कुछ हुआ था. मैंने उससे कहा, कि अपने घर फ़ोन कर दे. बता दे,कि सर अभी घर नहीं आये है. उनका फ़ोन आया था, कि वो लगभग १२ बजे दोपहर तक ही आ पाएंगे. और अगर वो १२ बजे आफ्टर नून तक आते है, तो मैंने शाम को अकाउंट का काम करके ही शाम को वापस आ पाऊँगी. उसने ऐसा ही किया, फिर हमने खाना बनाया और खाया और खूब मस्ती की. शाम को लगभग ६ बजे, मैं उसको खुद उसके घर पर ड्राप कर आया. उसे घर पर ड्राप करके, लगभग १० बजे मैं

स्टेशन गया. मेरी बीवी वापस आ रही थी और मैंने अपनी बीवी को रिसीव किया और उसकी चूत में लंड डालकर सो गया. अगली सुबह जब शर्मीला घर पर आई, तो मैंने उससे पूछा, कि घर पर कोई बात तो नहीं हुई?

तो उसने कन्फर्म किया, कि नहीं. सिर्फ आज उसकी मम्मी ने सुबह पूछा था, कि तेरी चाल कैसे बदली हुई है. तो उसने उनको झूठ बोल दिया, कि रात को उसके पैर में सोते हुए नाच्का आ गया थी. उसके पैर में दर्द होने की वजह से उसकी चल बदली हुई है. फिर उसकी मम्मी ने कुछ भी नहीं कहा. फिर हमने ४-५ दिन कुछ भी नहीं किया; क्योंकि, मेरी वाइफ घर पर ही थी. बस मौका पाकर मैं उसके चूचो पर और चुतड पर हाथ जरुर फेर लिया करता था. एकदिन, जब वो मेरे घर पर आई, तो उसने मेरी वाइफ से कहा – मैडम, अगर आप बुरा नहीं मानो. तो एक बाद पुछु? मेरी वाइफ ने कहा – हाँ शर्मीला, बता क्या बात है?

शर्मीला – मैडम वो एक्चुअली, आज खेत में डालने के लिए फ़र्टिलाइज़र की २ बोरियां घर लेकर जानी थी. मम्मी ने कहा, कि दोपहर तक पंहुचा देना. लेबर आ जायेगी और वो खेत में डाल देगी. बट मैडम, मैंने परचेज तो कर ली है. अकेले घर तक नहीं ले जा पाऊँगी. अगर आप, सर को कह दे. तो वो कार से दोनों बोरियां घर तक छोड़ दे.

मैं ये सारी बातें सुन रहा था. मेरे तो मन में लड्डू फुट गये. मैंने सोचा कि शायद शर्मीला ने आज कोई बहाना बनाया है और वो आज मुझे अपने घर लेकर जाकर मुझसे चुदेगी. एक्स्सितेमेंट में मेरा लंड खड़ा हो गया. तभी मेरी वाइफ ने मुझे आवाज़ डी और वो स्लिप मुझे देते हुए कहने लगी, कि ये आप ये काम कर दीजिये और ब्रीफ में मुझे सारा काम बता दिया.उसने मुझे जाने को कहा और शर्मीला को अपने पास ही किसी काम के लिए रोक लिया. मेरे मन के लड्डू गायब हो गये. मेरे अरमानो पर पानी ही फिर चूका था और मेरा दिल ही टूट चूका था. मैंने भी अपनी वाइफ की बात ना टालते हुए.. अपनी कार स्टार्ट की और उस शॉप से दोनों बोरी कार में डलवाई और कार सीधी शर्मीला के घर लगा दी. घर पर उसकी मम्मी ही अकेली थी. अंकल खेत पर गये हुए थे, पड़ोस के दो लडको ने आकर गाड़ी से बोरियां अनलोड की और चले गये. फिर मैं अपनी गाड़ी की ओर बढ़ा, तो शर्मीला की मम्मी ने मुझे आवाज़ दी और मुझे चाय के लिए इनविटेशन दिया.

मैंने मना करने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं मानी और चाय बनाते हुए मुझसे बातें करने लगी. बातो ही बातो में उन्होंने मुझसे कहा – आपने शर्मीला के साथ ऐसा क्यों किया? मेरी तो गांड ही फट गयी. मेरे पैरो के तले के नीचे से जमीन ही खिसक गयी. फिर मैंने अपने हाव- भाव सँभालते हुए कहा, कि मैंने क्या किया? तो उन्होंने मुझे कहा, कि आप मुझसे झूठ नहीं बोल सकते. मैं एक माँ हु. सब कुछ अच्छी तरह से समझती हु. जिस रात को वो आपके यहाँ रुकी थी और अगली शाम को घर आई थी. मैं उसकी चाल देखकर तभी समझ गयी थी. मैं कोई पागल नहीं हु. उनकी आवाज़ में एक रुडनेस थी. अब तक वो चाय लेकर मेरे सामने आ चुकी थी और उनके चेहरे पर गुस्से के भाव थे. उन्होंने कहा, कि उनकी बेटी उनसे झूठ तो बोल ही चुकी है और उन्हें मुझसे झूठ की कोई उम्मीद ही नहीं है. ऐसा बोलकर वो मेरे पास ही आकर बैठ गयी. टी मेरे गले से उतर ही नहीं पा रही थी. उनके चेहरे पर गुस्सा साफ़ रूप से झलक रहा था.

पहले मैंने उन्होंने सॉरी बोला और फिर चाय पीते हुए सारी की सारी स्टोरी उन्हें अपने नार्मल शब्दों में बताने लगा. मैं उन्हें बता रहा था, कि पहले उनकी लड़की ने क्या किया और फिर मेरे गरम होने कारण, मुझसे ऐसा हो गया. स्टोरी बताते हुए, मैंने एक बार नज़र ऊपर- नीचे करके उनको देखा. तो मैं हैरान रह गया. उनके गाल लाल हो चुके थे. वो अपने तीथ से अपने लिप्स को काट रही थी और उनकी हार्टबीट उनके उछलते हुए चुचे से साफ़ महसूस हो रही थी, कि हार्टबीट बहुत तेज हो चुकी थी. उनकी उनकी कंडीशन देखकर, मैं एकदम भांप गया. कि मेरी स्टोरी सुनकर वो उतेजित हो चुकी है. मेरी आवाज़ बंद होते ही, उनका ध्यान टुटा और उन्होंने मेरी तरफ उतेजना से भरी हुई निगाहों से देखा. मैंने चाय का खाली कप उनकी तरफ बढा दिया. उन्होंने चाय का कप मेरे हाथो से ले लिया और कप लेते वक्त उन्होंने अपनी हथेलियों से मेरे हाथो को काफी देर तक दबाकर रखा. और फिर मेरी तरफ देखते हुए, कप अन्दर लेकर चली गयी.

जब वो वापस आई, तो उनके एक्सप्रेशन नार्मल थे. आते ही उन्होंने मुझे फटकारते हुए लहजे में कहा – सर, आप पर भरोसा करके हमने शर्मीला को आपके पास भेजा था. और अपने उस विश्वास का ये सिला दिया? अगर शर्मीला के पापा को या आपकी मैडम को ये बात पता लगी, तो उनपर क्या बीतेगी? ये सुनते ही, मेरा चेहरा सफ़ेद पड़ गया. अब मुझे काटो तो खून नहीं. मैंने आंटी को कहा – सॉरी आंटी, जो होना था..सो हो चूका है. मैं अपनी गलती महसूस करता हु. सिचुएशन के हिसाब से मैं बहक गया था. मुझे माफ़ कर दीजिये. और आप प्लीज अंकल या मेरी वाइफ को मत बताइयेगा.नहीं तो बहुत तकलीफ होगी. ऐसा कहते हुए, मैं अपने दोनों हाथ जोड़कर उनके आगे गर्दन झुकाकर खड़ा हो गया. उन्होंने मेरे जुड़े हुए हाथो को अपने हाथो में पकड़कर कहा – ठीक है, नहीं बताउंगी, क्योंकि गलती मेरी लड़की की भी है. मगर मेरी एक शर्त है? मैंने उनकी ओर गिडगिडाते हुए स्वर में कहा – मुझे आपकी सभी शर्ते मंजूर है.

बताये, मेरे लिए क्या प्रश्च्यित है? तो उन्होंने मेरे पास आते हुए कहा, कि जैसे मैंने उनकी बेटी की चुदाई की है. वैसे ही उनकी भी ताबड़तोड़ चुदाई करनी पड़ेगी. मैं तो मानो एकदम गहरी नीद से जागा. मुझे अपने कानो पर विश्वास नहीं हो रहा था. इससे पहले, मैं कुछ समझ पता. वो मेरे गले से लिपट चुकी थी और एक हाथ से उन्होंने पेंट के ऊपर से ही मेरे लंड को अपनी मुट्ठी में कैद कर लिया. मैंने भी सिचुएशन को भांपते हुए, उन्हें अपनी बाहों में भर लिया. अपने होठो से उनके होठो को लॉक कर लिया. मैं बड़ी ही गहराई से उनकी जीभ और होठ चूस रहा था. मैं बड़ी जोर- जोर से उसकी जीभ और होठ चूस रहा था. लगभग २० मिनट तक उसके होठो को चूसने के मुझे महसूस हुआ, कि उसके होठो से खून आ रहा था. मैंने अपने होठो से उनकी लिप्स हटाकर देखते ही उनसे कहा, कि आपके होठो से खून निकल रहा है.

तो उन्होंने मुझसे अलग होकर रूम के गेट को लॉक करते हुए रिप्लाई किया, कि यही बात तो तुम्हारी मुझे इम्प्रेस कर गयी और इसी वजह से तुम पकडे गये हो. मैं हैरान था. मैंने कहा – मैं कुछ समझा नहीं? उन्होंने मुझे कहा, कि शायद वो अपनी लड़की के झूठ पर यकीन कर लेती. अगर उनका ध्यान उसके होठो पर ना गया होता. तब मुझे ध्यान आया, कि शर्मीला के होठो से भी किस के समय खून आ गया था. जिससे उसके होठो पर कट का निशान रह गया था. अब आंटी ने मूझे जोर से पकड़ लिया और मुझसे चिपकते हुए मुझे बेड धक्का दे दिया. उन्होंने मेरी पेंट को खोलकर साइड में फेंक दिया और अब मेरे जॉकी के ऊपर से ही मेरे लंड से खेलने लगी और कभी उसके ऊपर हाथ फेरती और कभी लिप से उसके पकड़कर किस करती.फिर उन्होंने, मेरे जॉकी को भी उतार फेंका. मेरा ७ इंच लम्बा मोटा लंड देखकर उनकी आँखों में चमक सी आ गयी.

फिर उन्होंने देर ना करते हुए, मेरे लंड को अपने मुह में भर लिया और पोर्न मूवी की एक्ट्रेस की तरह चूसने लगी. उसके लंड को चूसने के तरीके से नहीं लग रहा था, कि वो एक विलेज की लेडी है. ऐसा लग रहा था, कि उसे लंड चूसने का बहुत एक्सपीरियंस है. मैं तो अब सातवे आसमान में था. क्योंकि, ये वही लंड चुसाई का सुख है, जो कभी बीवी से आसानी से नहीं मिलता. सभी मैरिड रीडर्स मेरी बात समझते होंगे. अब वो पूरी मस्ती से मेरा लंड जोरो से चूस रही थी और मैं बेड पर लेटा हुआ, उनके मम्मे जो लगभग ३४ साइज़ के होंगे, को दबा रहा था. तक़रीबन २० मिनट तक लंड चूसने के बाद, उन्होंने अपना मुह मेरे लंड से हटाया और पूछा, कि क्या बात है? स्टे टाइमिंग बहुत अच्छा है आपका? आपके अंकल तो ३ मिनट में ही मुह में पिचकारी मार देते है. आपका चूसते- चूसते तो मेरा मुह ही दुःख गया.

और इतना कहते ही वो उठकर खड़ी हो गयी और उन्होंने अपने सारे कपड़े उतार कर सीधा मेरे खड़े लंड को अपनी चूत का निशाना बनाकर मेरे लंड पर बैठने की कोशिश करने लगी. मैंने उनको ठोकते हुए कहा – मुझे भी चूमने और चाटने का मौका दीजिये. उन्होंने कहा – अब उनसे और इंतज़ार नहीं हो रहा है. वो मेरी कुतुबमीनार को अपनी चूत में उतारना चाहती है. और इतना कहते ही, उन्होंने मेरे लंड का सुपाडा अपनी चूत के मुह पर सेट किया और धीरे- धीरे बैठने लगी. अब मेरे लंड का सुपाडा उनकी चूत के अन्दर जा चूका था. और इसी के साथ एक कामुकता भरी चीखने की दबी- दबी आवाज़ आई – ऊऊऊईईई माँआआआअ…. अहहहहह्ह्ह्हह्ह स्स्सस्स्स्सस्स्सईईईईईइ. और एक लम्बी सिसकारी के साथ वो मेरे लंड पर बैठती ही चली गयी. मेरा लगभग पूरा लंड उसकी चूत में उतर चूका था, तो वो एकदम से उचकने की कोशिश करने लगी. पर मैंने अपने दोनों हाथो से उनके उरोज कसकर दबा दिए और उनके वापस लंड पर ही बैठा दिया.

और मेरा पूरा लौड़ा एक झटके के साथ पूरी गहराई तक उनकी चूत में उतर गया. मुझे भी महसूस हुआ, कि मेरे लंड का टोपा कहीं टकरा रहा है. उनके मुह से जोर की आवाज़ आई – ऊऊऊउ ऊऊऊईईई माँआआआआआ…. मरर्र्र्रर्र्र्रर्रर्ररर्रर्ररर्र्रर्र्र गयीईईईईईइ. गगागागागागा म्मम्मम्म हहहहः अहहहः. वो मेरे ऊपर बैठी हुई अपनी आँखे बंद करके ऐसे ही सिस्कारिया भर रही थी. थोड़ी देर, यू ही रुकने के बाद, उन्होंने जोर- जोर से मेरे लंड पर उछलना शुरू कर दिया. लगभग ५-७ झटके लेते ही वो झड़ गयी. उनकी चूत से गरम- गरम लावा बाहर निकला, जो मुझे अपनी झांटो और थाई पर भी महसूस हुआ. उनका शरीर ढीला पड़ गया. अब मैंने नीचे से कमर उठाकर उन्हें चोदना शुरू किया. मैंने अपनी बाहे उनकी कमर में डाल दी और उनकी फर्राटेदार चुदाई शुरू कर दी.

वो मोअनिंग कर रही थी अहहहहः अहहहहौऊऊऊ ऊऊउईईईईईईई ईइह्हिहिहिहिह ओहोहोह्ह्ह्हह अहहः म्मम्मम्मम आआआऐईईईईऊऊऊऊओ…. ओह्ह्ह्हह गॉडद्द्द्दद्द्फ़…. और जोर से… जोर से चोदो… मज़ा आ रहा है. और मज़ा दो मुझे अहहहहाहः अहहहः. फाड़ दो मेरी चूत. मुझे भी मेरी बेटी के जैसे बना दो. बिलकुल वैसी ही मस्त चुदाई करो मेरी. मैं भी वैसे ही चलना चाहती हु, जैसे वो चल रही थी. सुजा डालो मेरी भी चूत…अमममममामा मामामामा मस्त चोदो… अआज्ज्ज्ज मम्म मेरे राजा… हहहः… सर मस्त चोदो मुझे. लगभग ४० मिनट की कमरतोड़ चुदाई के बाद, मैं भी झड़ने को हुआ और मैंने उनको कहा – कि मैं आने वाला हु. उन्होंने कहा – मेरी चूत को भी फर्तिलिज़र की जरूरत है… काफी सुखी पड़ी है.

मैंने १०-१५ ताबड़तोड़ शॉट के साथ उनकी चूत के अन्दर ही अपना पानी छोड़ दिया और ढीला होकर कमर को आराम देने के मूड से नीचे ही लेटा रहा. आंटी कभी मेरे माथे पर चूमती, तो कभी मेरी छाती पर. मेरा लंड अब भी उनकी चूत के अन्दर ही था. लगभग १० मिनट तक यू ही लेटे रहने के बाद वो उठी और अपनी चूत से लंड को निकाला और अपने मुह में भर लिया और फिर से चूसने लगी. तभी अचानक से उनके घर का लैंडलाइन फ़ोन बजा. उन्होंने कॉल रिसीव किया. कॉल सुनते ही उन्होंने अपने कपड़े पहने और कहा कि अंकल खेत से घर आ रहे है खाना खाने के लिए. मैंने भी फटाफट अपने कपड़े पहन लिए और नार्मल होकर चेयर पर बैठ गया. आंटी ने बिस्तर, अपने बाल, कपड़े और सामान सब ठीक किया और किचन में अंकल के लिए रोटी सेंकने लगी. फिर अंकल से नार्मल मिलने के बाद, मैंने अपने घर चले आया. पर किसी औरत को ना चूसने और ना चाटने के कारण, मैं सोचता रहा कि उसने मुझे चोदा या मैंने उसे?